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लिंग जांच के गोरखधंधे में शहर के छह डॉक्टर भी शामिल, जांच तेज
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Wed, 17 Feb 2016 12:19 AM IST
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वैब पोर्टेबल मशीन से लिंग जांच करने के गौरखधंधे में शहर के छह डॉक्टर भी शामिल थे। वे ही आरोपी अमित उर्फ सोनू के पास क्लाइंड भेजते थे।
आरोपी ने पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी डॉक्टरों के नाम उगले हैं। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस उक्त डॉक्टरों पर किसी भी समय कार्रवाई कर सकता है। ऐसे में डॉक्टरों के पसीने छूट गए हैं।
विदित है कि सीआईए वन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार रात को सेक्टर 18 से अमित उर्फ सोनू को वैब पोर्टेबल मशीन के साथ काबू किया था।
आरोपी उक्त मशीन के साथ घर-घर जाकर लिंग जांच कर देता था। मात्र पांच से दस मिनिट में पूरा रिजल्ट बता देता था।
पुलिस ने आरोपी से दो दिन के रिमांड के दौरान पूछताछ शुरू की तो सच्चाई सामने आती चली गई। उम्मीद के अनुसार लिंग जांच के आरोपी अमित के साथ शहर के छह चिकित्सकों की भागीदारी सामने आई है।
नाम सामने आने पर डॉक्टरों पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटक रही है। यह सभी छह डॉक्टर अमित के पास लिंग जांच के क्लाइंट भेजते थे। अगर किसी को गर्भपात करवाना होता तो अमित इन डॉक्टरों को गर्भपात के क्लाइंट देता था।
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हर व्यक्ति से अलग नंबर से करता था फोन
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी अमित बहुत शातिर है। अमित मोबाइल फोन पर अधिक लोगों से बात नहीं करता था।
परिवार के लोगों से बात करने के लिए अमित एक सिम अलग से रखता था। जबकि गोरखधंधा चलाने के लिए अमित तीन सिमों का प्रयोग करता था।
अमित ने एक नहीं बल्कि दो वैब पोर्टेबल मशीन खरीदी थी। अमित के लिंग जांच का जाल पानीपत, करनाल और कैथल के अलावा जींद, नरवाना और यूपी तक फैला हुआ है।
अमित के संपर्क में इन जिलों के चिकित्सक और अन्य लोग थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम को दिसंबर माह के शुरू में अमित के बारे में सूचना मिली थी। लेकिन उसके बाद से ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें आरोपी को पकड़ने का प्रयास कर रही थी। लेकिन शातिर अमित स्वास्थ्य विभाग की टीम से दो कदम आगे ही रहता था।
आरोपी के पास एक और वैब पोर्टेबल मशीन हो सकती है। पुलिस पूछताछ में शहर के छह चिकित्सकों का नाम सामने आया है। नामों का खुलासा उनकी गिरफ्तारी के बाद ही होगा। अमित बहुत शातिर था। उसको पकड़ने में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को काफी मेहनत करनी पड़ी है।
डॉ. इंद्रजीत सिंह धनखड़, सिविल सर्जन पानीपत।
पुलिस आरोपी अमित से रिमांड के दौरान पूछताछ कर रही है। पुलिस उसकी निशानदेही पर कुछ खुलासे कर सकती है और इसके प्रयास में लगातार प्रयास किया जा रहा है।
संदीप छिक्कारा, प्रभारी, सीआईए-वन पानीपत।
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आरोपी ने पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी डॉक्टरों के नाम उगले हैं। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस उक्त डॉक्टरों पर किसी भी समय कार्रवाई कर सकता है। ऐसे में डॉक्टरों के पसीने छूट गए हैं।
विदित है कि सीआईए वन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार रात को सेक्टर 18 से अमित उर्फ सोनू को वैब पोर्टेबल मशीन के साथ काबू किया था।
आरोपी उक्त मशीन के साथ घर-घर जाकर लिंग जांच कर देता था। मात्र पांच से दस मिनिट में पूरा रिजल्ट बता देता था।
पुलिस ने आरोपी से दो दिन के रिमांड के दौरान पूछताछ शुरू की तो सच्चाई सामने आती चली गई। उम्मीद के अनुसार लिंग जांच के आरोपी अमित के साथ शहर के छह चिकित्सकों की भागीदारी सामने आई है।
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नाम सामने आने पर डॉक्टरों पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटक रही है। यह सभी छह डॉक्टर अमित के पास लिंग जांच के क्लाइंट भेजते थे। अगर किसी को गर्भपात करवाना होता तो अमित इन डॉक्टरों को गर्भपात के क्लाइंट देता था।
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हर व्यक्ति से अलग नंबर से करता था फोन
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी अमित बहुत शातिर है। अमित मोबाइल फोन पर अधिक लोगों से बात नहीं करता था।
परिवार के लोगों से बात करने के लिए अमित एक सिम अलग से रखता था। जबकि गोरखधंधा चलाने के लिए अमित तीन सिमों का प्रयोग करता था।
अमित ने एक नहीं बल्कि दो वैब पोर्टेबल मशीन खरीदी थी। अमित के लिंग जांच का जाल पानीपत, करनाल और कैथल के अलावा जींद, नरवाना और यूपी तक फैला हुआ है।
अमित के संपर्क में इन जिलों के चिकित्सक और अन्य लोग थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम को दिसंबर माह के शुरू में अमित के बारे में सूचना मिली थी। लेकिन उसके बाद से ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें आरोपी को पकड़ने का प्रयास कर रही थी। लेकिन शातिर अमित स्वास्थ्य विभाग की टीम से दो कदम आगे ही रहता था।
आरोपी के पास एक और वैब पोर्टेबल मशीन हो सकती है। पुलिस पूछताछ में शहर के छह चिकित्सकों का नाम सामने आया है। नामों का खुलासा उनकी गिरफ्तारी के बाद ही होगा। अमित बहुत शातिर था। उसको पकड़ने में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को काफी मेहनत करनी पड़ी है।
डॉ. इंद्रजीत सिंह धनखड़, सिविल सर्जन पानीपत।
पुलिस आरोपी अमित से रिमांड के दौरान पूछताछ कर रही है। पुलिस उसकी निशानदेही पर कुछ खुलासे कर सकती है और इसके प्रयास में लगातार प्रयास किया जा रहा है।
संदीप छिक्कारा, प्रभारी, सीआईए-वन पानीपत।