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अक्षर तृतीय पर बाल निषेध अधिकारी ने बाल विवाह का शिकार हो रहे 4 नाबालिगों को बचाया
Updated Thu, 19 Apr 2018 12:44 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। अक्षय तृतीय पर बाल विवाह निषेध अधिकारी ने चार नाबालिगों को बाल विवाह का शिकार होने से बचाया। बाल निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता चार गुप्त सूचनाओं पर अलग-अलग स्थानों पर बाल विवाह रुकवाने पहुंची। यहां पर उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी टीमों के साथ दबिश दी। लड़कियों की आयु की जांच की गई। चारों नाबालिग मिली। इनके परिवार के लोगों को सख्त हिदायतें देकर बाल विवाह रुकवा दिया गया।
बुधवार को बाल निषेध अधिकारी अपनी टीम के साथ गांव झांबा में पहुंची। जहां पर प्रेम अपनी 16 साल की लड़की की शादी कुलदीप पुत्र रमेश निवासी गांव मिमारपुर सोनीपत के साथ कर रहा था। जांच करने पर पता चला कि नाबालिग 9वीं तक पढ़ी हुई है और उसकी जन्म तिथि 12 फरवरी 2002 है। यहां पर उन्होंने परिवार के लोगों को कड़ी हिदायत देते हुए बाल विवाह रुकवा दिया है। मंगलवार को भी बाल निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने तीन बाल विवाह रुकवाए। पहला विकास नगर में बाल विवाह रुकवाया गया जहां भगत सिंह पुत्र सूरजमल अपनी 15 साल की बेटी की शादी सिवाह गांव के विक्रम के साथ कर रहा था। नाबालिग की जन्मतिथि 1 जनवरी 2003 मिली। यहां पर भी रजनी गुप्ता ने लड़की और लड़के की आयु की जांच की। दोनों नाबालिग मिले। इन परिवार को कड़ी हिदायत दी। तीसरा मामला गांव कचरौली से सामने आया जहां बलजीत अपनी नाबालिग बेटी की शादी राजेश पुत्र पाले राम निवासी गांव बबैल के साथ कर रहा था। शादी 20 अप्रैल को तय हुई थी। इससे पहले गुप्त सूचना पर पहुंची टीम ने विवाह रुकवा दिया और वर पक्ष को बयान दर्ज कराने के लिए गुरुवार को अपने कार्यालय में बुलाया है। चौथी शादी विवर्स कॉलोनी में रुकवाई गई जहां आमरा पुत्र हरिराम अपनी नाबालिग बेटी की शादी कर रहा था इनको भी कड़ी हिदायत देते हुए बाल विवाह रुकवा दिया गया। चारों मामलों में सबके बयान दर्ज कर लिए गए हैं।
रजनी गुप्ता ने बताया कि गुप्त सूचना पर चार स्थानों पर कार्रवाई की है। जहां भी बाल विवाह हो रहा हो इसकी सूचना उन्हें दें।
बाल निषेध अधिकारी ने रुकवाया बाल विवाह
फोटो 30
पानीपत। अक्षय तृतीय पर बाल विवाह निषेध अधिकारी ने चार नाबालिगों को बाल विवाह का शिकार होने से बचाया। बाल निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता चार गुप्त सूचनाओं पर अलग-अलग स्थानों पर बाल विवाह रुकवाने पहुंची। यहां पर उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी टीमों के साथ दबिश दी। लड़कियों की आयु की जांच की गई। चारों नाबालिग मिली। इनके परिवार के लोगों को सख्त हिदायतें देकर बाल विवाह रुकवा दिया गया।
बुधवार को बाल निषेध अधिकारी अपनी टीम के साथ गांव झांबा में पहुंची। जहां पर प्रेम अपनी 16 साल की लड़की की शादी कुलदीप पुत्र रमेश निवासी गांव मिमारपुर सोनीपत के साथ कर रहा था। जांच करने पर पता चला कि नाबालिग 9वीं तक पढ़ी हुई है और उसकी जन्म तिथि 12 फरवरी 2002 है। यहां पर उन्होंने परिवार के लोगों को कड़ी हिदायत देते हुए बाल विवाह रुकवा दिया है। मंगलवार को भी बाल निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने तीन बाल विवाह रुकवाए। पहला विकास नगर में बाल विवाह रुकवाया गया जहां भगत सिंह पुत्र सूरजमल अपनी 15 साल की बेटी की शादी सिवाह गांव के विक्रम के साथ कर रहा था। नाबालिग की जन्मतिथि 1 जनवरी 2003 मिली। यहां पर भी रजनी गुप्ता ने लड़की और लड़के की आयु की जांच की। दोनों नाबालिग मिले। इन परिवार को कड़ी हिदायत दी। तीसरा मामला गांव कचरौली से सामने आया जहां बलजीत अपनी नाबालिग बेटी की शादी राजेश पुत्र पाले राम निवासी गांव बबैल के साथ कर रहा था। शादी 20 अप्रैल को तय हुई थी। इससे पहले गुप्त सूचना पर पहुंची टीम ने विवाह रुकवा दिया और वर पक्ष को बयान दर्ज कराने के लिए गुरुवार को अपने कार्यालय में बुलाया है। चौथी शादी विवर्स कॉलोनी में रुकवाई गई जहां आमरा पुत्र हरिराम अपनी नाबालिग बेटी की शादी कर रहा था इनको भी कड़ी हिदायत देते हुए बाल विवाह रुकवा दिया गया। चारों मामलों में सबके बयान दर्ज कर लिए गए हैं।
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रजनी गुप्ता ने बताया कि गुप्त सूचना पर चार स्थानों पर कार्रवाई की है। जहां भी बाल विवाह हो रहा हो इसकी सूचना उन्हें दें।
बाल निषेध अधिकारी ने रुकवाया बाल विवाह
फोटो 30