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ऑनलाइन पढ़ाई के बाद बोर्ड परीक्षा की तैयारी बना चुनौती
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पानीपत। कोरोना महामारी के कारण दो साल से ऑनलाइन मोड से पढ़ाई और बिना परीक्षा प्रमोट व्यवस्था के बाद अब पटरी पर व्यवस्था लौटने लगी है। बेशक कक्षाएं वर्चुअल से एक्चुअल को और आ गई है लेकिन अब परीक्षाओं को लेकर विद्यार्थी चिंता में है। शिक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर विद्यार्थी अपने आपको समायोजित करने का प्रयास कर रहे हैं।
बोर्ड परीक्षाओं की तैयारिया शुरू हो गई है। लेकिन अभी विद्यार्थी परीक्षा को लेकर मानसिक रूप से तैयार नहीं है और परीक्षा की चिंता सता रही है। ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान गंभीरता से पढ़ाई नहीं हो पाई लेकिन अब परीक्षा का समय नजदीक आया तो परेशानी बढ़ी। ऑफलाइन कक्षाओं को शुरू हुए अभी तीन महीने ही हुए हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए समय नहीं मिला है। विद्यार्थियों के लिए निर्धारित तय समय में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करना बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। वहीं, शिक्षकों का कहना है कि विद्यार्थियों को अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर परीक्षाओं की तैयारी करवाई जा रही है।
विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर नहीं हैं गंभीर
जल्द ही 10वीं व 12वें कक्षाओं की परीक्षाएं शुरू होने जा रही है लेकिन विद्यार्थी इस बार परीक्षाओं को लेकर गंभीर नहीं है। शिक्षकों का कहना है कि विद्यार्थियों को अभी तक ये उम्मीद है कि पिछली बार की तरह इस बार भी बोर्ड परीक्षाएं नहीं होगी। इस कारण विद्यार्थियों ने परीक्षाओं की तैयारी करना शुरू ही नहीं किया था लेकिन हाल ही में हुई प्री-बोर्ड परीक्षाओं के बाद विद्यार्थी कुछ हद तक पढ़ाई को लेकर चिंतित हुए है। वहीं, बोर्ड परीक्षाओं के ऑफलाइन एलान के बाद विद्यार्थियों में तैयारियों को लेकर अचानक से प्रेशर आ गया है। इसके कारण विद्यार्थी समझ नहीं पा रहे हैं कि वे परीक्षाओं की तैयारी कैसे करें। दरअसल, पिछले दो सालों से ज्यादातर विद्यार्थियों ने पुस्तकें हाथ में उठाई तक नहीं है।
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प्री-बोर्ड की परीक्षाओं में लिखने की दिखी कमी
हाल ही में विद्यालयों द्वारा विद्यार्थियों को प्री-बोर्ड की परीक्षाएं ली गई है। इसके तहत स्कूल प्रबंधन को देखने को मिला है कि विद्यार्थी को लिखने की आदत छूट रही है। पहले विद्यार्थी किसी प्रश्न का उत्तर देते थे तो उनकी लंबाई होती थी लेकिन कोरोना के बाद पहली बार हुई ऑफलाइन परीक्षाओं में ये देखा गया है कि विद्यार्थियों की लेखनी में बहुत अंतर आया है। विद्यार्थी अच्छे से लिख नहीं पा रहे हैं।
विद्यार्थियों के प्रेक्टिकल लिए जा रहे हैं। हालांकि विद्यार्थियों के प्री-बोर्ड खत्म हुए हैं। इसमें बच्चों की मॉनिटरिंग की गई। पाया गया कि विद्यार्थी परीक्षा का पैटर्न तक नहीं समझ पा रहे हैं। ऐसे में इन बच्चों को चिह्नित कर लिया गया है। इन बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और परीक्षाओं को करवाई जा रही है। - सुनीता शर्मा, प्राचार्या, न्यू ईरा पब्लिक स्कूल, मडलौडा।
ऑनलाइन शिक्षा के दौरान करीब 80 फीसदी विद्यार्थी नहीं जुड़ पाए क्योंकि किसी के पास एंड्रॉएड फोन नहीं था तो किसी को नेटवर्क की दिक्कत थी। अब ऑफलाइन कक्षाएं भी लग रही है। वहीं, ऑफलाइन परीक्षाएं भी हो रही हैं। विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि बोर्ड परीक्षा में उन्हें किसी प्रकार की कोई समस्या न आए। - ब्रह्मसिंह, गणित अध्यापक, आशादीप स्कूल, करहंस।
प्री-बोर्ड की परीक्षाओं में विद्यार्थियों में देखा गया है कि उनमें लेखन की कमी आई है। विद्यार्थियों को अतिरिक्त कक्षाएं लेकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करवाई जा रही है। वहीं कोरोना से पहले जैसा माहौल होने में अभी कम से कम दो साल लगेंगे। विद्यार्थी बीते दो सालों में एक तरह से लंबी छुट्टियां काटकर आए हैं। ऐसे में स्वाभाविक है कि विद्यार्थियों को पटरी पर आने के लिए समय लगेगा। - बिजेंद्र मान, चेयरमैन, सर छोटू राम स्कूल, विकास नगर, पानीपत।
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बोर्ड परीक्षाओं की तैयारिया शुरू हो गई है। लेकिन अभी विद्यार्थी परीक्षा को लेकर मानसिक रूप से तैयार नहीं है और परीक्षा की चिंता सता रही है। ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान गंभीरता से पढ़ाई नहीं हो पाई लेकिन अब परीक्षा का समय नजदीक आया तो परेशानी बढ़ी। ऑफलाइन कक्षाओं को शुरू हुए अभी तीन महीने ही हुए हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए समय नहीं मिला है। विद्यार्थियों के लिए निर्धारित तय समय में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करना बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। वहीं, शिक्षकों का कहना है कि विद्यार्थियों को अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर परीक्षाओं की तैयारी करवाई जा रही है।
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विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर नहीं हैं गंभीर
जल्द ही 10वीं व 12वें कक्षाओं की परीक्षाएं शुरू होने जा रही है लेकिन विद्यार्थी इस बार परीक्षाओं को लेकर गंभीर नहीं है। शिक्षकों का कहना है कि विद्यार्थियों को अभी तक ये उम्मीद है कि पिछली बार की तरह इस बार भी बोर्ड परीक्षाएं नहीं होगी। इस कारण विद्यार्थियों ने परीक्षाओं की तैयारी करना शुरू ही नहीं किया था लेकिन हाल ही में हुई प्री-बोर्ड परीक्षाओं के बाद विद्यार्थी कुछ हद तक पढ़ाई को लेकर चिंतित हुए है। वहीं, बोर्ड परीक्षाओं के ऑफलाइन एलान के बाद विद्यार्थियों में तैयारियों को लेकर अचानक से प्रेशर आ गया है। इसके कारण विद्यार्थी समझ नहीं पा रहे हैं कि वे परीक्षाओं की तैयारी कैसे करें। दरअसल, पिछले दो सालों से ज्यादातर विद्यार्थियों ने पुस्तकें हाथ में उठाई तक नहीं है।
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प्री-बोर्ड की परीक्षाओं में लिखने की दिखी कमी
हाल ही में विद्यालयों द्वारा विद्यार्थियों को प्री-बोर्ड की परीक्षाएं ली गई है। इसके तहत स्कूल प्रबंधन को देखने को मिला है कि विद्यार्थी को लिखने की आदत छूट रही है। पहले विद्यार्थी किसी प्रश्न का उत्तर देते थे तो उनकी लंबाई होती थी लेकिन कोरोना के बाद पहली बार हुई ऑफलाइन परीक्षाओं में ये देखा गया है कि विद्यार्थियों की लेखनी में बहुत अंतर आया है। विद्यार्थी अच्छे से लिख नहीं पा रहे हैं।
विद्यार्थियों के प्रेक्टिकल लिए जा रहे हैं। हालांकि विद्यार्थियों के प्री-बोर्ड खत्म हुए हैं। इसमें बच्चों की मॉनिटरिंग की गई। पाया गया कि विद्यार्थी परीक्षा का पैटर्न तक नहीं समझ पा रहे हैं। ऐसे में इन बच्चों को चिह्नित कर लिया गया है। इन बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और परीक्षाओं को करवाई जा रही है। - सुनीता शर्मा, प्राचार्या, न्यू ईरा पब्लिक स्कूल, मडलौडा।
ऑनलाइन शिक्षा के दौरान करीब 80 फीसदी विद्यार्थी नहीं जुड़ पाए क्योंकि किसी के पास एंड्रॉएड फोन नहीं था तो किसी को नेटवर्क की दिक्कत थी। अब ऑफलाइन कक्षाएं भी लग रही है। वहीं, ऑफलाइन परीक्षाएं भी हो रही हैं। विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि बोर्ड परीक्षा में उन्हें किसी प्रकार की कोई समस्या न आए। - ब्रह्मसिंह, गणित अध्यापक, आशादीप स्कूल, करहंस।
प्री-बोर्ड की परीक्षाओं में विद्यार्थियों में देखा गया है कि उनमें लेखन की कमी आई है। विद्यार्थियों को अतिरिक्त कक्षाएं लेकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करवाई जा रही है। वहीं कोरोना से पहले जैसा माहौल होने में अभी कम से कम दो साल लगेंगे। विद्यार्थी बीते दो सालों में एक तरह से लंबी छुट्टियां काटकर आए हैं। ऐसे में स्वाभाविक है कि विद्यार्थियों को पटरी पर आने के लिए समय लगेगा। - बिजेंद्र मान, चेयरमैन, सर छोटू राम स्कूल, विकास नगर, पानीपत।