{"_id":"5b8440e342c792467534322e","slug":"71535394019-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेटे का खर्च निकालने के लिए पिता ने मध्य प्रदेश में 36 एकड़ भूमि ठेके पर ली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेटे का खर्च निकालने के लिए पिता ने मध्य प्रदेश में 36 एकड़ भूमि ठेके पर ली
Updated Mon, 27 Aug 2018 11:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेटे की जीत पर भावुक हुए पिता, मां खिलाएंगी बेटे को चूरमा
पानीपत। पूरा परिवार नीरज के सपने को साकार करने में जुटा हुआ है। चाचा ने नीरज के साथ मेहनत की और उसको यहां तक पहुंचाने में अहम रोल अदा किया। वहीं दूसरी ओर पिता सतीश बेटे नीरज का खेल का खर्च निकालने के लिए मध्य प्रदेश में ठेके पर 35 एकड़ भूमि ठेके पर ली है। पिता वहां दिन रात मेहनत कर रहे हैं। अमर उजाला से बात करते हुए पिता सतीश भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि ये नीरज की तपस्या का फल उसे मिला है। अब वह उनका ही नहीं बल्कि पूरे देश का बेटा है। तीन दिन पहले बेटे से व्हाट्सएप पर बात हुई थी। उसने बेटे को कहा था कि बस अपना बेस्ट देना, गोल्ड तुम्हारा ही होगा। उनको नीरज की मेहनत पर पूरा भरोसा था। नीरज का मैच देखने के लिए उन्होंने 24 घंटे तक इंवर्टर की बैटरी बचा कर रखी थी। मां सरोज ने बताया कि नीरजु का पसंदीदा खाना चूरमा है। नीरज के स्वागत में वहां खुद एयरपोर्ट पर जाएंगी और चूरमे से नीरजु का मुंह मीठा करवाएगी।
विज्ञापन
पानीपत। पूरा परिवार नीरज के सपने को साकार करने में जुटा हुआ है। चाचा ने नीरज के साथ मेहनत की और उसको यहां तक पहुंचाने में अहम रोल अदा किया। वहीं दूसरी ओर पिता सतीश बेटे नीरज का खेल का खर्च निकालने के लिए मध्य प्रदेश में ठेके पर 35 एकड़ भूमि ठेके पर ली है। पिता वहां दिन रात मेहनत कर रहे हैं। अमर उजाला से बात करते हुए पिता सतीश भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि ये नीरज की तपस्या का फल उसे मिला है। अब वह उनका ही नहीं बल्कि पूरे देश का बेटा है। तीन दिन पहले बेटे से व्हाट्सएप पर बात हुई थी। उसने बेटे को कहा था कि बस अपना बेस्ट देना, गोल्ड तुम्हारा ही होगा। उनको नीरज की मेहनत पर पूरा भरोसा था। नीरज का मैच देखने के लिए उन्होंने 24 घंटे तक इंवर्टर की बैटरी बचा कर रखी थी। मां सरोज ने बताया कि नीरजु का पसंदीदा खाना चूरमा है। नीरज के स्वागत में वहां खुद एयरपोर्ट पर जाएंगी और चूरमे से नीरजु का मुंह मीठा करवाएगी।