फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   मां ने खाना बनाने के लिए माचिस जलाई, लीक गैस सिलेंडर ने पकड़ी आग, सोते वक्त दो बच्चे जिंदा जले, दोनों की मौत, मां की हालत गंभीर

मां ने खाना बनाने के लिए माचिस जलाई, लीक गैस सिलेंडर ने पकड़ी आग, सोते वक्त दो बच्चे जिंदा जले, दोनों की मौत, मां की हालत गंभीर

Fri, 08 Jun 2018 12:24 AM IST
Updated Fri, 08 Jun 2018 12:24 AM IST
विज्ञापन
मां ने खाना बनाने के लिए माचिस जलाई, लीक गैस सिलेंडर ने पकड़ी आग, सोते वक्त दो बच्चे जिंदा जले, दोनों की मौत, मां की हालत गंभीर
मां ने खाना बनाने के लिए माचिस की तीली जलाई, लीक गैस सिलेंडर में पकड़ी आग, सोते वक्त दो बच्चे जिंदा जले, मां की हालत गंभीर
विज्ञापन

-आग का कारण : चूल्हा व सिलेंडर दोनों पास पास रखे थे, 4 साल के मारे गए बच्चे को दंपति ने लिया था गोद
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। 8 मरला में किराये के मकान में रह रही मां ने खाना बनाने के लिए माचिस की तिल्ली जलाई तो सिलेंडर की गैस लीक होने के कारण कमरे में आग लग गई। कमरे में सो रहे दो बच्चे आग में जिंदा जल गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने महिला को बचा लिया। उसे एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है। कमरे में धुआं उठते देख आसपास के लोगों ने पानी की सहायता से कमरे की आग बुझाई व झुलसे हुए बच्चों को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची व परिजनों के बयानों पर मामले की कार्रवाई शुरू कर दी।
राधे विहार कॉलोनी में बिहार के जिला दरभंगा गांव हथौड़ी कोठी निवासी उत्तम, उसकी पत्नी रेणु व तीन लड़कियां व एक लड़के के साथ 10 साल से यहां पर रहे थे। उत्तम घर के नजदीक चौक पर खाने की रेहड़ी लगाते हैं। 15 दिन पहले वो गांव में अपनी बड़ी बेटी की शादी कर के 2 दिन पहले ही शहर लौटे थे। गांव से साथ में वो अपने रिश्तेदार के बेटे 15 वर्षीय सुमित को साथ ले कर आए थे। जोकि उसकी रेहड़ी पर उसकी सहायता करवाता था। वीरवार शाम पौने 5 बजे 4 वर्षीय अनमोल व सुमित कमरे में सो रहे थे। वहीं पास में रेणु खाना बनाने की तैयारी कर रही थी। खाना बनाने के लिए उसने जैसे ही माचिस की तिल्ली जलाई, तो सलेंडर की गैस लीक होने के कारण कमरे में आग लग गई। आग लगते ही रेणु चीखती हुई कमरे से बाहर निकल कर आई। वहीं कमरे में सो रहे दोनों बच्चे आग की चपेट में झुलसते रहे। महिला की चीख सुनकर व कमरे में धुआं उठता देख लोग कमरे की ओर दौड़े व समर सीवर चालू कर पाइप की सहायता से आग को बुझाने की कोशिश की। इसी बीच एक व्यक्ति कमरे के अंदर घुस गया व दोनों बच्चों को कमरे से बाहर निकाल ले आया। दोनों बच्चों को लोग मेट्रो रिक्शा पर सामान्य अस्पताल ले कर आए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन


