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फर्जी बिल बनाकर 470 करोड़ का कारोबार करने के मामले में 21 कंपनी के प्रोपराइटर के खिलाफ केस दर्ज, फर्जी एग्रीमेंट बनाकर बनाई गई थ
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फर्जी बिल बनाकर 470 करोड़ का कारोबार करने के मामले में 21 कंपनी के प्रोपराइटर के खिलाफ केस दर्ज, फर्जी एग्रीमेंट बनाकर बनाई गई थी कंपनियां
पानीपत। राज्य जीएसटी विभाग की ओर से नए जीएसटी करदाताओं के सत्यापन के दौरान 21 बोगस फर्मों का खुलासा होने के बाद आबकारी काराधान विभाग ने इनके खिलाफ चांदनी बाग थाने में केस दर्ज करवा दिया है। अब पुलिस भी इन फर्मों को चलाने वालों की तलाश में जुट गई है। आबकारी काराधान विभाग की जांच में इन फर्मों के रजिस्ट्रेशन से लेकर रिटर्न फाइल में गोल-माल पाया गया है। इन फर्जी फर्मों की 470 करोड़ की फर्जी बिलिंग भी मिली है। स्टेट जीएसटी व सेंट्रल जीएसटी में फर्जी बिलिंग का घोटाला 920 करोड़ से अधिक का पहुंच चुका है।
सॉफ्टवेयर ने पकड़ा ये मामला:
जीएसटी में लगे सॉफ्टवेयर में कुछ ऐसी फर्मों की पहचान की गई, जिनका कारोबार करोड़ों रुपये में दिखाया गया। इस तरह की फर्मों के बारे में पहले कभी नहीं सुना गया। इसी आधार पर जांच की गई तो कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई। इनको दिए गए पते पर नोटिस भेजे गए तो नोटिस किसी ने रिसीव नहीं किए। एड्रेस भी गलत मिले। कई फर्मों का बैंक में अकाउंट भी नहीं मिला और फर्जी एग्रीमेंट पर कई फर्में मिली। सिद्घिविनायक टेक्सटाइल से ललित ट्रेडिंग कंपनी में 450 करोड़ के बिल काटे गए थे। इन फर्मों के नाम विभागीय अधिकारियों ने पहली बार सुने थे।
अब 15 फर्मों ने स्वीकार किया घोटाला:
15 फर्मों ने फर्जी बिल लेने का मामला स्वीकार कर जीएसटी भर दिया है। इन पर ब्याज जुर्माने की गणना की जा रही है। इन फर्मों के पुराने रिकार्ड की भी जांच की जा रही है। पानीपत में कुल 30 हजार फर्म रजिस्टर्ड है। इनमें से 18 हजार एसजीएसटी में व 12 हजार सीजीएसटी में रजिस्टर्ड हैं।
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जीएसटी के लचीले नियम का माफियाओं ने उठाया फायदा:
घोटाले को जीएसटी के लचीले नियम के साइड इपैैक्ट के रूप में देखा जा रहा है। वैट में टिन नंबर जारी होने से पहले सेल टैक्स के अफसर फर्म का पता देखते थे कि कंपनी चल भी रही है या नहीं। फर्जीवाड़ा कम होता था। जीएसटी में नियम है कि पहले जीएसटी नंबर जारी होगा और बाद में सर्वे यानी उसकी पड़ताल होगी। ये घोटाले उस पड़ताल के ही नतीजे है। सवाल उठता है कि फिर वैट में किस तरह से 10 हजार करोड़ के घोटाले कर दिए। उस वक्त पानीपत में 5 हजार करोड़ रुपये के फर्जी रिफंड घोटाले सामने आए थे। जीएसटी की ही तरह से वैट में फर्जी बिल बेचकर रिफंड ले लिए। 2 साल पहले जांच शुरू हुई तो सेल टैक्स के आफिस से 65 फर्मों की फाइल चोरी हो गई। अब तक जांच चल रही है।
मितल मेगा मार्ट ने बैंक से 50 लाख का लोन भी कर दिया था अप्लाई
आबकारी व काराधान विभाग ने मितल मेगा मार्ट को फॉलो करना शुरू किया तो एक के बाद एक कई खुलासे हुए। मितल मेगा मार्ट का एग्रीमेंट भी फर्जी मिला। मालिक से पता किया तो पता चला कि उन्होंने कोई रेंट एग्रीमेंट पता नहीं किया। मामले की कड़ी झारखड़ स्थित एचडीएफसी बैंक से जुड़ गई। बैंक मैनेजर ने बताया कि मितल मेगा मार्ट ने 50 लाख के लोन के लिए अप्लाई कर रखा है। बैंक उन्हें लोन देने भी वाला था। ऐसे ही अशोका टैडर्स का बैंक में अकाउंट नहीं मिला। कई कंपनियों ने फर्जी केंसिल चेक जमा करवा रखे थे।
फर्जीवाडे के तार उप्र, दिल्ली, पंजाब व महाराष्ट्र से जुड़े
एसजीएसटी की पहली जांच में सामने आया है कि जीएसटी फर्जीवाड़े के तार उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र औश्र गुजरात से जुड़े है। इन राज्यों में भी फर्जी बिल दिए गए हैं। व्यापारियों के नाम से डमी वेबसाइट मिली है। इन राज्यों में बनाई गई बोगस फर्मो के कागजात भी सेंट्रल जीएसटी की टीमों ने जब्त किए हैं।
ये हैं फर्जी फर्म जिन्होंने किए करोड़ों का घोटाला:
1.सक्षम एंटरप्राइजेज दुकान नंबर 2 गंगापुर रोड पानीपत के प्रोपराइटर राकेश कुमार पुत्र दयानंद सिंह निवासी परढ़ाना की कुल टेक्सेबल वैल्यू 18 करोड़ 57 लाख 84 हजार 68 रुपये व टेक्स इनवोल्व वैल्यू 1 करोड़ 12 लाख 65 हजार 909 रुपये है।
2. सेक्टर 25 पार्ट 2 स्थित आरके ट्रेडर्स के प्रोपराइटर गोपाल पुत्र प्रेम सिंह निवासी गली नंबर 5 राजीव गांधी मार्ग ईस्ट बाबर जलसा दिल्ली की कुल टेक्सेबल वैल्यू 13 करोड़ 50 लाख 534 रुपये व टेक्स इनवोल्ड वैल्यू 81 लाख 83 हजार 720 रुपये है।
3. कच्चा काबड़ी फाटक स्थित सुपर ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर भारत लाल पुत्र फग्गूराम निवासी ईस्ट बाबरपुर इंदिरा गली की कुल टेक्सेबल वैल्यू 2 करोड 53 लाख 17 हजार 963 रुपये व टेक्स इनवोल्ड वेल्यू 21 लाख 140 रुपये है ।
4. सेठी चौक स्थित विनायक इंड्रस्टी के प्रोपराइटर विजय कुमार पुत्र साधू राम निवासी खन्नेवाल की कुल टेक्सेबल वैल्यू 20 करोड़ 74 लाख 31 हजार 169 रुपए व टेक्स इनवोल्ड वैल्यू 1 करोड़ 37 लाख 1 हजार 558 रुपये है।
5.वधवाराम कॉलोनी स्थित हनुमान एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर हनुमान सिंह पुत्र जगमाल निवासी वार्ड 5 रिठाला फतेहाबाद की कुल टेक्सेबल वैल्यू 47 करोड़ 93 लाख 90 हजार 418 रुपये व टेक्स इनवोल्ड वेल्यू 8 करोड़ 62 लाख 90 हजार 268 रुपये है।
6. नूरवाला बरसत रोड स्थित वीएल एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर साहिल पुत्र प्रवीण कुमार निवासी गांव झांसा शाहाबाद कुरूक्षेत्र की कुल टेक्सेबल वैल्यू 55 करोड़ 99 लाख 3 हजार 955 रुपये व टेक्स इनवोल्ड वेल्यू 1 करोड़ 25 लाख 815 रुपये है।
7. बिचपड़ी चौक बरसत रोड स्थित अमन एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर सुरेश पुत्र विष्णु निवासी छाजपुर का कुल टेक्सेबल वैल्यू 19 करोड़ 1 लाख 62 हजार 474 रुपये व टेक्स इनवोल्ड वैल्यू 1 करोड़ 14 लाख 17 हजार 265 रुपये है।
