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खनन कारोबारी पर हमला करने वाले पार्टनर ने किया सरेंडर
Updated Fri, 03 Aug 2018 12:09 AM IST
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खनन कारोबारी पर हमला करने वाले पार्टनर ने किया सरेंडर
फोटो संख्या- 44
अमर उजाला ब्यूरो,
पानीपत। सेक्टर 18 में मंगलवार रात करीब 10:30 बजे घर के बाहर खनन कारोबारी जगदीश पाल पर हमला कर उसकी दोनों पैर तोड़ने के मामले में एक आरोपी जितेंद्र अहलावत उर्फ जीता ने गुरुवार को सरेंडर कर दिया। सिटी थाना प्रभारी दीपक ने बताया कि जमानती धाराएं होने के कारण जीता को थाने से जमानत दे दी। जितेंद्र बबैल गांव का रहने वाला है। सरेंडर से पहले जितेंद्र, आरोपी अशोक चंदौली व अन्य ने स्काईलार्क में प्रेस वार्ता की। अशोक चंदौली ने बताया कि उसने अपने भाई मुकेश, नरेंद्र, जगदीश पाल व सूरजपाल के साथ मिलकर 18 सितंबर 2017 को रेत व मिट्टी का काम शुरू किया था। कंपनी का नाम एआरएल ट्रेडिल था। जिसका ऑनर अशोक था। महिपाल ढांडा का साला प्रदीप उनके साथ पार्टनर नहीं था। कुछ माह बाद जगदीश ने कुछ लोगों के साथ रेत व मिट्टी का अगल काम शुरू कर दिया है। आरोप है कि वह उन्हीं लोगों को बड़े ऑडर दे रहा था। इसी विवाद पर 19 जुलाई को पांचों पार्टनरों का हिसाब हुआ। जिसमें 2 लाख 3 हजार 600 रुपए जगदीश से लेने थे। जो उसने दे भी दिए। जगदीश के 20 लाख रुपए नहीं देने हैं। इसके बाद उसकी जगदीश से बात तक नहीं हुई और न ही मारपीट में उसका कोई हाथ है।
वहीं जितेंद्र ने कहा कि वह एआरएल कंपनी में नौकरी करता था। उसको 20 हजार रुपए मिलते थे। 27 जुलाई को जगदीश ने फोन करके मिलने के लिए कहा। 28 जुलाई को बबैल में एअरटेल टॉपर पर वह जगदीश से मिलने गया। वहां शराब पार्टी के बाद वे हरिद्वार गए। जितेंद्र का आरोप है कि जगदीश ने उससे कहा कि उसके साथ वह पार्टनर हो जाए। इस पर उसने कंपनी से नौकरी छोड़ दी और पांच लाख रुपए का इंतजाम कर लिया। उसने जगदीश से डंपर खरीदने के लिए कहा तो वह टरकाता रहा। कंपनी में नौकरी छूटने व जगदीश के पार्टनर नहीं करने पर 30 जुलाई को उनकी कहासुनी हो गई। 31 जुलाई को उसने मारपीट की। मामले में जगदीश का कहना है कि आरोपी अब झूठी कहानी बना रहे हैं। उसे 20 लाख रुपए लेने हैं। 27 जुलाई को जितेंद्र से उसकी बातचीत भी नहीं हुई। चाहे कॉल डिटेल निकाल ली जाए।
पीड़ित सहित अन्य पार्टनर ने विधायक साले का कंपनी में नहीं बताया कोई हिस्सा:
वारदात के दिन घायल जगदीशपाल ने बताया था कि उसके साथ मारपीट करवाने में उसके पार्टनर प्रदीप का हाथ है। प्रदीप ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा का साला है। बुधवार को जगदीशपाल ने ये भी कहा था कि प्रदीप के इशारे पर बाकी पार्टनर उसके खिलाफ षंडयंत्र रचते थे। पुलिस विधायक के दबाब में मामले में कार्रवाई नहीं कर रही। लेकिन वीरवार को पीड़ित उसके बयानों से बदल गया व कहा कि प्रदीप का इस पूरे मामले में कोई लेना-देना नहीं है। बुधवार को वो होश में नहीं था, इसीलिए उसे याद नहीं है कि उसने क्या बयान दिए थे। साथ ही कहा कि प्रदीप का कंपनी में किसी तरह का कोई हिस्सा नहीं है।24
