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Panipat News: उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ आस्था के महापर्व का किया पारण
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छठ मैया के पूजन पर लगा मेला। असंध रोड थर्मल रजवाहे पर पूजन करती महिलाएं। संवाद
पानीपत। छठ पर पूर्वांचल समाज के लोगों ने शुक्रवार को उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देकर चार दिवसीय महापर्व का समापन हो गया। परिवार में सुख व समृद्धि की कामना को लेकर करीब 70 हजार लोगों ने सूर्य को अर्घ्य दिया। इनके साथ विभिन्न घाटों पर करीब तीन लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान जताया गया है। असंध रोड थर्मल और गोहाना रोड एनएफएल रजवाहे, ड्रेन नंबर-टू, सनौली घाट यमुना व ऑफिसर कॉलोनी समालखा में बड़े स्तर पर आयोजन किए गए। पूर्वांचल के लोगों ने छठी मैया से सुख व समृद्धि की प्रार्थना की।
मंगलवार को नहाय-खाय के साथ छठ महापर्व की शुरुआत हुई थी। शुक्रवार सुबह उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देकर समापन किया गया। व्रतियों ने 36 घंटों के कड़े व्रत के बाद छठी मैया के व्रत का पारण किया। शुक्रवार अलसुबह ही पूजा को लेकर लोगों का घाटों पर पहुंचना शुरू हो गया। छठी मैया के गीतों से घाट गूंज उठे। बच्चों व बड़े बुजुर्गों में महापर्व के लिए उत्साह दिखा। शहर में तीनों प्रमुख स्थल पर मेले का आयोजन किया गया। यहां जमकर खरीदारी की।
महिलाएं अलसुबह चार बजे ही बहते पानी में खड़ी होकर पूजा-अर्चना करने लगी। उन्होंने साढ़े छह बजे के बाद उदयगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। यहां बच्चों व परिवार में सुख-शांति की कामना की। व्रती सपना और संतोष ने बताया कि वह कई साल से छठी मैया का व्रत रख रही हैं। छठी मैया के पूजन से ही उनके परिवार में सुख शांति आई है। पूर्वांचल समन्वय परिवार संस्था के संस्थापक पीएन सिंह, सुशील ठाकुर, अवधेश यादव, उपाध्यक्ष अमित सिंह और मीडिया प्रभारी चंदन सिंह ने छठ महापर्व के सफल आयोजन में सहयोग पर प्रशासन और पुलिस के साथ एनएफएल अधिकारियों और सरकार का आभार जताया है।
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तीन पीढ़ी ने एक साथ दिया अर्घ्य
असंध रोड थर्मल रजवाहे पर तीन पीढि़यों ने एक साथ सूर्य को अर्घ्य दिया। बुजुर्ग महिला रामकिरण यहां अपने परिवार के साथ पहुंची थी। वे साढ़े पांच बजे पानी में उतरी थी और करीब एक घंटे तक पानी में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य दिया। उन्होंने बताया कि वह 30 साल की उम्र में छठ मैया का व्रत शुरू किया था। उनके परिवार में तब से सुख व समृद्धि बनी हुई है। वह आज भी परिवार के साथ पहुंची हैं।
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मंगलवार को नहाय-खाय के साथ छठ महापर्व की शुरुआत हुई थी। शुक्रवार सुबह उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देकर समापन किया गया। व्रतियों ने 36 घंटों के कड़े व्रत के बाद छठी मैया के व्रत का पारण किया। शुक्रवार अलसुबह ही पूजा को लेकर लोगों का घाटों पर पहुंचना शुरू हो गया। छठी मैया के गीतों से घाट गूंज उठे। बच्चों व बड़े बुजुर्गों में महापर्व के लिए उत्साह दिखा। शहर में तीनों प्रमुख स्थल पर मेले का आयोजन किया गया। यहां जमकर खरीदारी की।
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महिलाएं अलसुबह चार बजे ही बहते पानी में खड़ी होकर पूजा-अर्चना करने लगी। उन्होंने साढ़े छह बजे के बाद उदयगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। यहां बच्चों व परिवार में सुख-शांति की कामना की। व्रती सपना और संतोष ने बताया कि वह कई साल से छठी मैया का व्रत रख रही हैं। छठी मैया के पूजन से ही उनके परिवार में सुख शांति आई है। पूर्वांचल समन्वय परिवार संस्था के संस्थापक पीएन सिंह, सुशील ठाकुर, अवधेश यादव, उपाध्यक्ष अमित सिंह और मीडिया प्रभारी चंदन सिंह ने छठ महापर्व के सफल आयोजन में सहयोग पर प्रशासन और पुलिस के साथ एनएफएल अधिकारियों और सरकार का आभार जताया है।
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तीन पीढ़ी ने एक साथ दिया अर्घ्य
असंध रोड थर्मल रजवाहे पर तीन पीढि़यों ने एक साथ सूर्य को अर्घ्य दिया। बुजुर्ग महिला रामकिरण यहां अपने परिवार के साथ पहुंची थी। वे साढ़े पांच बजे पानी में उतरी थी और करीब एक घंटे तक पानी में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य दिया। उन्होंने बताया कि वह 30 साल की उम्र में छठ मैया का व्रत शुरू किया था। उनके परिवार में तब से सुख व समृद्धि बनी हुई है। वह आज भी परिवार के साथ पहुंची हैं।