8. बिचपड़ी चौक स्थित अभिषेक एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर गोपाल पुत्र प्रेम सिंह निवासी राजीव गांधी मार्ग दिल्ली की कुल टैक्सेबल वैल्यू 17 करोड 91 लाख 3 हजार 956 रुपये व टेक्स इनवोल्ड वैल्यू 1 करोड़ 11 लाख 37446 है
9. बरसत रोड नूरवाला स्थित अशोका ट्रेडर्स के प्रोपराइटर तरुण कुमार पुत्र कृष्ण कुमार निवासी गली नंबर 1 दयाल पुर शेरपुर पानीपत की कुल टैक्सेबल वैल्यू 13 करोड 8085000 रुपए है। इनवोल्ड वैल्यू 8719518 रूपये है।
10. जाटल रोड स्थित जैन ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर साहिल पुत्र परवीन कुमार निवासी गांव झांसा शाहबाद कुरुक्षेत्र की कुल टैक्सेबल वैल्यू 19 करोड 59 लाख 60 हजार है।
11. सोलापुर चौक जाटल रोड स्थित महादेव एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर राजकुमार पुत्र दर्शन लाल निवासी गुरु नानक पुरा मोहल्ला थानेसर कुरुक्षेत्र की कुल टैक्सेबल वैल्यू 19 करोड रुपये है। इन वोल्ड वैल्यू 1478673 रुपये है।
12. गंगापुर रोड स्थित श्री साईं ओवरसीज के प्रोपराइटर महेंद्र पाल बंटी पुत्र तीरथ राम की कुल टैक्सेबल वैल्यू 22 करोड़ रूपये है। जबकि इनवोल्ड वैल्यू 23 करोड है।
13. सनोली रोड पानीपत स्थित वीवी ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर हरविंदर सिंह पुत्र मलकीत सिंह निवासी ज्योतिसर कुरुक्षेत्र की कुल टैक्सेबल वैल्यू 9 करोड़ 30 हजार व इन वोल्ड वैल्यू 3918350 रुपये है।
14. स्वास्तिक रोड स्थित श्री बालाजी एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर बलविंदर सिंह पुत्र सरदार कृष्ण सिंह निवासी करनाल की कुल टैक्सेबल वैल्यू 204029250 रुपये व इन वोल्ड वैल्यू 1 करोड़ 36 लाख रुपये है।
15. नहर बाईपास रोड प्लॉट नंबर तीन स्टेट धन लक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर रवि शंकर निषाद पुत्र छविनाथ निवासी उप्पेर , उत्तर प्रदेश की कुल टैक्सेबल वैल्यू 2 करोड़ 41 लाख इन वोल्ड वैल्यू 34 लाख 47 हजार है।
16. जाटल रोड स्थित जनेश्वर एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर जरनैल सिंह पुत्र अजीत सिंह निवासी ज्योतिसर कुरुक्षेत्र की कुल टैक्सेबल वैल्यू 12 करोड़ 6 लाख व इनवोल्ड वैल्यू 64 लाख 70 हजार रुपए है।
17. सेक्टर 29 पार्ट 2 प्लॉट नंबर 703 की मिलन मेगा मार्ट के प्रोपराइटर अजय कुमार सिंह पुत्र सत्रोहन टैक्सेबल वैल्यू 9 अरब 63 लाख रुपये व इन वोल्ड वैल्यू17 करोड़ रुपये है।
18. वार्ड 7 स्टेट सनौली रोड चुंगी स्थित कुमार इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर राजेंद्र कुमार अग्रवाल पुत्र रामकिशन निवासी मॉडल टाउन, थानेसर कुरुक्षेत्र की कुल टैक्सेबल वैल्यू 33 करोड़ व इन वोल्ड वैल्यू 2 करोड़ 6 लाख 91397 रुपये है। इनके अलावा तीन और फर्जी फर्मों पर रविवार को केस दर्ज हो चुका है।
जांच चल रही है आरोपियों को बक्शा नहीं जाएगा: नैन
