{"_id":"68acc08bf977c9f0ff0ac210","slug":"40-year-old-banyan-tree-becomes-a-resting-place-for-villagers-panipat-news-c-244-1-pnp1011-142546-2025-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: 40 साल पुराना बरगद का पेड़ बना ग्रामीणों का विश्राम स्थल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: 40 साल पुराना बरगद का पेड़ बना ग्रामीणों का विश्राम स्थल
Tue, 26 Aug 2025 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 26 Aug 2025 01:29 AM IST
विज्ञापन
राजाखेड़ी गांव के अड्डे पर खड़ा बगरद का पेड़। संवाद
- फोटो : mathura
विज्ञापन
राजाखेड़ी गांव के बस अड्डे पर 40 साल पुराना बरगद का पेड़ है। इसकी छांव में बैठकर यहां के बाशिंदे खाली समय में शांति का अनुभव करते हैं। बुजुर्गों के लिए तो यह सुकून का स्थल बना हुआ है। गांव के रामकुमार ने बताया कि मुझे लगता है, यह पेड़ मेरे साथ ही बड़ा हुआ है। मैं अब बूढ़ा हो रहा हूं जबकि यह आज भी पहले की तरह जवान और मजबूती से खड़ा है। जब मैं छोटा था तब इस पेड़ के नीचे इतनी दुकानें नहीं थी। गर्मी के दिनों में जब धूप सिर पर आग बनकर बरसती थी। तब यह बरगद का पेड़ लोगों के लिए ठंडी छांव बन जाता था। मैं और मेरे दोस्त घंटों इसके नीचे खेला करते थे। पेड़ की मोटी टहनियों पर चढ़कर झूला झूलते थे। आज भी जब उन दिनों को याद करता हूं तो दिल में एक अलग ही सुकून भर जाता है।
दोपहर के समय जब खेत-खलिहान का काम निपटाकर गांव के बुजुर्ग खाली होते हैं तो वे सब इसी पेड़ के नीचे बैठ जाते हैं। ताश या पत्ते खेलने लग जाते हैं। इस पेड़ की बड़ी-बड़ी फैली हुई टहनियां अब तो बस अड्डे पर बनी कई दुकानों पर छांव करती हैं। दुकानदार भी कहते हैं कि बरगद की छांव में बैठकर ग्राहक ज्यादा देर तक ठहर जाते हैं और इसी बहाने उनकी दुकानदारी भी अच्छी चल जाती है।
दोपहर के समय जब खेत-खलिहान का काम निपटाकर गांव के बुजुर्ग खाली होते हैं तो वे सब इसी पेड़ के नीचे बैठ जाते हैं। ताश या पत्ते खेलने लग जाते हैं। इस पेड़ की बड़ी-बड़ी फैली हुई टहनियां अब तो बस अड्डे पर बनी कई दुकानों पर छांव करती हैं। दुकानदार भी कहते हैं कि बरगद की छांव में बैठकर ग्राहक ज्यादा देर तक ठहर जाते हैं और इसी बहाने उनकी दुकानदारी भी अच्छी चल जाती है।
विज्ञापन