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निगम को नहीं बिजली के ट्रांसफार्मरों की परवाह
Panipat
Updated Sun, 19 Aug 2012 12:00 PM IST
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सनौली। गांव छाजपुर स्थित 132केवी सब स्टेशन में भारी कीमत के सैकड़ाें ट्रांसफार्मर खुले आसमान के नीचे लावारिस हालत में पड़े हुए हैं। खराब होने पर इन ट्रांसफार्मरों को यहां ठीक करने के लिए लाया जाता है, लेकिन बिजलीघर में न तो चहारदीवारी है और न ही कोई सुरक्षा का प्रबंध। इसका फायदा उठाकर इन ट्रांसफार्मरों से चोर-उचक्के कीमती सामान आसानी से चोरी कर ले जाते हैं।
छाजपुर डिविजन के अंतर्गत 44 गांव आते हैं। आए दिन किसी न किसी गांव में ट्रांसफार्मर खराब हो जाता है। खराब हुए ट्रांसफार्मर को ठीक करने के लिए संबंधित जेई द्वारा उसे बिजलीघर में भेज दिया जाता है, लेकिन उसको ठीक होने में कई-कई दिन का समय लग जाता है। कई ट्रांसफार्मर तो ठीक नहीं हो पाते और ग्रामीण उसके बदले में दूसरा ट्रांसफार्मर ले जाते हैं। ऐसे में खराब हुआ ट्रांसफार्मर लावारिस पड़ा रहता है। इस तरह यहां पर करीब 400 ट्रांसफार्मर छोटी-मोटी खराबी होने या पूरी तरह खराब होने की स्थिति में खुली जगह में डाले गए हैं।
कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं
छाजपुर सब डिविजन सनौली रोड पर पड़ता है। मुख्य मार्ग पर होने के बावजूद यह चारों तरफ से खुला पड़ा है। सालों से बिजलीघर की चहारदीवारी नहीं करवाई गई है। कर्मचारियों के लिए बनाए गए क्वार्टर भी जर्जर होने के कारण उनमें कोई नहीं रहता। दिन में बिजली कर्मचारी मौजूद रहते हैं, लेकिन रात को यहां सन्नाटा पसर जाता है। चहारदीवारी न होने के कारण चोर आसानी से इन ट्रांसफार्मरों से पीतल की कीमती क्वाइल और तार चोरी करके ले जा सकते हैं। वहीं हालत यह है कि कुछ महिलाएं इन ट्रांसफार्मरों के आसपास गोबर के उपले पाथती हैं और इन पर सुखाती हैं।
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‘इस डिवीजन में मैंने हाल ही में कार्यभार संभाला है। इसलिए ज्यादा कुछ नहीं कह सकता। वैसे भी खराब हुए ट्रांसफार्मरों के ठीक न होने की स्थिति में स्टोर में जमा करवाने का जिम्मा संबंधित जेई का होता है। चहारदीवारी के निर्माण के लिए एचवीपीएनएल के अधिकारियों का पत्र लिखा हुआ है।
- एसके त्यागी, एसडीओ, बिजली निगम
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छाजपुर डिविजन के अंतर्गत 44 गांव आते हैं। आए दिन किसी न किसी गांव में ट्रांसफार्मर खराब हो जाता है। खराब हुए ट्रांसफार्मर को ठीक करने के लिए संबंधित जेई द्वारा उसे बिजलीघर में भेज दिया जाता है, लेकिन उसको ठीक होने में कई-कई दिन का समय लग जाता है। कई ट्रांसफार्मर तो ठीक नहीं हो पाते और ग्रामीण उसके बदले में दूसरा ट्रांसफार्मर ले जाते हैं। ऐसे में खराब हुआ ट्रांसफार्मर लावारिस पड़ा रहता है। इस तरह यहां पर करीब 400 ट्रांसफार्मर छोटी-मोटी खराबी होने या पूरी तरह खराब होने की स्थिति में खुली जगह में डाले गए हैं।
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कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं
छाजपुर सब डिविजन सनौली रोड पर पड़ता है। मुख्य मार्ग पर होने के बावजूद यह चारों तरफ से खुला पड़ा है। सालों से बिजलीघर की चहारदीवारी नहीं करवाई गई है। कर्मचारियों के लिए बनाए गए क्वार्टर भी जर्जर होने के कारण उनमें कोई नहीं रहता। दिन में बिजली कर्मचारी मौजूद रहते हैं, लेकिन रात को यहां सन्नाटा पसर जाता है। चहारदीवारी न होने के कारण चोर आसानी से इन ट्रांसफार्मरों से पीतल की कीमती क्वाइल और तार चोरी करके ले जा सकते हैं। वहीं हालत यह है कि कुछ महिलाएं इन ट्रांसफार्मरों के आसपास गोबर के उपले पाथती हैं और इन पर सुखाती हैं।
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‘इस डिवीजन में मैंने हाल ही में कार्यभार संभाला है। इसलिए ज्यादा कुछ नहीं कह सकता। वैसे भी खराब हुए ट्रांसफार्मरों के ठीक न होने की स्थिति में स्टोर में जमा करवाने का जिम्मा संबंधित जेई का होता है। चहारदीवारी के निर्माण के लिए एचवीपीएनएल के अधिकारियों का पत्र लिखा हुआ है।
- एसके त्यागी, एसडीओ, बिजली निगम