21 फर्जी फर्मों के प्रोपराइटरों पर केस दर्ज करवा दिया गया है। इस मामले की जांच पुलिस भी करेगी। 18 करोड़ रुपए फिलहाल रिकवर किए गए हैं। उनका अब भी सर्वे चल रहा है। कई और ऐसी फर्जी फर्में सामने आ सकती है। पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
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पानीपत। राज्य जीएसटी विभाग की ओर से नए जीएसटी करदाताओं के सत्यापन के दौरान 21 बोगस फर्मों का खुलासा होने के बाद आबकारी काराधान विभाग ने इनके खिलाफ चांदनी बाग थाने में केस दर्ज करवा दिया है। अब पुलिस भी इन फर्मों को चलाने वालों की तलाश में जुट गई है। आबकारी काराधान विभाग की जांच में इन फर्मों के रजिस्ट्रेशन से लेकर रिटर्न फाइल में गोल-माल पाया गया है। इन फर्जी फर्मों की 470 करोड़ की फर्जी बिलिंग भी मिली है। स्टेट जीएसटी व सेंट्रल जीएसटी में फर्जी बिलिंग का घोटाला 920 करोड़ से अधिक का पहुंच चुका है।
सॉफ्टवेयर ने पकड़ा ये मामला:
जीएसटी में लगे सॉफ्टवेयर में कुछ ऐसी फर्मों की पहचान की गई, जिनका कारोबार करोड़ों रुपये में दिखाया गया। इस तरह की फर्मों के बारे में पहले कभी नहीं सुना गया। इसी आधार पर जांच की गई तो कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई। इनको दिए गए पते पर नोटिस भेजे गए तो नोटिस किसी ने रिसीव नहीं किए। एड्रेस भी गलत मिले। कई फर्मों का बैंक में अकाउंट भी नहीं मिला और फर्जी एग्रीमेंट पर कई फर्में मिली। सिद्घिविनायक टेक्सटाइल से ललित ट्रेडिंग कंपनी में 450 करोड़ के बिल काटे गए थे। इन फर्मों के नाम विभागीय अधिकारियों ने पहली बार सुने थे।
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अब 15 फर्मों ने स्वीकार किया घोटाला:
15 फर्मों ने फर्जी बिल लेने का मामला स्वीकार कर जीएसटी भर दिया है। इन पर ब्याज जुर्माने की गणना की जा रही है। इन फर्मों के पुराने रिकार्ड की भी जांच की जा रही है। पानीपत में कुल 30 हजार फर्म रजिस्टर्ड है। इनमें से 18 हजार एसजीएसटी में व 12 हजार सीजीएसटी में रजिस्टर्ड हैं।
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जीएसटी के लचीले नियम का माफियाओं ने उठाया फायदा:
घोटाले को जीएसटी के लचीले नियम के साइड इपैैक्ट के रूप में देखा जा रहा है। वैट में टिन नंबर जारी होने से पहले सेल टैक्स के अफसर फर्म का पता देखते थे कि कंपनी चल भी रही है या नहीं। फर्जीवाड़ा कम होता था। जीएसटी में नियम है कि पहले जीएसटी नंबर जारी होगा और बाद में सर्वे यानी उसकी पड़ताल होगी। ये घोटाले उस पड़ताल के ही नतीजे है। सवाल उठता है कि फिर वैट में किस तरह से 10 हजार करोड़ के घोटाले कर दिए। उस वक्त पानीपत में 5 हजार करोड़ रुपये के फर्जी रिफंड घोटाले सामने आए थे। जीएसटी की ही तरह से वैट में फर्जी बिल बेचकर रिफंड ले लिए। 2 साल पहले जांच शुरू हुई तो सेल टैक्स के आफिस से 65 फर्मों की फाइल चोरी हो गई। अब तक जांच चल रही है।
मितल मेगा मार्ट ने बैंक से 50 लाख का लोन भी कर दिया था अप्लाई
आबकारी व काराधान विभाग ने मितल मेगा मार्ट को फॉलो करना शुरू किया तो एक के बाद एक कई खुलासे हुए। मितल मेगा मार्ट का एग्रीमेंट भी फर्जी मिला। मालिक से पता किया तो पता चला कि उन्होंने कोई रेंट एग्रीमेंट पता नहीं किया। मामले की कड़ी झारखड़ स्थित एचडीएफसी बैंक से जुड़ गई। बैंक मैनेजर ने बताया कि मितल मेगा मार्ट ने 50 लाख के लोन के लिए अप्लाई कर रखा है। बैंक उन्हें लोन देने भी वाला था। ऐसे ही अशोका टैडर्स का बैंक में अकाउंट नहीं मिला। कई कंपनियों ने फर्जी केंसिल चेक जमा करवा रखे थे।
फर्जीवाडे के तार उप्र, दिल्ली, पंजाब व महाराष्ट्र से जुड़े
एसजीएसटी की पहली जांच में सामने आया है कि जीएसटी फर्जीवाड़े के तार उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र औश्र गुजरात से जुड़े है। इन राज्यों में भी फर्जी बिल दिए गए हैं। व्यापारियों के नाम से डमी वेबसाइट मिली है। इन राज्यों में बनाई गई बोगस फर्मो के कागजात भी सेंट्रल जीएसटी की टीमों ने जब्त किए हैं।
ये हैं फर्जी फर्म जिन्होंने किए करोड़ों का घोटाला:
1.सक्षम एंटरप्राइजेज दुकान नंबर 2 गंगापुर रोड पानीपत के प्रोपराइटर राकेश कुमार पुत्र दयानंद सिंह निवासी परढ़ाना की कुल टेक्सेबल वैल्यू 18 करोड़ 57 लाख 84 हजार 68 रुपये व टेक्स इनवोल्व वैल्यू 1 करोड़ 12 लाख 65 हजार 909 रुपये है।
2. सेक्टर 25 पार्ट 2 स्थित आरके ट्रेडर्स के प्रोपराइटर गोपाल पुत्र प्रेम सिंह निवासी गली नंबर 5 राजीव गांधी मार्ग ईस्ट बाबर जलसा दिल्ली की कुल टेक्सेबल वैल्यू 13 करोड़ 50 लाख 534 रुपये व टेक्स इनवोल्ड वैल्यू 81 लाख 83 हजार 720 रुपये है।
3. कच्चा काबड़ी फाटक स्थित सुपर ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर भारत लाल पुत्र फग्गूराम निवासी ईस्ट बाबरपुर इंदिरा गली की कुल टेक्सेबल वैल्यू 2 करोड 53 लाख 17 हजार 963 रुपये व टेक्स इनवोल्ड वेल्यू 21 लाख 140 रुपये है ।
4. सेठी चौक स्थित विनायक इंड्रस्टी के प्रोपराइटर विजय कुमार पुत्र साधू राम निवासी खन्नेवाल की कुल टेक्सेबल वैल्यू 20 करोड़ 74 लाख 31 हजार 169 रुपए व टेक्स इनवोल्ड वैल्यू 1 करोड़ 37 लाख 1 हजार 558 रुपये है।
5.वधवाराम कॉलोनी स्थित हनुमान एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर हनुमान सिंह पुत्र जगमाल निवासी वार्ड 5 रिठाला फतेहाबाद की कुल टेक्सेबल वैल्यू 47 करोड़ 93 लाख 90 हजार 418 रुपये व टेक्स इनवोल्ड वेल्यू 8 करोड़ 62 लाख 90 हजार 268 रुपये है।
6. नूरवाला बरसत रोड स्थित वीएल एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर साहिल पुत्र प्रवीण कुमार निवासी गांव झांसा शाहाबाद कुरूक्षेत्र की कुल टेक्सेबल वैल्यू 55 करोड़ 99 लाख 3 हजार 955 रुपये व टेक्स इनवोल्ड वेल्यू 1 करोड़ 25 लाख 815 रुपये है।
7. बिचपड़ी चौक बरसत रोड स्थित अमन एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर सुरेश पुत्र विष्णु निवासी छाजपुर का कुल टेक्सेबल वैल्यू 19 करोड़ 1 लाख 62 हजार 474 रुपये व टेक्स इनवोल्ड वैल्यू 1 करोड़ 14 लाख 17 हजार 265 रुपये है।
8. बिचपड़ी चौक स्थित अभिषेक एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर गोपाल पुत्र प्रेम सिंह निवासी राजीव गांधी मार्ग दिल्ली की कुल टैक्सेबल वैल्यू 17 करोड 91 लाख 3 हजार 956 रुपये व टेक्स इनवोल्ड वैल्यू 1 करोड़ 11 लाख 37446 है
