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18 करोड़ की लघु सचिवालय की बिल्डिंग में महिलाओं के शौचालय पर लगाए ताले

Fri, 20 Apr 2018 12:09 AM IST
Updated Fri, 20 Apr 2018 12:09 AM IST
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18 करोड़ की लघु सचिवालय की बिल्डिंग में महिलाओं के शौचालय पर लगाए ताले
अमर उजाला ब्यूरो
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पानीपत।
लघु सचिवालय की 18 करोड़ से बनी बिल्डिंग अब सुविधाओं के अभाव से जूझ रही है। इसी बिल्डिंग में 17 सरकारी विभागों के दफ्तर हैं। हर रोज यहां पर अपनी फरियाद लेकर 5 हजार लोग आते हैं। इसमें 1800-2000 महिलाएं होती हैं। लघु सचिवालय में फरियादियों के लिए न तो पानी की व्यवस्था की गई है और न ही सही शौचालय की सुविधा है। ग्राउंड फ्लोर पर महिलाओं के बने दो शौचालयों पर ताला लगा हुआ है। इस कारण महिलाओं को शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है। पीने के पानी के लिए लगे चार वाटर कूलर में से दो खराब पड़े हैं। दोनों खराब कूलर ग्राउंड फ्लोर पर ही हैं। लोगों को पानी के लिए प्रथम व द्वितीय तल पर जाना पड़ता है। ऐसे में फरियादियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अगस्त 2011 में लघु सचिवालय की 17 करोड़ की बिल्डिंग का उद्घाटन किया था, ताकि सभी प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तर एक छत के नीचे आ सके और लोगों को जगह-जगह धक्के न खाने पड़े। इस बिल्डिंग की देख-रेख की जिम्मेदारी सीटीएम को दी गई थी। मगर बिल्डिंग बनने के बाद से ही यहां पर सुविधाओं का खासा टोटा रहा। आए दिन लिफ्ट खराब रहती है। लोगों को पांचवीं मंजिल तक सीढ़ियों से जाना पड़ता है। सचिवालय में बनी कैंटीन भी अकसर बंद रहती है। जिस कारण घंटों अपने काम के लिए चक्कर काटने वाले फरियादियों को खाने के लिए कुछ नहीं मिल पाता है। ऐसे में जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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इन दफ्तरों में आते हैं इतने फरियादी:
डीसी ऑफिस में हर रोज 570 से 600 फरियादी आते हैं। इनमें 220 से 250 महिला फरियादी होती है। एडीसी ऑफिस में 300 से 340 फरियादी आते हैं। इनमें 150-170 महिला फरियादी होती है। एसडीएम कार्यालय में लगभग 250 कुल फरियादी होते हैं इनमें 110 से 150 महिला फरियादी होती है। सीटीएम कार्यालय में 210 से 240 फरियादी आते हैं इनमें 80 से 120 महिलाएं होती है। खाद्य आपूर्ति विभाग में हर रोज 250 से 270 फरियादी आते हैं। इनमें 120 से 130 महिला फरियादी होती हैं। पेंशन विभाग में हर रोज लगभग 80 पुरुष व 50 महिलाएं पहुंचती है। ई दिशा केंद्र में हर रोज 950 से 1100 लोग पहुंचते हैं। इनमें से 250 से 300 महिलाएं होती हैं। तहसील में हर रोज 470 से 500 लोग जाते है। इनमें 100 से 120 महिलाएं होती है। शिक्षा विभाग में 250 से 50 महिला फरियादी होती है। पुलिस दफ्तरों में हर रोज 900 से 920 फरियादी आते हैं इनमें 340 से 400 तक महिला फरियादी होती है। इनके अलावा अन्य दफ्तरों में भी लगभग 150 महिलाएं पहुंचती है। हर रोज लघु सचिवालय में लगभग 1800 से 2 हजार महिलाएं लघु सचिवालय में पहुंचती है।
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दो साल पहले भी लगा था महिला शौचालय में ताला
अंबाला से प्रापर्टी की रजिस्ट्री के सिलसिले में आयी सहायक प्रो. डा. सुमन कहती है कि लघु सचिवालय में दो साल पहले भी वह आयी थी। उस दौरान भी यही समस्या थी। महिला शौचालय में ताला बंद है। प्रथम तल पर बने महिला शौचालय के गेट पर कबाड़ रखा हुआ है। महिलाओं को मजबूर होना पड़ता है। आलम यह है कि वह पुरूष शौचालय मेें जाती है। ऐसे में उनके साथ किसी का होना आवश्यक है। उन्होंने इस बात की लिखित शिकायत भी प्रशासन को दी है। सहायक प्रो. डा. सुमन अंबाला।

