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Panipat News: आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
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पानीपत। सीटू (सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन ) की जिला कमेटी के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में जिला सचिवालय पर प्रदर्शन किया और उपायुक्त के मार्फत से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उपायुक्त के प्रतिनिधि तहसीलदार वीरेंद्र कुमार गिल ने ज्ञापन लिया।
सीटू जिला सचिव जय भगवान ने कहा कि केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार लंबे समय से आशा कार्यकर्ता की मांगों को पूरा नहीं कर रही है। वर्ष 2024 में हरियाणा के अंदर आशा कार्यकर्ताओं ने हरियाणा सरकार के खिलाफ 73 दिन लंबी हड़ताल की। सरकार के साथ समझौता हुआ और हरियाणा सरकार ने वादा किया कि सभी मांगों को पूरा करेंगे। बढ़ती महंगाई को देखते हुए मासिक मानदेय में बढ़ोतरी करेंगे लेकिन केंद्र व राज्य सरकार की तरफ से सांसद और विधानसभा में जो बजट पेश किए गए हैं उनमें आशा कार्यकर्ता के लिए कोई घोषणाएं नहीं की गई है। सीटू आशा कार्यकर्ता की मांगों का समर्थन करता है और सरकार से मांग करता है कि महिला सशक्तीकरण का ढोंग बंद करे और आशा वर्कर्स की मांगों को पूरा करे।
यूनियन की जिला सचिव सुशील और कार्यकारी प्रधान बंटी ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग का सबसे ज्यादा काम करती हैं। गर्भवती महिलाओं और बच्चों की देखभाल में करती हैं लेकिन सरकार की ओर आशा वर्कर्स पर काम का बोझ डाला जा रहा है। ऑनलाइन काम के नाम पर परेशान किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने पिछले 10 वर्षों से आशा वर्कर्स के मानदेय कोई बढ़ोतरी नहीं की है। इस अवसर पर सीटू जिला सचिव जयभगवान, कोषाध्यक्ष नवीन सपड़ा, जिला सचिव सुशीला, उप प्रधान मनजीत, शकुंतला, सह सचिव सुनीता बापौली, मीना, किरण और सुमन उपस्थित रहे।
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आशा कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगे
सभी आशा कार्यकर्ता को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। आशा कार्यकर्ता के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी करते हुए 26 हजार रुपये लागू किए जाएं। आशा कार्यकर्ता को मातृत्व लाभ के समय छह महीने की छुट्टी और वेतन दिया जाए। सेवानिवृत्ति की उम्र 60 वर्ष की जाए। सेवानिवृत्ति के समय पांच लाख रुपये रिक्वायरमेंट लाभ देने और पेंशन भी लागू की जाए। सभी आशा कार्यकर्ता को फील्ड के अंदर कार्य करने के लिए स्कूटी, पेट्रोल खर्च, डिजिटल कार्य के लिए उच्च क्वालिटी के फोन, फोन में डाटा केबल, डाटा पैक आदि का प्रबंध किया जाए। सभी अस्पतालों में पूरे डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, दवा, सभी टेस्टों की सुविधा तुरंत उपलब्ध करवाई जाए। खाली पदों को भरा जाए।
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सीटू जिला सचिव जय भगवान ने कहा कि केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार लंबे समय से आशा कार्यकर्ता की मांगों को पूरा नहीं कर रही है। वर्ष 2024 में हरियाणा के अंदर आशा कार्यकर्ताओं ने हरियाणा सरकार के खिलाफ 73 दिन लंबी हड़ताल की। सरकार के साथ समझौता हुआ और हरियाणा सरकार ने वादा किया कि सभी मांगों को पूरा करेंगे। बढ़ती महंगाई को देखते हुए मासिक मानदेय में बढ़ोतरी करेंगे लेकिन केंद्र व राज्य सरकार की तरफ से सांसद और विधानसभा में जो बजट पेश किए गए हैं उनमें आशा कार्यकर्ता के लिए कोई घोषणाएं नहीं की गई है। सीटू आशा कार्यकर्ता की मांगों का समर्थन करता है और सरकार से मांग करता है कि महिला सशक्तीकरण का ढोंग बंद करे और आशा वर्कर्स की मांगों को पूरा करे।
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यूनियन की जिला सचिव सुशील और कार्यकारी प्रधान बंटी ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग का सबसे ज्यादा काम करती हैं। गर्भवती महिलाओं और बच्चों की देखभाल में करती हैं लेकिन सरकार की ओर आशा वर्कर्स पर काम का बोझ डाला जा रहा है। ऑनलाइन काम के नाम पर परेशान किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने पिछले 10 वर्षों से आशा वर्कर्स के मानदेय कोई बढ़ोतरी नहीं की है। इस अवसर पर सीटू जिला सचिव जयभगवान, कोषाध्यक्ष नवीन सपड़ा, जिला सचिव सुशीला, उप प्रधान मनजीत, शकुंतला, सह सचिव सुनीता बापौली, मीना, किरण और सुमन उपस्थित रहे।
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आशा कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगे
सभी आशा कार्यकर्ता को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। आशा कार्यकर्ता के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी करते हुए 26 हजार रुपये लागू किए जाएं। आशा कार्यकर्ता को मातृत्व लाभ के समय छह महीने की छुट्टी और वेतन दिया जाए। सेवानिवृत्ति की उम्र 60 वर्ष की जाए। सेवानिवृत्ति के समय पांच लाख रुपये रिक्वायरमेंट लाभ देने और पेंशन भी लागू की जाए। सभी आशा कार्यकर्ता को फील्ड के अंदर कार्य करने के लिए स्कूटी, पेट्रोल खर्च, डिजिटल कार्य के लिए उच्च क्वालिटी के फोन, फोन में डाटा केबल, डाटा पैक आदि का प्रबंध किया जाए। सभी अस्पतालों में पूरे डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, दवा, सभी टेस्टों की सुविधा तुरंत उपलब्ध करवाई जाए। खाली पदों को भरा जाए।