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बस्ती में मूलभूत सुविधाओं को टोटा
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बस्ती में मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे लोग
सनौली। ताजपुर गांव में महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत लाभार्थियों को मुफ्त के प्लाट तो करीब सात साल पहले मिल चुके है। जबकि मुलभूत सुविधाओं का अभी तक बस्ती में टोटा बना हुआ है। बिजली-पानी की समस्या को लेकर लोगों में प्रशासन के खिलाफ रोष व्याप्त है। राजपाल, ओमप्रकाश, बिजेंद्र, इकबाल, बिल्लू, अंग्रेजों, संतरा, रोशनी, कविता आदि ने बताया कि करीब तीन वर्ष पूर्व महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत करीब 120 लाभार्थियों को मुफ्त के प्लाट मिले थे। जो ताजपुर से गढ़ी भल्लौर गांव की तरफ जाने वाले रास्ते पर है। इनमें से अधिकतर प्लॉटो की रजिस्ट्री भी हो चुकी है। लोगों का कहना है कि अगर बस्ती में मूलभूत सुविधा प्राप्त हो जाए तो योजना के तहत यहां मिले 100-100 गज के प्लॉटों में वे अपना आशियाना बना लेंगे। हालांकि कुछ लोगों ने बस्ती में मुफ्त के प्लॉटों में मकान बना भी लिये है। यहां रह रहे लोगों का कहना है कि समस्या को लेकर उन्होेंने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें स्थिति से अवगत भी करवाया है। इसके बावजूद अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है।
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सनौली। ताजपुर गांव में महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत लाभार्थियों को मुफ्त के प्लाट तो करीब सात साल पहले मिल चुके है। जबकि मुलभूत सुविधाओं का अभी तक बस्ती में टोटा बना हुआ है। बिजली-पानी की समस्या को लेकर लोगों में प्रशासन के खिलाफ रोष व्याप्त है। राजपाल, ओमप्रकाश, बिजेंद्र, इकबाल, बिल्लू, अंग्रेजों, संतरा, रोशनी, कविता आदि ने बताया कि करीब तीन वर्ष पूर्व महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत करीब 120 लाभार्थियों को मुफ्त के प्लाट मिले थे। जो ताजपुर से गढ़ी भल्लौर गांव की तरफ जाने वाले रास्ते पर है। इनमें से अधिकतर प्लॉटो की रजिस्ट्री भी हो चुकी है। लोगों का कहना है कि अगर बस्ती में मूलभूत सुविधा प्राप्त हो जाए तो योजना के तहत यहां मिले 100-100 गज के प्लॉटों में वे अपना आशियाना बना लेंगे। हालांकि कुछ लोगों ने बस्ती में मुफ्त के प्लॉटों में मकान बना भी लिये है। यहां रह रहे लोगों का कहना है कि समस्या को लेकर उन्होेंने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें स्थिति से अवगत भी करवाया है। इसके बावजूद अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है।