ग्रैप लागू: पानीपत में बंद रहे 600 उद्योग, पहले ही दिन 100 करोड़ का नुकसान, दो लाख श्रमिक भी घर बैठे
सीक्यूएम ने कार्रवाई के लिए उद्योगों की लिस्ट तैयार की है। सीपीसीबी ने क्षेत्रीय अधिकारियों को उद्योगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं एनसीआर के उद्यमियों ने सरकार को 13 अक्तूबर तक अल्टीमेटम दिया है।
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कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एसपीसीबी) को कोयला संचालित उद्योगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अगर कोई उद्योग कोयले पर चलता मिला तो उस पर एक करोड़ रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। अगर उद्यमी जुर्माना नहीं भरता तो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के मामले में उसे पांच साल की सजा होगी। उधर, पानीपत शहर में ग्रैप भी लागू हो गया है। अब 100 केवी से अधिक क्षमता वाले जेनरेटर भी नहीं चलेंगे।
सी के चलते शनिवार को शहर के 500 डाई हाउस और 100 कंबल प्लांट पूरी तरह से बंद रहे। उद्योग बंद रहने की वजह से पहले ही दिन टेक्सटाइल नगरी को लगभग 100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं करीब दो लाख श्रमिक भी घर बैठे रहे। दूसरी ओर, सीएक्यूएम के आदेशों से खफा पानीपत के सभी औद्योगिक संगठन शनिवार को एक मंच पर आ गए।
पानीपत इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रीतम सचदेवा की अध्यक्षता में सेक्टर-25 स्थित होटल में उद्यमियों की मीटिंग हुई। इसमें डाइंग, के मिकल, धागा, फैब्रिक, कंबल व कारपेट से जुड़े औद्योगिक संगठनों के प्रधान शामिल हुए।
उद्यमियों की बैठक में निर्णय लिया गया कि सीएक्यूएम अगर 13 अक्तूबर तक उद्योगों पर दिया गया फैसला वापस नहीं लेता है तो पूरे एनसीआर के उद्यमी और श्रमिक सड़कों पर उतरेंगे। पूरे एनसीआर में आंदोलन खड़ा किया जाएगा। उन्होंने मामले में सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई।
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मीटिंग में भीम राणा, ललित गोयल, अनिल बंसल, अशोक कुमार, विनोद कुमार समेत तमाम संगठनों से पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन ने एनसीआर के सभी क्षेत्रीय अधिकारियों की दिल्ली में मीटिंग बुलाई। इसमें चेयरमैन ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वो उद्योगों पर कार्रवाई शुरू करें।
बड़ी समस्या, पीएनजी के बर्नर तक नहीं, कैसे हों उद्योग पीएनजी पर शिफ्ट
उद्यमियों ने मीटिंग में कहा कि एक्यूसीएम बॉयलर को पीएनजी पर शिफ्ट करने का दबाव बना रहा है, लेकिन उन्हें पीएनजी के बॉयलर चलाने का प्रशिक्षण तक नहीं दिया गया। पीएनजी के बर्नर भी उपलब्ध नहीं है। कंपनी बर्नरों की पूर्ति नहीं कर पा रही है। दो-दो साल की वेटिंग चल रही है, इसलिए उन्हें बॉयलर को पीएनजी पर शिफ्ट करने के लिए दो साल का वक्त चाहिए।
बैठक में उद्यमियों ने ये रखी मांगें
- जुर्माना कम किया जाए।
- उनको पीएनजी पर बॉयलर को शिफ्ट करने के लिए दो साल तक का वक्त दिया जाए।
- एपीएम 800 से 80 पर लाना मुश्किल है, उनको इसमें राहत मिले।
- बॉयलर विशेषज्ञों की टीम उपलब्ध कराई जाए।
- पीएनजी के दाम स्थिर किए जाए।
नहीं माने तो खड़ा करेंगे आंदोलन : भीम
बैठक में फैसला लिया गया है कि सीपीक्यूएम अपना फैसला वापस नहीं लेता है तो 13 अक्तूबर के बाद पूरे एनसीआर में आंदोलन खड़ा किया जाएगा। हर रोज धरने-प्रदर्शन होंगे। लाखों लोग बेरोजगार हो रहे हैं। सरकार को इसकी चिंता नहीं है। लाखों लोग सड़कों पर उतरेंगे। शनिवार को सभी डाइंग यूनिट व कंबल प्लांट बंद रहे। इस मामले में सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए। इस बारे में सांसद के माध्यम से सीएम से भी मिलने का प्रयास होगा। - भीम राणा, प्रधान डायर्स एसोसिएशन
नियम न माने तो होगी कार्रवाई : सैनी
सीपीसीबी ने दिल्ली में मीटिंग बुलाई थी। मीटिंग में उन्हें साफ कहा गया है कि नियमों को नहीं मानने वाले उद्यमियों पर कार्रवाई की जाए। सोमवार से उद्योगों पर कार्रवाई शुरू कर देंगे। -कमलजीत सैनी, क्षेत्रीय अधिकारी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड