{"_id":"70acbf18e4113a0c4483e982e37a93b6","slug":"admission-panipat-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"5340 को दाखिला, 14992 को निराशा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
5340 को दाखिला, 14992 को निराशा
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Thu, 16 Jul 2015 12:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कॉलेज में शिक्षा ग्रहण करने का हजारों छात्रों का सपना बुधवार को कॉलेजों में आखिरी दिन सीटें फुल हो जाने से सपना टूट गया।
शहर के तीनों एडेड कॉलेजों में बुधवार को सीटें फुल होने के साथ ही दाखिला प्रक्रिया समाप्त हो गई है। ऐसे में करीब 15 हजार छात्रों को निराशा हाथ लगी है।
शहर के तीनों कॉलेजों में करीब पांच हजार छात्रों को ही प्रवेश मिल सका है। कॉलेज प्रबंधन समिति ने इससे ज्यादा दाखिले करने में अपने हाथ खड़े कर लिए हैं और प्रशासन का युवाओं को दाखिला मिलने या न मिलने की तरफ कोई ध्यान नहीं है।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के अंतर्गत कॉलेजों में नए सत्र के दाखिलों का बुधवार को आखिरी दिन रहा। कॉलेजों में सुबह ही दाखिला लेने के लिए लाइन लग गईं और कॉलेजों में इस तरह की लाइन पूरा दिन प्रिंसिपल ऑफिस और फीस काउंटर पर लगी रही।
विज्ञापन
कॉलेजों में आखिरी दिन एक दो कोर्स में बची सीटों को भी तलाश कर दाखिला देने का प्रयास किया। लेकिन शहर के कॉलेजों में जमा आवेदनों के आगे सीटें काफी कम पड़ने पर दोपहर होते-होते कॉलेज प्रबंधन ने भी हाथ खड़े कर लिए और कॉलेज प्रबंधन के नो सीट का बोर्ड लगाते ही दाखिलों की उम्मीद लगाए इंतजार में बैठे युवाओं के चेहरे उतर गए।
शहर के तीनों एडेड और देशबंधु गुप्ता राजकीय कॉलेज में करीब 15 हजार युवाओं को दाखिला नहीं मिल सका। एक अनुमान के अनुसार चारों कॉलेजों में 20,332 फार्म जमा हुए थे, जबकि इन चारों कॉलेजों में 5340 सीटें थीं।
युवाओं ने दाखिला न मिलने पर कॉलेज प्रबंधन से सीटें बढ़ाने की मांग की। युवा राजबीर, दिनेश और आशीष ने बताया कि शहर के तीनों एडेड कॉलेजों में कई साल से सीमित सीट हैं।
कॉलेज प्रबंधन सीट लाने के लिए प्रयास नहीं कर रही हैं और न ही उच्चतर शिक्षा निदेशालय और विश्वविद्यालय किसी तरह का प्रयास कर रहा है। सरकार और कॉलेज प्रबंधन को सीट बढ़ाने के लिए कदम उठाना चाहिए।
अमर उजाला एक जुलाई को पहली कट के साथ कॉलेजों में दाखिलों के लिए मारामारी को तस्वीर दिखा चुका है। अमर उजाला ने शहर के एडिड व राजकीय कॉलेज में युवाओं के दाखिले के उत्साह को देखा था और कॉलेज प्रबंधन की सीटों के चलते मजबूरी को भी रखा था।
शहर के एडेड और राजकीय कॉलेज में दाखिला न मिल पाने वाले युवाओं को भले की मायूसी हाथ लगी है, लेकिन उनके पास अभी भी सपनों को साकार करने के विकल्प हैं। शिक्षाविदों की माने तो ऐसे युवा ग्रामीण आंचल के राजकीय और दूसरे कॉलेजों में विकल्प तलाश सकते हैं।
काफी युवाओं ने इन कॉलेजों में भी पहले से ही आवेदन किया है। इसके अलावा उनके सामने प्राइवेट या फिर डिस्टेंस एजुकेशन से पढ़ाई करने के रास्ते हैं। युवाओं को इसके लिए यूनिवर्सिटी का रास्ता देखना होगा।
कॉलेज में फार्म जमा कराने और फिर दाखिलों के लिए युवाओं की लाइन लगी रही। कॉलेजों सीटों से ज्यादा दाखिले नहीं कर सकता। आवेदन करने वाले काफी युवाओं को मायूसी मिली है।
डॉ. अनुपम अरोड़ा, प्राचार्य, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत
कॉलेज में दाखिला लेने को लेकर युवाओं की भीड़ लगी हुई है। सीट भरने के चलते किसी को दाखिला नहीं दिया जा सकता। कॉलेज में 20 जुलाई से कक्षाएं शुरू होंगी। युवाओं को अब पढ़ाई की तरफ ध्यान देना चाहिए।
डॉ. जगदीश गुप्ता, प्राचार्य, आर्य पीजी कॉलेज पानीपत
कॉलेज में दाखिलों को लेकर युवाओं का पहले दिन से ही रुझान रहा है। इस बार अपेक्षा से ज्यादा आवेदन मिले हैं। कॉलेज की सभी सीट फुल हो चुकी हैं और दाखिला प्रक्रिया भी बंद हो गई है। विश्वविद्यालय के नार्म्स अनुसार ही दाखिले किए जा सकते हैं।