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फोटो संख्या- 44
अमर उजाला ब्यूरो,
पानीपत। सेक्टर 18 में मंगलवार रात करीब 10:30 बजे घर के बाहर खनन कारोबारी जगदीश पाल पर हमला कर उसकी दोनों पैर तोड़ने के मामले में एक आरोपी जितेंद्र अहलावत उर्फ जीता ने गुरुवार को सरेंडर कर दिया। सिटी थाना प्रभारी दीपक ने बताया कि जमानती धाराएं होने के कारण जीता को थाने से जमानत दे दी। जितेंद्र बबैल गांव का रहने वाला है। सरेंडर से पहले जितेंद्र, आरोपी अशोक चंदौली व अन्य ने स्काईलार्क में प्रेस वार्ता की। अशोक चंदौली ने बताया कि उसने अपने भाई मुकेश, नरेंद्र, जगदीश पाल व सूरजपाल के साथ मिलकर 18 सितंबर 2017 को रेत व मिट्टी का काम शुरू किया था। कंपनी का नाम एआरएल ट्रेडिल था। जिसका ऑनर अशोक था। महिपाल ढांडा का साला प्रदीप उनके साथ पार्टनर नहीं था। कुछ माह बाद जगदीश ने कुछ लोगों के साथ रेत व मिट्टी का अगल काम शुरू कर दिया है। आरोप है कि वह उन्हीं लोगों को बड़े ऑडर दे रहा था। इसी विवाद पर 19 जुलाई को पांचों पार्टनरों का हिसाब हुआ। जिसमें 2 लाख 3 हजार 600 रुपए जगदीश से लेने थे। जो उसने दे भी दिए। जगदीश के 20 लाख रुपए नहीं देने हैं। इसके बाद उसकी जगदीश से बात तक नहीं हुई और न ही मारपीट में उसका कोई हाथ है।
वहीं जितेंद्र ने कहा कि वह एआरएल कंपनी में नौकरी करता था। उसको 20 हजार रुपए मिलते थे। 27 जुलाई को जगदीश ने फोन करके मिलने के लिए कहा। 28 जुलाई को बबैल में एअरटेल टॉपर पर वह जगदीश से मिलने गया। वहां शराब पार्टी के बाद वे हरिद्वार गए। जितेंद्र का आरोप है कि जगदीश ने उससे कहा कि उसके साथ वह पार्टनर हो जाए। इस पर उसने कंपनी से नौकरी छोड़ दी और पांच लाख रुपए का इंतजाम कर लिया। उसने जगदीश से डंपर खरीदने के लिए कहा तो वह टरकाता रहा। कंपनी में नौकरी छूटने व जगदीश के पार्टनर नहीं करने पर 30 जुलाई को उनकी कहासुनी हो गई। 31 जुलाई को उसने मारपीट की। मामले में जगदीश का कहना है कि आरोपी अब झूठी कहानी बना रहे हैं। उसे 20 लाख रुपए लेने हैं। 27 जुलाई को जितेंद्र से उसकी बातचीत भी नहीं हुई। चाहे कॉल डिटेल निकाल ली जाए।
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पीड़ित सहित अन्य पार्टनर ने विधायक साले का कंपनी में नहीं बताया कोई हिस्सा:
वारदात के दिन घायल जगदीशपाल ने बताया था कि उसके साथ मारपीट करवाने में उसके पार्टनर प्रदीप का हाथ है। प्रदीप ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा का साला है। बुधवार को जगदीशपाल ने ये भी कहा था कि प्रदीप के इशारे पर बाकी पार्टनर उसके खिलाफ षंडयंत्र रचते थे। पुलिस विधायक के दबाब में मामले में कार्रवाई नहीं कर रही। लेकिन वीरवार को पीड़ित उसके बयानों से बदल गया व कहा कि प्रदीप का इस पूरे मामले में कोई लेना-देना नहीं है। बुधवार को वो होश में नहीं था, इसीलिए उसे याद नहीं है कि उसने क्या बयान दिए थे। साथ ही कहा कि प्रदीप का कंपनी में किसी तरह का कोई हिस्सा नहीं है।24
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