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बैंकों के दावों की खुली पोल

Sat, 27 Aug 2016 12:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,पानीपत
ब्यूरो/अमर उजाला,पानीपत Updated Sat, 27 Aug 2016 12:28 AM IST
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बैंक एटीएम - फोटो : ब्यूरो
पानीपत। लोगों को 24 घंटे सेवा देने का वादा करने वाली विभिन्न बैंकों के शहरभर में एक दर्जन से अधिक एटीएम खराब हैं। इतना ही नहीं दो दर्जन से अधिक एटीएम पर गार्ड भी नहीं हैं। जो एटीएम ठीक हैं, उनमें से ज्यादातर में राशि नहीं रहती। ऐसे में लोगों को पैसे निकलाने के लिए एक एटीएम से दूसरे एटीएम पर भटकना पड़ता है।
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बैंक पैसे बचाने के लिए सुरक्षा तक से खिलवाड़ कर रही हैं। यह हालात तब हैं जबकि पुलिस संबंधित बैंक और एजेंसियों को एटीएम पर गार्ड तैनात करने के लिए सख्त निर्देश दे चुकी है। एटीएम में कई बार चोरी के बाद भी इनकी सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। इसका खुलासा अमर उजाला टीम की पड़ताल में हुआ है।
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अमर उजाला ने शुक्रवार को शहर के प्रमुख स्थानों पर लगे एटीएम चेक किए। इस दौरान शहर के एक दर्जन से अधिक एटीएम आउट ऑफ सर्विस मिले। जो एटीएम ठीक थे, उनमें से अधिकतर में पैसे नहीं थे। इतना ही नहीं लापरवाही का आलम यह था कि शहर के 70 प्रतिशत एटीएम में गार्ड ही तैनात नहीं मिले।
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यह स्थिति तब मिली, जबकि शहर में बीते एक साल में एटीएम में चोरी और चोरी की कोशिशों की डेढ़ दर्जन से अधिक वारदातें हो चुकी हैं। इतनी वारदातों के बाद भी संबंधित बैंक और एजेंसियां सबक नहीं ले रहीं। बैंक अधिकारी भी एजेंसियों पर जिम्मेदारी डालकर चुप हो जाते हैं।

बुजुर्गों के कंधों पर एटीएम की सुरक्षा
पैसे बचाने के लिए निजी एजेंसियां एटीएम में बुजुर्ग लोगों को गार्ड के तौर पर रख रही हैं। बुजुर्ग गार्ड डंडा लेकर एटीएम में तैनात रहते हैं। इन्हें पांच से छह हजार रुपये मासिक दिया जाता है। यदि इन एटीएम की सुरक्षा के लिए एजेंसियां ट्रेंड और हथियार बंद गार्ड को तैनात करती हैं, तो उन्हें प्रति माह 20 हजार या इससे अधिक रुपये देने पड़ेंगे। प्रतिमाह दस से 12 हजार रुपये बचाने के फेर में एजेंसियां सरेआम सुरक्षा से समझौता कर रही हैं।

पुलिस बार-बार देती है निर्देश
शहर में एटीएम चोरी की कई बड़ी वारदातें और चोरी की कोशिश हो चुकी हैं। हर वारदात के बाद पुलिस एटीएम में सर्विस देने वाली एजेंसियों को एटीएम में तुरंत गार्ड तैनात करने के निर्देश देती है। उस वक्त एजेंसियां भी जल्द गार्ड तैनात करने का आश्वासन दे देती है, लेकिन शुक्रवार की पड़ताल में उनके आश्वासनों की पोल खुलकर सामने आ गई।

यह एटीएम देख रहे बाट
तहसील कैंप स्थित एसआईआई बैंक के एटीएम में आज तक गार्ड तैनाती नहीं है। जीटी रोड स्थित इंडियन बैंक का एटीएम गार्ड के बिना ही है। जीटी रोड स्थित सेंट्रल बैंक का एटीएम भी गार्ड न होने से भगवान भरोसे है। जीटी रोड और रामलाल चौक के पास स्थित आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम खराब पड़े हैं। जीटी रोड स्थित एक्सिस बैंक का एटीएम भी काम का नहीं है। सिविल अस्पताल में पीएनबी बैंक के एटीएम के एसी दो साल से खराब पड़े हैं।


एटीएम में सीसीटीवी कैमरे लगाने की जिम्मेदारी बैंक की होती हैं। एजेंसियों को ट्रांजेक्शन के आधार पर कमीशन मिलता है। एटीएम में गार्ड उपलब्ध कराना जरूरी नहीं है। एटीएम से छेड़छाड़ होने पर ऑटोमैटिक तकनीक से मुख्यालय पर सूचना पहुंच जाती है। चोरी की घटनाएं बढ़ने पर कई जगहों पर रात को एटीएम बंद रखना जरूरी हो गया है।
राकेश कुमार, एलडीएम पानीपत
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