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आर्थिक आरक्षण में छह अन्य जातियों को शामिल करने से ब्राह्मण ‘कुपित’
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:35 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। ब्राह्मण महासंघ हरियाणा ने भगवान परशुराम जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में प्रदेश स्तरीय विशाल शहीद समारोह में शक्ति प्रदर्शन कर मिशन-2019 का विजन रखा। साथ ही अगले चुनाव में ब्राह्मणों के कम से कम 25 प्रतिनिधि विधानसभा में पहुंचने का आह्वान किया। इस दौरान कुछ युवाओं ने आर्थिक आधारित आरक्षण में जाट समेत छह अन्य जातियों के शामिल करने पर हंगामा किया। उन्होंने साथ लाए फर्से लहराए। युवाओं के हंगामे के चलते करीब आधा घंटे तक समारोह बाधित रहा। मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा समेत सभी वक्ता आर्थिक आरक्षण में अन्य जातियों को शामिल करने से नाराज (कुपित) दिखे और उन्होंने इसकी निंदा की। साथ ही सरकार के सामने अपना पक्ष रखने का फैसला लिया।
ब्राह्मण महासंघ हरियाणा ने भगवान परशुराम जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में प्रदेश स्तरीय विशाल शहीद समारोह रविवार को पानीपत की नई अनाज मंडी में आयोजित किया। इसमें मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा रहे। अध्यक्षता थाना आश्रम हरिद्वार के संचालक सतपाल ब्रह्मचारी ने की। मुख्य वक्त पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा रहे और विशिष्ट अतिथि पूर्व सांसद डॉ. अरविंद शर्मा और इनेलो के राष्ट्रीय सचिव बृज शर्मा रहे। सम्मानित अतिथियों में पुंडरी विधायक दिनेश कौशिक रहे।
मुख्य अतिथि विनोद शर्मा ने कहा कि ब्राह्मणों को आर्थिक आरक्षण लंबी लड़ाई के बाद मिला था। प्रदेश सरकार ने इसमें छह अन्य जातियों को शामिल कर दिया। रोजगार के इंतजार में बैठे ब्राह्मण युवा और समाज के लोग इससे आहत हैं। युवाओं में रोष है। उन्होंने कहा कि पहले एक-एक घर में छह-छह लोगों को नौकरी मिली, लेकिन ब्राह्मणों के घरों में एक भी नौकरी नहीं मिली। पिछले दिनों नौकरी मिलनी शुरू हुई थी, लेकिन सरकार के नए नोटिफिकेशन के बाद फिर से अवसर बंट गए। उन्होंने कहा कि सरकार को छह जातियों को आरक्षण देना है तो वह उनको अलग से आरक्षण दें। ब्राह्मण अपने हक का बंटवारा सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण महासंघ अबकी बार हमारी सरकार नारा देता है, लेकिन वे अबकी बार घर-घर रोजगार का नारा देते हैं। इसको लेकर समाज के लोगों को एकजुट होकर रहना होगा।
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‘एसएस बोर्ड को समाप्त करे सरकार’
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल नौकरियों में पारदर्शिता की बात कहते हैं। सरकार को इसको लेकर सबसे पहले एसएस बोर्ड को खत्म करना चाहिए। उन्होंने मंच से कांग्रेस पर हमला बोला। कहा कि जीएसटी सबकी सहमति से लागू हुआ और इसमें कांग्रेस का भी समर्थन था। कांग्रेस अब जनता को अपने पक्ष में करने के लिए इसका विरोध कर रही है। यह चिंता का विषय है।
ब्राह्मणों का उपयोग किया गया : पूर्व स्पीकर
पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा ने कहा कि ब्राह्मणों को आज तक उपयोग किया गया है। भाजपा ने विस चुनाव में रामबिलास शर्मा को चेहरा दिखाकर वोट बटोरे और फिर उनको सम्मान नहीं दिया। प्रदेश का ब्राह्मण अब जाग चुका है और वे अब आगे धोखा नहीं खाएंगे।
समाज के युवा जोश के साथ होश से लें काम : डॉ. अरविंद शर्मा
पूर्व सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि आर्थिक आधार पर आरक्षण के साथ छेड़छाड़ करना समाज के लोगों के लिए चिंताजनक है। उनकी एकजुटता की आवाज चंडीगढ़ तक पहुंचनी चाहिए। बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है। समाज के मंत्री और विधायकों से बात कर आवाज उठाने के लिए कहा है। वे जल्द ही शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा की अगुवाई में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को जोश के साथ होश से भी काम लेना होगा। वे समय आने पर अपनी शक्ति का प्रयोग करें।
घंटी बजाने से अधिकार नहीं मिलेंगे : शशिकांत कौशिक
भाजपा नेता शशिकांत कौशिक ने कहा कि ब्राह्मणों को शस्त्र और शास्त्र दोनों का ज्ञान होना चाहिए। वे इसका समय के अनुसार उपयोग भी करें। पुंडरी विधायक दिनेश कौशिक ने कहा कि ब्राह्मणों को मंदिर में बैठकर घंटी बजाने से अधिकार नहीं मिलेंगे। उनको राजनीति, व्यापार और नौकरी के क्षेत्र में आगे आना होगा। वे यजमान के भले की बजाय खुद के लिए भगवान से प्रार्थना करें। वे आज नहीं जागेंगे तो उन्हें अधिकार नहीं मिलेगा।
राजनीति के क्षेत्र में भी आगे आएं ब्राह्मण : रोहित गौतम
समारोह संयोजक एवं ब्राह्मण महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित गौतम ने कहा कि सरकार ने आर्थिक आधारित आरक्षण में छह जातियों को शामिल कर दिया। सरकार के इस कदम से ब्राह्मणों को धक्का लगा है। ब्राह्मण समाज के लोग राजनीति के क्षेत्र में भी आगे आएं। वे 2019 को लक्ष्य बनाकर चलें और विस चुनाव में 20-25 विधायक समाज के चुनकर विधानसभा में भेजें। ब्राह्मण समाज के नेताओं का आरक्षण आंदोलन का आह्वान मिलता है तो वे 24 घंटे में प्रदेश को सील करने की ताकत रखते हैं। इनेलो के राष्ट्रीय सचिव बृज शर्मा ने कहा कि राजनीति के क्षेत्र में अपनी ताकत दिखानी है तो ब्राह्मणों को मतभेद भुलाने होंगे। समारोह शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट स्थान रखने पर प्रियंका शर्मा, कविता, अंजली, दीपक, काजल कौशिक, पार्षद मनोज शर्मा समेत शहीदों के आश्रित परिवारों को सम्मानित किया। मंच संचालन शिवकुमार शर्मा व एडवोकेट राजेश कौशिक ने किया।
युवाओं ने आरक्षण से छेड़छाड़ पर किया हांगामा
आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले कुछ युवाओं ने समारोह में पंडाल के बिल्कुल आगे पहुंचकर आरक्षण को लेकर जोरदार नारेबाजी की। उनके नारों के चलते वक्ताओं को परेशानी होने लगी तो उनको शांत कराना चाहा। युवाओं ने शांत होने की बजाय हरिराम दीक्षित के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी। आयोजकों ने उनको समझाकर बाहर किया। वे पंडाल के अगले गेट से निकलकर सामने वाले गेट से फर्से लहराते और नारेबाजी करते हुए समारोह स्थल पर पहुंचे। उन्होंने फिर से नारेबाजी शुरू कर दी। उन्हें फिर से मंच के आगे लाकर बैठाया गया। यहां पर करीब 30 मिनट तक हंगामा चला। इनमें भिवानी जिले के पुर गांव निवासी मुकेश राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु मांगने की परमिशन लेकर पहुंचा। उसने कहा कि आरक्षण के चलते उसको प्रवेश परीक्षा पास करने के बाद भी नौकरी नहीं मिल पाई है।
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पानीपत। ब्राह्मण महासंघ हरियाणा ने भगवान परशुराम जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में प्रदेश स्तरीय विशाल शहीद समारोह में शक्ति प्रदर्शन कर मिशन-2019 का विजन रखा। साथ ही अगले चुनाव में ब्राह्मणों के कम से कम 25 प्रतिनिधि विधानसभा में पहुंचने का आह्वान किया। इस दौरान कुछ युवाओं ने आर्थिक आधारित आरक्षण में जाट समेत छह अन्य जातियों के शामिल करने पर हंगामा किया। उन्होंने साथ लाए फर्से लहराए। युवाओं के हंगामे के चलते करीब आधा घंटे तक समारोह बाधित रहा। मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा समेत सभी वक्ता आर्थिक आरक्षण में अन्य जातियों को शामिल करने से नाराज (कुपित) दिखे और उन्होंने इसकी निंदा की। साथ ही सरकार के सामने अपना पक्ष रखने का फैसला लिया।
ब्राह्मण महासंघ हरियाणा ने भगवान परशुराम जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में प्रदेश स्तरीय विशाल शहीद समारोह रविवार को पानीपत की नई अनाज मंडी में आयोजित किया। इसमें मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा रहे। अध्यक्षता थाना आश्रम हरिद्वार के संचालक सतपाल ब्रह्मचारी ने की। मुख्य वक्त पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा रहे और विशिष्ट अतिथि पूर्व सांसद डॉ. अरविंद शर्मा और इनेलो के राष्ट्रीय सचिव बृज शर्मा रहे। सम्मानित अतिथियों में पुंडरी विधायक दिनेश कौशिक रहे।
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मुख्य अतिथि विनोद शर्मा ने कहा कि ब्राह्मणों को आर्थिक आरक्षण लंबी लड़ाई के बाद मिला था। प्रदेश सरकार ने इसमें छह अन्य जातियों को शामिल कर दिया। रोजगार के इंतजार में बैठे ब्राह्मण युवा और समाज के लोग इससे आहत हैं। युवाओं में रोष है। उन्होंने कहा कि पहले एक-एक घर में छह-छह लोगों को नौकरी मिली, लेकिन ब्राह्मणों के घरों में एक भी नौकरी नहीं मिली। पिछले दिनों नौकरी मिलनी शुरू हुई थी, लेकिन सरकार के नए नोटिफिकेशन के बाद फिर से अवसर बंट गए। उन्होंने कहा कि सरकार को छह जातियों को आरक्षण देना है तो वह उनको अलग से आरक्षण दें। ब्राह्मण अपने हक का बंटवारा सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण महासंघ अबकी बार हमारी सरकार नारा देता है, लेकिन वे अबकी बार घर-घर रोजगार का नारा देते हैं। इसको लेकर समाज के लोगों को एकजुट होकर रहना होगा।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल नौकरियों में पारदर्शिता की बात कहते हैं। सरकार को इसको लेकर सबसे पहले एसएस बोर्ड को खत्म करना चाहिए। उन्होंने मंच से कांग्रेस पर हमला बोला। कहा कि जीएसटी सबकी सहमति से लागू हुआ और इसमें कांग्रेस का भी समर्थन था। कांग्रेस अब जनता को अपने पक्ष में करने के लिए इसका विरोध कर रही है। यह चिंता का विषय है।
ब्राह्मणों का उपयोग किया गया : पूर्व स्पीकर
पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा ने कहा कि ब्राह्मणों को आज तक उपयोग किया गया है। भाजपा ने विस चुनाव में रामबिलास शर्मा को चेहरा दिखाकर वोट बटोरे और फिर उनको सम्मान नहीं दिया। प्रदेश का ब्राह्मण अब जाग चुका है और वे अब आगे धोखा नहीं खाएंगे।
समाज के युवा जोश के साथ होश से लें काम : डॉ. अरविंद शर्मा
पूर्व सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि आर्थिक आधार पर आरक्षण के साथ छेड़छाड़ करना समाज के लोगों के लिए चिंताजनक है। उनकी एकजुटता की आवाज चंडीगढ़ तक पहुंचनी चाहिए। बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है। समाज के मंत्री और विधायकों से बात कर आवाज उठाने के लिए कहा है। वे जल्द ही शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा की अगुवाई में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को जोश के साथ होश से भी काम लेना होगा। वे समय आने पर अपनी शक्ति का प्रयोग करें।
घंटी बजाने से अधिकार नहीं मिलेंगे : शशिकांत कौशिक
भाजपा नेता शशिकांत कौशिक ने कहा कि ब्राह्मणों को शस्त्र और शास्त्र दोनों का ज्ञान होना चाहिए। वे इसका समय के अनुसार उपयोग भी करें। पुंडरी विधायक दिनेश कौशिक ने कहा कि ब्राह्मणों को मंदिर में बैठकर घंटी बजाने से अधिकार नहीं मिलेंगे। उनको राजनीति, व्यापार और नौकरी के क्षेत्र में आगे आना होगा। वे यजमान के भले की बजाय खुद के लिए भगवान से प्रार्थना करें। वे आज नहीं जागेंगे तो उन्हें अधिकार नहीं मिलेगा।
राजनीति के क्षेत्र में भी आगे आएं ब्राह्मण : रोहित गौतम
समारोह संयोजक एवं ब्राह्मण महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित गौतम ने कहा कि सरकार ने आर्थिक आधारित आरक्षण में छह जातियों को शामिल कर दिया। सरकार के इस कदम से ब्राह्मणों को धक्का लगा है। ब्राह्मण समाज के लोग राजनीति के क्षेत्र में भी आगे आएं। वे 2019 को लक्ष्य बनाकर चलें और विस चुनाव में 20-25 विधायक समाज के चुनकर विधानसभा में भेजें। ब्राह्मण समाज के नेताओं का आरक्षण आंदोलन का आह्वान मिलता है तो वे 24 घंटे में प्रदेश को सील करने की ताकत रखते हैं। इनेलो के राष्ट्रीय सचिव बृज शर्मा ने कहा कि राजनीति के क्षेत्र में अपनी ताकत दिखानी है तो ब्राह्मणों को मतभेद भुलाने होंगे। समारोह शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट स्थान रखने पर प्रियंका शर्मा, कविता, अंजली, दीपक, काजल कौशिक, पार्षद मनोज शर्मा समेत शहीदों के आश्रित परिवारों को सम्मानित किया। मंच संचालन शिवकुमार शर्मा व एडवोकेट राजेश कौशिक ने किया।
युवाओं ने आरक्षण से छेड़छाड़ पर किया हांगामा
आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले कुछ युवाओं ने समारोह में पंडाल के बिल्कुल आगे पहुंचकर आरक्षण को लेकर जोरदार नारेबाजी की। उनके नारों के चलते वक्ताओं को परेशानी होने लगी तो उनको शांत कराना चाहा। युवाओं ने शांत होने की बजाय हरिराम दीक्षित के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी। आयोजकों ने उनको समझाकर बाहर किया। वे पंडाल के अगले गेट से निकलकर सामने वाले गेट से फर्से लहराते और नारेबाजी करते हुए समारोह स्थल पर पहुंचे। उन्होंने फिर से नारेबाजी शुरू कर दी। उन्हें फिर से मंच के आगे लाकर बैठाया गया। यहां पर करीब 30 मिनट तक हंगामा चला। इनमें भिवानी जिले के पुर गांव निवासी मुकेश राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु मांगने की परमिशन लेकर पहुंचा। उसने कहा कि आरक्षण के चलते उसको प्रवेश परीक्षा पास करने के बाद भी नौकरी नहीं मिल पाई है।