जहां कुर्सी वहां पर नहीं चल रहे हैं पंखे
कुराड़ की रहने वाली मंजीत कौर कहती है कि वह अपने काम से लघु सचिवालय आयी हुई हैं। दो घंटे से बैठी है। यहां पर चार पंखे लगे हुए हैं उसमें से एक भी नहीं चल रहा है। जबकि गैलरी में लगे पंखे चल रहे हैं। वहां पर बैठने का कोई इंतजाम नहीं है। यदि किसी शौचालय जाना हो तो वह महिला शौचालय में नहीं जा सकता है। छानबीन करने पर पता चलता है कि जो महिला अधिकारी है वह गंदा न होने के डर से ताला लगवा रखा है।
मंजीत कौर कुराड़ पानीपत।

कैंटीन में ताला लगने से है परेशानी
पानीपत की रहने वाली राज चोपड़ा कहती है कि वह अपनी मां के साथ आई हुई है। यहां पर पानी पीने का प्रबंध तक नहीं है। अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट है। बेटियों के लिए बड़ी बड़ी बात लिखी है। कैंटीन बंद है। ताला लगा हुआ है। यदि किसी को पानी की बोतल भी खरीदनी हो तो उसे बाहर जाना पड़ेगा।
राज चोपड़ा, पानीपत।

महिला डीसी के बाद भी नहीं है महिलाओं की सुध
फरीदाबाद से दिव्या अपने परिवार के साथ लघु सचिवालय आयी है। दो घंटे से अपने काम का इंतजार कर रही है। उनके साथ छोटे-छोटे बच्चे भी है। महिलाओं के लिए यहां पर कोई सुविधा नहीं है। सरकार महिलाओं के लिए बाते तो बहुत करती है। यहां पर महिला डीसी हैं। जहां पर वह बैठती हैं। उसके सामने बने महिला शौचालय में ताला है।
दिव्या, फरीदाबाद।

अधिकारी फोन कर मंगवाते हैं चाय
रोहित लघु सचिवालय के बाहर की दुकान पर काम करता है। लघु सचिवालय में दो केतली में चाय लेकर घूम रहा था। चाय मांगने पर पता चला कि ऊपर से आर्डर है। वहां पर देकर पहले आएगा। चाय मंगवानी है तो पहले आर्डर देना पड़ता है।


यह मामला संज्ञान में नहीं है। अमर उजाला से बातचीत के बाद सीटीएम से मामले की जानकारी मांगी है। इसके साथ ही सफाई करने वालों को बुलाया है। यह लापरवाही कहां से है उसकी जांच की जाएगी। साथ ही संसाधनों को ठीक कराया जाएगा ।
सुमेधा कटारिया, उपायुक्त पानीपत।


फोटो संख्या. 3 से 10 तक
18 करोड़ की लघु सचिवालय की बिल्डिंग में महिलाओं के शौचालय पर लगाए ताले, पानी के लिए दूसरी मंजिल पर जाना पड़ता है
-लघु सचिवालय में लगे 4 कूलर में से दो खराब
-महिलाओं को शौच के लिए जाना पड़ता है बाहर, हर रोज लघु सचिवालय में आती है 1800-2000 महिला फरियादी
-अगस्त 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किया था बिल्डिंग का उद्घाटन
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