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बिजली निगम को निजी हाथों में सौंपने का विरोध
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Sun, 29 Nov 2015 12:12 AM IST
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ऑल हरियाणा पावर कार्पोरेशन वर्कर यूनियन के बैनर तले आयोजित कन्वेंशन में बिजली निगम को निजी हाथों में सौंपने के चलते कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष प्रकट किया।
वहीं कन्वेंशन में इलेक्ट्रीसिटी एंपलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईईएफआई) के आह्वान पर आठ दिसंबर की एक दिवसीय हड़ताल की तैयारी को लेकर विचार-विमर्श किया।
शनिवार को ऑल हरियाणा पर पावर कार्पोरेशन वर्कर यूनियन की सर्कल स्तरीय कन्वेंशन गोहाना रोड बिजली निगम कार्यालय में हुई।
जिसकी अध्यक्षता सर्कल सचिव तेजपाल ने की। राज्य प्रधान देवेंद्र हुड्डा ने कहा कि बिजली बोर्ड को तोड़कर 14 अगस्त 1998 को इस ढांचे को निगमों में बांटा गया।
उस समय इसको यह कहकर तोड़ा गया कि उपभोक्ताओं को अच्छी सुविधा मिलेंगी व बिजली बोर्ड का घाटा कम होगा, लेकिन घाटा 450 करोड़ से बढ़कर करीब 30 हजार करोड़ व कर्ज लगभग 40 हजार करोड़ हो गया।
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अच्छी सुविधा की बजाय सेवा मिलनी ही बंद हो गई। क्योंकि आज निगमों में लगभग 56 लाख बिजली कनेक्शन हैं और कर्मचारी मात्र 23 से 24 हजार बचे हुए हैं।
कच्चे कर्मचारी लगभग 10 हजार हैं। जिनको न तो समय पर वेतन, ईएसआई व ईपीएफ तक की सुविधा दी जा रही है। जिस कारण इनका बड़े पैमाने पर शोषण होता है।
अब इस ढांचे को पूर्णतया निजी हाथों में देने की लिए केंद्र सरकार बिजली बिल-2014 को ला रही है। जिसमें इस सारे ढांचे को फ्रैंचाइजी थ्रीपी को देकर इस बिजली के उद्योग को तबाह करना चाहती है।
देश की कुल उत्पादन क्षमता 2.60 लाख मेगावाट है जबकि मांग 1.35 लाख मेगावाट है। उपभोक्ताओं को बड़े पैमाने पर एफएसए के नाम पर चूना लगाकर इसका घाटा कम करने की बात कहीं जा रही है।
लेकिन इसके उल्ट हो रहा है कि उपभोक्ताओं पर तरह-तरह के चार्ज लगाए जा रहे हैं। बिजली की आठ दिसंबर की हड़ताल की तैयारी को लेकर हर डिविजन सब-डिविजन में सभी कर्मचारियों को प्रेरित करने के लिए टीमों का गठन किया गया है।
ताकि इसको सफल बनाया जा सके। इस मौके पर मदनपाल, ईश्वर शर्मा, जितेंद्र सैनी, सीताराम, ईश्वर कुहाड़, रामफल गुर्जर ने भी कन्वेंशन को संबोधित किया।
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वहीं कन्वेंशन में इलेक्ट्रीसिटी एंपलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईईएफआई) के आह्वान पर आठ दिसंबर की एक दिवसीय हड़ताल की तैयारी को लेकर विचार-विमर्श किया।
शनिवार को ऑल हरियाणा पर पावर कार्पोरेशन वर्कर यूनियन की सर्कल स्तरीय कन्वेंशन गोहाना रोड बिजली निगम कार्यालय में हुई।
जिसकी अध्यक्षता सर्कल सचिव तेजपाल ने की। राज्य प्रधान देवेंद्र हुड्डा ने कहा कि बिजली बोर्ड को तोड़कर 14 अगस्त 1998 को इस ढांचे को निगमों में बांटा गया।
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उस समय इसको यह कहकर तोड़ा गया कि उपभोक्ताओं को अच्छी सुविधा मिलेंगी व बिजली बोर्ड का घाटा कम होगा, लेकिन घाटा 450 करोड़ से बढ़कर करीब 30 हजार करोड़ व कर्ज लगभग 40 हजार करोड़ हो गया।
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अच्छी सुविधा की बजाय सेवा मिलनी ही बंद हो गई। क्योंकि आज निगमों में लगभग 56 लाख बिजली कनेक्शन हैं और कर्मचारी मात्र 23 से 24 हजार बचे हुए हैं।
कच्चे कर्मचारी लगभग 10 हजार हैं। जिनको न तो समय पर वेतन, ईएसआई व ईपीएफ तक की सुविधा दी जा रही है। जिस कारण इनका बड़े पैमाने पर शोषण होता है।
अब इस ढांचे को पूर्णतया निजी हाथों में देने की लिए केंद्र सरकार बिजली बिल-2014 को ला रही है। जिसमें इस सारे ढांचे को फ्रैंचाइजी थ्रीपी को देकर इस बिजली के उद्योग को तबाह करना चाहती है।
देश की कुल उत्पादन क्षमता 2.60 लाख मेगावाट है जबकि मांग 1.35 लाख मेगावाट है। उपभोक्ताओं को बड़े पैमाने पर एफएसए के नाम पर चूना लगाकर इसका घाटा कम करने की बात कहीं जा रही है।
लेकिन इसके उल्ट हो रहा है कि उपभोक्ताओं पर तरह-तरह के चार्ज लगाए जा रहे हैं। बिजली की आठ दिसंबर की हड़ताल की तैयारी को लेकर हर डिविजन सब-डिविजन में सभी कर्मचारियों को प्रेरित करने के लिए टीमों का गठन किया गया है।
ताकि इसको सफल बनाया जा सके। इस मौके पर मदनपाल, ईश्वर शर्मा, जितेंद्र सैनी, सीताराम, ईश्वर कुहाड़, रामफल गुर्जर ने भी कन्वेंशन को संबोधित किया।