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सभी 65 व्यावसायिक व रिहायशी प्लॉटों की बोली हुई, 10 दिन बाद रिपोर्ट होगी सार्वजनिक
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पानीपत। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने रविवार को 65 प्लॉटों की बोली कर दी। बोली किस बेस प्राइज पर की गई है, इसकी रिपोर्ट 10 दिन बाद सार्वजनिक की जाएगी। यह रिपोर्ट मुख्यालय से जारी होनी है। विभाग ने इन प्लॉटों को बेचकर 30 करोड़ रुपये कमाने का लक्ष्य रखा था लेकिन बोली उम्मीद के अनुसार काफी ज्यादी रही। सेक्टर 13 के प्लॉट महंगे बिके।
एचएसवीपी मामलों के जानकार अमित राठी ने बताया कि विभाग ने ये प्लॉट बेचकर 10 करोड़ रुपये अधिक कमाए हैं। बोली से विभाग को लगभग 40 करोड़ का राजस्व मिलेगा। सेक्टर 13 के सबसे अधिक 19 रिहायशी प्लॉटों की बोली हुई है। ये सेक्टर लोगों को काफी लुभा रहा है। लोग इस सेक्टर में मकान के लिए विभाग को मनमाफिक रकम देने को तैयार हैं। सेक्टर छह के 13 व्यावसायिक प्लॉटों की बोली की गई है। इस वक्त उद्यमी और कारोबारी सेक्टरों में भूमि खरीदने में इच्छुक हैं। एचएसवीपी भी सेक्टरों को आबाद करने का प्रयास कर रहा है। विभाग इस साल एक हजार करोड़ की भूमि बेचकर अपना लक्ष्य पूरा करना चाहता है।
इन सेक्टरों को आबाद करने का प्रयास
अब भी लोग सेक्टर आठ, सात, छह और 24 में भूमि खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। क्योंकि इन सेक्टरों में मूलभूत सुविधाओं की कमी है। ये सेक्टर अब तक पूरी तरह आबाद नहीं हैं। यहां 40 प्रतिशत प्लॉट खाली पड़े हैं। आए दिन यहां आपराधिक वारदात होती हैं। इसलिए विभाग इन सेक्टरों की भूमि को जल्द से जल्द बेचकर उन्हें आबाद करना चाहता है।
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खाली पड़े प्लॉटों पर कब्जा न हो
एचएसवीपी के 80 से अधिक प्लॉटों पर अवैध कब्जा है। इनके केस कोर्ट में विचाराधीन हैं। कब्जाधारियों ने इन प्लॉटों पर कब्जा कर कोर्ट से स्टे ले लिया। इसलिए एचएसवीपी अब इन पर कार्रवाई नहीं कर सकता। इसलिए विभाग खाली पड़े इन प्लॉटों को जल्द बेचना चाहता है।
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इन रिहायशी प्लॉटों की हुई बोली
सेक्टर प्लॉट रकबा
आठ 78 व 79 10 मरला
13 1890, 1895, 333 से 336 आठ मरला
354, 355
13 276 से 286 छह मरला
18 964ए 1.5 मरला
24 866 14 मरला
24 60 10 मरला
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एचएसवीपी मामलों के जानकार अमित राठी ने बताया कि विभाग ने ये प्लॉट बेचकर 10 करोड़ रुपये अधिक कमाए हैं। बोली से विभाग को लगभग 40 करोड़ का राजस्व मिलेगा। सेक्टर 13 के सबसे अधिक 19 रिहायशी प्लॉटों की बोली हुई है। ये सेक्टर लोगों को काफी लुभा रहा है। लोग इस सेक्टर में मकान के लिए विभाग को मनमाफिक रकम देने को तैयार हैं। सेक्टर छह के 13 व्यावसायिक प्लॉटों की बोली की गई है। इस वक्त उद्यमी और कारोबारी सेक्टरों में भूमि खरीदने में इच्छुक हैं। एचएसवीपी भी सेक्टरों को आबाद करने का प्रयास कर रहा है। विभाग इस साल एक हजार करोड़ की भूमि बेचकर अपना लक्ष्य पूरा करना चाहता है।
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इन सेक्टरों को आबाद करने का प्रयास
अब भी लोग सेक्टर आठ, सात, छह और 24 में भूमि खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। क्योंकि इन सेक्टरों में मूलभूत सुविधाओं की कमी है। ये सेक्टर अब तक पूरी तरह आबाद नहीं हैं। यहां 40 प्रतिशत प्लॉट खाली पड़े हैं। आए दिन यहां आपराधिक वारदात होती हैं। इसलिए विभाग इन सेक्टरों की भूमि को जल्द से जल्द बेचकर उन्हें आबाद करना चाहता है।
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खाली पड़े प्लॉटों पर कब्जा न हो
एचएसवीपी के 80 से अधिक प्लॉटों पर अवैध कब्जा है। इनके केस कोर्ट में विचाराधीन हैं। कब्जाधारियों ने इन प्लॉटों पर कब्जा कर कोर्ट से स्टे ले लिया। इसलिए एचएसवीपी अब इन पर कार्रवाई नहीं कर सकता। इसलिए विभाग खाली पड़े इन प्लॉटों को जल्द बेचना चाहता है।
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इन रिहायशी प्लॉटों की हुई बोली
सेक्टर प्लॉट रकबा
आठ 78 व 79 10 मरला
13 1890, 1895, 333 से 336 आठ मरला
354, 355
13 276 से 286 छह मरला
18 964ए 1.5 मरला
24 866 14 मरला
24 60 10 मरला