कमरे में आग दिखाई दे रही थी, महिला व बच्चे चिल्ला रहे थे
मैं बिल्ंिडग में ही सफाई कर रहा था। अचानक दूसरे छोर से महिला के चीखने की आवाज सुनाई दी। वहां देखा कि महिला रो रही है व उसके कमरे से धुआं निकल रहा था। कमरे में झांक कर देखा तो उसमें सिर्फ आग ही आग दिखाई दे रही थी। आग बुझाने के लिए समर सीवर चलाया व पानी की सहायता से आग को काबू करने की कोशिश की। लेकिन आग और भी बढ़ रही थी। फिर कमरे के अंदर घुस कर दोनों बच्चों को बाहर निकाला। इसमें सुमित के सांसें चल रही थीं। मेरे साथ उत्तम सिंह, मनोज, शंकर व मकान मालिक विनोद कुमार ने भी बचाव का काम किया। इन्होंने सिलेंडर को बाहर फें का व विनोद महिला रेणु को गाड़ी में निजी अस्पताल ले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

- दिनेश कुमार, सफाई कर्मचारी

4 साल पहले गोद लिया अनमोल, 4 माह पहले छत से भी गिरा था
दंपति ने अनमोल को 4 साल पहले गोद लिया था। जोकि 4 माह पहले इसी बिल्ंिडग की छत से गिर कर घायल हो गया था।

आग लगने का कारण
लेबर क्वार्टरों में रसोई नहीं बना रखी थी। लोगों ने कमरे में ही गैस सिलेंडर रख रखा था। इस स्थिति में गैस लीक होने के बाद हवा में ज्यादा ऊपर नहीं उठती। गैस दो से ढाई फुट तक ही रहती है। इस स्थिति अगर चूल्हा जलाया जाए तो आग लग सकती है। यहां भी ऐसा ही हुआ। सिलेंडर लीक था और चूल्हा सिलेंडर के पास रखा हुआ था।

एंबुलेंस न पहुुंचने से गई सुमित की जान
सुमित को जब कमरे से निकाला गया, तब उसकी सांसें चल रही थीं। वो अपनी जिंदगी से लड़ रहा था। लेकिन मकान मालिक व पार्षद ने इसकी ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया। फिर सुमित को पास से गुजर रहे मेट्रो चालक व एक अन्य उसे मेट्रो रिक्शा से सामान्य अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुमित झुलसने के 20 मिनट तक सांसे ले रहा था। लेकिन एंबुलेंस ना आने के कारण उसने दम तोड़ दिया। आग की सूचना मकान मालिक ने दमकल विभाग को दी। सूचना मिलने के 50 मिनट बाद दमकल की 1 गाड़ी मौके पर पहुंची। लेकिन तब तक आग बुझ चुकी थी। इसके अलावा लोगों ने बताया कि मकान मालिक सिर्फ महिला को अपनी गाड़ी में बैठा कर ले गया। जबकि महिला ठीक स्थिति में थी।

लोगों ने चंदा इकट्ठा कर कराया अस्पताल में भर्ती
लेबर क्वार्टर में रहने वाले लोगों ने खुद चंदा एकत्रित कर झुलसी महिला को आठ मरला स्थित निजी अस्पताल में दाखिल कराया है। लोगों ने डॉक्टर से भी सही व कम रेट में इलाज करने की विनती की है। क्वार्टर मालिक के मदद ना करने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

गैस सिलेंडर को लेकर ये बरते सावधानियां
गैस एजेंसी एसोसिएशन पानीपत प्रधान तेजबीर जगलान ने बताया कि नया सिलेंडर लेते वक्त उसकी गैस लिकेज की जांच करें। सिलेंडर की सील निकालते वक्त उपर अंगूठा रखे। अगर अंगूठे पर प्रेशर बनता महसूस हुआ तो सिलेंडर लीक है इस स्थिति में सिलेंडर वापस कर दें। चलाने से पहले रेगुलेटर बंद कर दें और बिजली के उपकरण ना जलाए। गैस पाइप की समय समय पर जांच कराए। चूल्हे को सिलेंडर से डेढ़ फुट तक ऊपर रखे।


हादसा काफी दुखदायी है, कल शवों के पोस्टमार्टम होंगे : चंद्रमोहन
आठ मरला में हादसे में मरे दो बच्चे व झुलसी महिला का मामला काफी दुखदायी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने शवों को सिविल अस्पताल में भिजवा दिया था। पुलिस पीड़ितों के बयान दर्ज कर रही है। शुक्रवार को शवों का पोस्टमार्टम होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed