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हेपेटाइटिस बी के कूपन खत्म 70 मरीजों कूपन के इंतजार में रूका इलाज
Updated Thu, 20 Sep 2018 11:53 PM IST
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हेपेटाइटिस बी के कूपन खत्म, 70 मरीजों का रुका इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सिविल अस्पताल में हेपेटाइटिस बी के कूपन पिछले एक माह से खत्म हैं। इस कारण काला पीलिया से ग्रस्त 70 नए मरीजों का इलाज कूपन के इंतजार में रुका हुआ है। जब तक कूपन सिविल अस्पताल में उपलब्ध नहीं होते तब तक इन मरीजों का इलाज नहीं हो सकता। फिलहाल सिविल अस्पताल में काला पीलिया के 680 मरीजों का इलाज चल रहा है।
पिछले साल पानीपत में काला पीलिया का इलाज शुरू हुआ था। काला पीलिया के इलाज पर पूरा खर्च निजी अस्पतालों में ढाई से साढ़े तीन लाख के बीच आता है। इसीलिए गरीब लोग इस इलाज को करवा पाने में सक्षम नहीं है। सरकार ने इसी को देखते हुए 2017 में सिविल अस्पताल में पहली बार काला पीलिया का इलाज शुरू किया था। इसके लिए डॉ.प्रीति भाटिया को हेपेटाइटिस बी का नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है। यह इलाज शुरू होने के बाद पानीपत से 840 काला पीलिया के मरीज ठीक भी हुए हैं, लेकिन अपनों के अभाव में मरीजों को इलाज के लिए तरसना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय एक बार में 200 से 300 के बीच कूपन भेजता है। डॉक्टर नए मरीज को कूपन देकर उनका रजिस्ट्रेशन करते हैं। उसके बाद ही उनका इलाज शुरू होता है।
मुख्यालय में बात कर जल्द मंगवाएंगे कूपन
मैंने दो दिन पहले ही ज्वाइन किया है। मैं जल्द ही हेपेटाइटिस बी के बारे में डॉक्टरों से बात करूंगा और कूपन मंगवाऊंगा। मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
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- डॉ. डीएन बागड़ी, सिविल सर्जन
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हेपेटाइटिस बी के कूपन खत्म, 70 मरीजों का रुका इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सिविल अस्पताल में हेपेटाइटिस बी के कूपन पिछले एक माह से खत्म हैं। इस कारण काला पीलिया से ग्रस्त 70 नए मरीजों का इलाज कूपन के इंतजार में रुका हुआ है। जब तक कूपन सिविल अस्पताल में उपलब्ध नहीं होते तब तक इन मरीजों का इलाज नहीं हो सकता। फिलहाल सिविल अस्पताल में काला पीलिया के 680 मरीजों का इलाज चल रहा है।
पिछले साल पानीपत में काला पीलिया का इलाज शुरू हुआ था। काला पीलिया के इलाज पर पूरा खर्च निजी अस्पतालों में ढाई से साढ़े तीन लाख के बीच आता है। इसीलिए गरीब लोग इस इलाज को करवा पाने में सक्षम नहीं है। सरकार ने इसी को देखते हुए 2017 में सिविल अस्पताल में पहली बार काला पीलिया का इलाज शुरू किया था। इसके लिए डॉ.प्रीति भाटिया को हेपेटाइटिस बी का नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है। यह इलाज शुरू होने के बाद पानीपत से 840 काला पीलिया के मरीज ठीक भी हुए हैं, लेकिन अपनों के अभाव में मरीजों को इलाज के लिए तरसना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय एक बार में 200 से 300 के बीच कूपन भेजता है। डॉक्टर नए मरीज को कूपन देकर उनका रजिस्ट्रेशन करते हैं। उसके बाद ही उनका इलाज शुरू होता है।
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मुख्यालय में बात कर जल्द मंगवाएंगे कूपन
मैंने दो दिन पहले ही ज्वाइन किया है। मैं जल्द ही हेपेटाइटिस बी के बारे में डॉक्टरों से बात करूंगा और कूपन मंगवाऊंगा। मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
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- डॉ. डीएन बागड़ी, सिविल सर्जन