9. बरसत रोड नूरवाला स्थित अशोका ट्रेडर्स के प्रोपराइटर तरुण कुमार पुत्र कृष्ण कुमार निवासी गली नंबर 1 दयाल पुर शेरपुर पानीपत की कुल टैक्सेबल वैल्यू 13 करोड 8085000 रुपए है। इनवोल्ड वैल्यू 8719518 रूपये है।
10. जाटल रोड स्थित जैन ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर साहिल पुत्र परवीन कुमार निवासी गांव झांसा शाहबाद कुरुक्षेत्र की कुल टैक्सेबल वैल्यू 19 करोड 59 लाख 60 हजार है।
11. सोलापुर चौक जाटल रोड स्थित महादेव एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर राजकुमार पुत्र दर्शन लाल निवासी गुरु नानक पुरा मोहल्ला थानेसर कुरुक्षेत्र की कुल टैक्सेबल वैल्यू 19 करोड रुपये है। इन वोल्ड वैल्यू 1478673 रुपये है।
12. गंगापुर रोड स्थित श्री साईं ओवरसीज के प्रोपराइटर महेंद्र पाल बंटी पुत्र तीरथ राम की कुल टैक्सेबल वैल्यू 22 करोड़ रूपये है। जबकि इनवोल्ड वैल्यू 23 करोड है।
13. सनोली रोड पानीपत स्थित वीवी ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर हरविंदर सिंह पुत्र मलकीत सिंह निवासी ज्योतिसर कुरुक्षेत्र की कुल टैक्सेबल वैल्यू 9 करोड़ 30 हजार व इन वोल्ड वैल्यू 3918350 रुपये है।
14. स्वास्तिक रोड स्थित श्री बालाजी एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर बलविंदर सिंह पुत्र सरदार कृष्ण सिंह निवासी करनाल की कुल टैक्सेबल वैल्यू 204029250 रुपये व इन वोल्ड वैल्यू 1 करोड़ 36 लाख रुपये है।
15. नहर बाईपास रोड प्लॉट नंबर तीन स्टेट धन लक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर रवि शंकर निषाद पुत्र छविनाथ निवासी उप्पेर , उत्तर प्रदेश की कुल टैक्सेबल वैल्यू 2 करोड़ 41 लाख इन वोल्ड वैल्यू 34 लाख 47 हजार है।
16. जाटल रोड स्थित जनेश्वर एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर जरनैल सिंह पुत्र अजीत सिंह निवासी ज्योतिसर कुरुक्षेत्र की कुल टैक्सेबल वैल्यू 12 करोड़ 6 लाख व इनवोल्ड वैल्यू 64 लाख 70 हजार रुपए है।
17. सेक्टर 29 पार्ट 2 प्लॉट नंबर 703 की मिलन मेगा मार्ट के प्रोपराइटर अजय कुमार सिंह पुत्र सत्रोहन टैक्सेबल वैल्यू 9 अरब 63 लाख रुपये व इन वोल्ड वैल्यू17 करोड़ रुपये है।
18. वार्ड 7 स्टेट सनौली रोड चुंगी स्थित कुमार इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर राजेंद्र कुमार अग्रवाल पुत्र रामकिशन निवासी मॉडल टाउन, थानेसर कुरुक्षेत्र की कुल टैक्सेबल वैल्यू 33 करोड़ व इन वोल्ड वैल्यू 2 करोड़ 6 लाख 91397 रुपये है। इनके अलावा तीन और फर्जी फर्मों पर रविवार को केस दर्ज हो चुका है।
जांच चल रही है आरोपियों को बक्शा नहीं जाएगा: नैन
21 फर्जी फर्मों के प्रोपराइटरों पर केस दर्ज करवा दिया गया है। इस मामले की जांच पुलिस भी करेगी। 18 करोड़ रुपए फिलहाल रिकवर किए गए हैं। उनका अब भी सर्वे चल रहा है। कई और ऐसी फर्जी फर्में सामने आ सकती है। पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।