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Panipat News: निवेशकों से ठगी करने पर सोसाइटी के अधिकारियों पर केस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 28 Feb 2025 02:10 AM IST
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Case against society officials for cheating investors
पानीपत/समालखा/इसराना। ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी के अधिकारियों व एजेंटों पर पुलिस ने नकेल कसनी शुरू कर दी है। कंपनी ने सैकड़ों लोगों को निवेश करने पर अच्छे मुनाफे का झांसा देकर ठगा है। पुलिस को अब तक कंपनी के खिलाफ 120 शिकायतें मिल चुकी हैं। चांदनी बाग, समालखा व इसराना थाना ने तीन मामलों में केस दर्ज किया है।
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केस :1
पानीपत : पुराना औद्योगिक क्षेत्र थाना के रविदास नगर निवासी सुषमा ने बताया कि उसने तीन हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से उक्त कंपनी में आरडी करवाई थी। यह तीन साल की थी। वह लगातार पैसे जमा करवाती रही। वह 1.08 लाख रुपये जमा करवा चुकी लेकिन अब उसे वापस नहीं मिल रहे। सोसायटी के प्रबंधक ने पहले तो कई बार तारीखें दी लेकिन अब उसने फोन भी स्विच ऑफ कर लिया। पीड़ित सुषमा इस संबंध में समाधान शिविर में शिकायत लेकर पहुंची थी। यहां एसपी ने शिकायत के आधार पर सिटी थाना पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस ने मामले में 10 लोगों पर केस दर्ज किया है।
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केस नंबर-2
समालखा ।
जौरासी रोड निवासी सोहन सिंह ने बताया कि वह मूल रूप से जींद के राम नगर का रहने वाला है। उसको पावटी गांव निवासी प्रदीप कुमार ने बताया था कि हयूमन वेलफेयर क्रेडिट थ्रिफ्ट को ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड एफडी, आरडी, मासिक आय प्लान, सुकन्या समृद्धि योजना जैसे खाते खोलती है। कंपनी सरकारी बैंक से अधिक ब्याज देती है। कंपनी में निवेश करना सुरक्षित है। उसने 28 जनवरी 2022 को अपने नाम से आरडी खाता खुलवाया था। वह 2200 रुपये हर माह कंपनी में जमा करवाता था। उसने अपनी पत्नी के नाम से कंपनी में ढाई लाख रुपये, सास रोशनी के नाम से दो लाख रुपये साढ़े छह साल के लिए जमा करवा दिए। उसको ब्रांच प्रबंधक अनिल कुमार ने भी काफी प्रलोभन दिए थे। उसने कंपनी में 5.58 लाख रुपये जमा करवा दिए थे। अप्रैल 2024 के बाद अनिल व प्रदीप ने उसे कंपनी में निवेश करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि कंपनी का पोर्टल बंद है। इसके बाद प्रबंधक अनिल कुमार समालखा की दोनों ब्रांच बंद कर फरार हो गया। कंपनी मे उसके 5.58 लाख रुपये फंस गए।
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केस:3
इसराना। शाहपुर गांव की सरोज ने बताया कि नरेश शर्मा व प्रेम गुलिया, उसके पति के दोस्त बुड़शाम गांव बिजेंद्र वर्ष 2020 में उनके घर आए थे। नरेश शर्मा ने खुद को ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड का मैनेजर व प्रेम गुलिया ने एजेंट बतलाकर उसे व उनके पति को विश्वास दिलाया कि उनकी उक्त सोसायटी सरकार से पंजीकृत है। यह कंपनी एफडी में निवेश करने वाले निवेशकों को बैंकों से ज्यादा रिटर्न देती है। उसे व मेरे पति को विश्वास में लेकर तीन लाख रुपये की 18 महीने की एफडी में निवेश करने के नाम पर नकद ले गए। उसको इसकी 25 जनवरी 2022 को मैच्योरिटी के होने पर 3.51 लाख रुपये मिलने थे। प्रेम गुलिया ने अक्तूबर 2024 में फोन कर बताया कि सोसायटी निवेशकों के लिए एफएस-3 योजना लेकर आई है। उनकी एफडी के 36 महीने में करीब पांच लाख रुपये बन जाएंगे। उन्होंने एक अन्य एफडी 36 महीने के लिए मैच्योरिटी तिथि 15 अक्तूबर 2024 व राशि 4,99,754 की जारी की। 15 अक्तूबर 2024 को एफडी की मैच्योरिटी होने पर उन्होंने नरेश शर्मा व प्रेम गुलिया को फोन किया। नरेश शर्मा व प्रेम गुलिया ने फिर उनके फोन उठाने बंद कर दिए। वे मिलने पर उनके साथ बदतमीजी करने लगे। उन्होंने बताया कि एफडी में निवेश के नाम पर उक्त ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी ने योजना बनाकर करोड़ों रुपये निवेशकों के गबन कर चुकी है।



वर्जन-
एसपी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि कंपनी पर केस दर्ज किए जा रहे हैं। अब तक 120 केस दर्ज किए गए हैं। पूरे मामलों की जांच की जा रही है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करेंगे।
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