डॉ. रेनु शर्मा, प्राचार्या, आईबी पीजी कॉलेज पानीपत
कॉलेज में दाखिले पूरे हो गए हैं और काफी युवाओं को दाखिला नहीं मिल सका। कॉलेज में नए सत्र की कक्षाएं इसी सप्ताह शुरू कर दी जाएंगी।
सविता बवेजा, प्राचार्या, देशबंधु गुप्ता राजकीय कॉलेज
विज्ञापन
शहर के तीनों एडेड कॉलेजों में बुधवार को सीटें फुल होने के साथ ही दाखिला प्रक्रिया समाप्त हो गई है। ऐसे में करीब 15 हजार छात्रों को निराशा हाथ लगी है।
शहर के तीनों कॉलेजों में करीब पांच हजार छात्रों को ही प्रवेश मिल सका है। कॉलेज प्रबंधन समिति ने इससे ज्यादा दाखिले करने में अपने हाथ खड़े कर लिए हैं और प्रशासन का युवाओं को दाखिला मिलने या न मिलने की तरफ कोई ध्यान नहीं है।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के अंतर्गत कॉलेजों में नए सत्र के दाखिलों का बुधवार को आखिरी दिन रहा। कॉलेजों में सुबह ही दाखिला लेने के लिए लाइन लग गईं और कॉलेजों में इस तरह की लाइन पूरा दिन प्रिंसिपल ऑफिस और फीस काउंटर पर लगी रही।
विज्ञापन
कॉलेजों में आखिरी दिन एक दो कोर्स में बची सीटों को भी तलाश कर दाखिला देने का प्रयास किया। लेकिन शहर के कॉलेजों में जमा आवेदनों के आगे सीटें काफी कम पड़ने पर दोपहर होते-होते कॉलेज प्रबंधन ने भी हाथ खड़े कर लिए और कॉलेज प्रबंधन के नो सीट का बोर्ड लगाते ही दाखिलों की उम्मीद लगाए इंतजार में बैठे युवाओं के चेहरे उतर गए।
शहर के तीनों एडेड और देशबंधु गुप्ता राजकीय कॉलेज में करीब 15 हजार युवाओं को दाखिला नहीं मिल सका। एक अनुमान के अनुसार चारों कॉलेजों में 20,332 फार्म जमा हुए थे, जबकि इन चारों कॉलेजों में 5340 सीटें थीं।
युवाओं ने दाखिला न मिलने पर कॉलेज प्रबंधन से सीटें बढ़ाने की मांग की। युवा राजबीर, दिनेश और आशीष ने बताया कि शहर के तीनों एडेड कॉलेजों में कई साल से सीमित सीट हैं।
कॉलेज प्रबंधन सीट लाने के लिए प्रयास नहीं कर रही हैं और न ही उच्चतर शिक्षा निदेशालय और विश्वविद्यालय किसी तरह का प्रयास कर रहा है। सरकार और कॉलेज प्रबंधन को सीट बढ़ाने के लिए कदम उठाना चाहिए।
अमर उजाला एक जुलाई को पहली कट के साथ कॉलेजों में दाखिलों के लिए मारामारी को तस्वीर दिखा चुका है। अमर उजाला ने शहर के एडिड व राजकीय कॉलेज में युवाओं के दाखिले के उत्साह को देखा था और कॉलेज प्रबंधन की सीटों के चलते मजबूरी को भी रखा था।
शहर के एडेड और राजकीय कॉलेज में दाखिला न मिल पाने वाले युवाओं को भले की मायूसी हाथ लगी है, लेकिन उनके पास अभी भी सपनों को साकार करने के विकल्प हैं। शिक्षाविदों की माने तो ऐसे युवा ग्रामीण आंचल के राजकीय और दूसरे कॉलेजों में विकल्प तलाश सकते हैं।
काफी युवाओं ने इन कॉलेजों में भी पहले से ही आवेदन किया है। इसके अलावा उनके सामने प्राइवेट या फिर डिस्टेंस एजुकेशन से पढ़ाई करने के रास्ते हैं। युवाओं को इसके लिए यूनिवर्सिटी का रास्ता देखना होगा।
कॉलेज में फार्म जमा कराने और फिर दाखिलों के लिए युवाओं की लाइन लगी रही। कॉलेजों सीटों से ज्यादा दाखिले नहीं कर सकता। आवेदन करने वाले काफी युवाओं को मायूसी मिली है।
डॉ. अनुपम अरोड़ा, प्राचार्य, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत
कॉलेज में दाखिला लेने को लेकर युवाओं की भीड़ लगी हुई है। सीट भरने के चलते किसी को दाखिला नहीं दिया जा सकता। कॉलेज में 20 जुलाई से कक्षाएं शुरू होंगी। युवाओं को अब पढ़ाई की तरफ ध्यान देना चाहिए।
डॉ. जगदीश गुप्ता, प्राचार्य, आर्य पीजी कॉलेज पानीपत
कॉलेज में दाखिलों को लेकर युवाओं का पहले दिन से ही रुझान रहा है। इस बार अपेक्षा से ज्यादा आवेदन मिले हैं। कॉलेज की सभी सीट फुल हो चुकी हैं और दाखिला प्रक्रिया भी बंद हो गई है। विश्वविद्यालय के नार्म्स अनुसार ही दाखिले किए जा सकते हैं।
डॉ. रेनु शर्मा, प्राचार्या, आईबी पीजी कॉलेज पानीपत
कॉलेज में दाखिले पूरे हो गए हैं और काफी युवाओं को दाखिला नहीं मिल सका। कॉलेज में नए सत्र की कक्षाएं इसी सप्ताह शुरू कर दी जाएंगी।
सविता बवेजा, प्राचार्या, देशबंधु गुप्ता राजकीय कॉलेज