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10 हजार करोड टेक्स देने वाली टेक्सटाइल नगरी स्ट्रीट लाइट व सीवरेज व्यवस्था को तरसी
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पानीपत। एक अनुमान के मुताबिक औद्योगिक नगरी हर साल सरकार को 10 हजार करोड़ रुपये टैक्स के नाम पर देती है। हर रोज ऑस्ट्रेलिया, जापान, फ्रांस, जर्मनी, इटली, इंग्लैंड, चीन, मलयेशिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका व ब्राजील समेत यूरोप के तमाम देशों के खरीददार शहर में आते हैं। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से औद्योगिक क्षेत्रों की हमेशा उपेक्षा ही हुई है। उद्योगपति सेक्टर 25-29 में स्ट्रीट लाइटों, पार्क व सीवरेज व्यवस्था की मांग को लेकर कई साल से संघर्ष कर रहे हैं। वे अपनी मांगों को लेकर एक माह में दो बार प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देते हैं। लेकिन इनको आश्वासन के सिवा कुछ और नहीं मिलता।
जनवरी माह में नगर निगम की तरफ से स्ट्रीट लाइटों के लिए 80 लाख रुपये का टेंडर पास किया गया था। लेकिन नगर निगम कमिश्नर के तबादले के बाद उस टेंडर का काम भी रोक दिया गया। इसके कारण व्यापारियों में नगर निगम के खिलाफ रोष बना हुआ है। सेक्टर में लाइट खराब होने की वजह से आए दिन चोरी की वारदातें हो रही हैं, जिसके कारण व्यापारी वर्ग में डर का माहौल है। गौरतलब है कि नगर निगम की तरफ से सेक्टर 25 व 29 के पार्ट वन एवं टू में नगर निगम की तरफ से 80 लाख रुपये में स्ट्रीट लाइट लगाने का टेंडर पास किया गया। इससे व्यापारी काफी खुश थे। टेंडर में लगभग दो हजार स्ट्रीट लाइटें लगाने की फाइल पास हुई थी। इसमें एक स्ट्रीट लाइट लगाने की कीमत लगभग चार हजार रुपये थी। नगर निगम की ओर से सेक्टर 25 में 130 स्ट्रीट लाइटें लगाई थी और सेक्टर 29 में लगभग 100 स्ट्रीट लाइटें लगाई थी, लेकिन उसके बाद कोई स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई है।
सीवरेज व्यवस्था भी बदहाल : इसके अलावा उद्योग नगरी में सीवरेज व खस्ताहाल सड़क की मेन समस्या बनी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि खस्ताहाल सड़क के कारण आए दिन कोई न कोई दुर्घटना हो रही है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। इसके अलावा उन्होंने सेक्टरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की है। शहर में सीसीटीवी कैमरे न होने के कारण बदमाश आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जाते हैं।
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सेक्टरों में स्ट्रीट लाइटें व कैमरे न होने की मुख्य समस्या : भीम राणा
डॉयर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा का कहना है कि उन्होंने सेक्टरों में स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए कई ज्ञापन वार्ड के पार्षद, नगर निगम कमिश्नर, डीसी व विधायक को सौंपे हैं। लेकिन सेक्टर में समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। इसके अलावा उनकी मांग है कि उनके सेक्टर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाए, जिससे सेक्टर में होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक वे हर साल सरकार को 10 हजार करोड़ रुपये टैक्स देते हैं।
सड़क व सीवरेज की भी समस्या : अग्रवाल
सेक्टर 29 पार्ट वन के प्रधान श्रीभगवान अग्रवाल का कहना है कि सेक्टर में सीसीटीवी कैमरे व स्ट्रीट लाइटों के अलावा सड़क व सीवरेज की मुख्य समस्या है। सेक्टर की सड़कों का पिछले कई सालों से निर्माण कार्य नहीं किया गया है, जिसके कारण सड़कें टूट चुकी हैं। सेक्टर में टूटी सड़क के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। इसके अलावा सेक्टर में सीवरेज की समस्या बनी हुई है। सेक्टर में सीवरेज व्यवस्था सही न होने के कारण प्लॉटों में प्रदूषित पानी जमा रहता है।
सेक्टर 29 पार्ट वन एवं टू में लगनी थी 80 लाख की स्ट्रीट लाइटें : नगर निगम द्वारा सेक्टर में 80 लाख रुपये की स्ट्रीट लाइटें लगाने का टेंडर पास किया गया था। इसके अंदर ठेकेदार को चार हजार की कीमत वाली दो हजार स्ट्रीट लाइटें लगानी थी, लेकिन नगर निगम कमिश्नर के तबादले के बाद उस टेंडर का काम भी रुक गया। वहीं ठेकेदार विजय गाबा का कहना है कि उनकी तरफ से अब तक 200 से 250 स्ट्रीट लाइटें लगाई जा चुकी हैं।
खराब स्ट्रीट के कारण हो रहे रोजाना हादसे : सेक्टर में स्ट्रीट लाइटें खराब है, जिसके कारण आरोपी अंधेरे का फायदा कर अब तक लगभग आठ से दस व्यापारियों के साथ लूटपाट कर चुके हैं। व्यापारियों में प्रशासन के खिलाफ रोष बना हुआ है। उनका कहना है कुछ व्यापारियों ने तो निजी स्ट्रीट लाइटें तक लगा ली हैं, लेकिन प्रशासन का उद्योगपतियों की तरफ कोई ध्यान नहीं है।
उद्योगपतियों की समस्याओं को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा। अब लोकसभा के चुनाव संपन्न हो चुके हैं। अब प्रशासनिक अधिकारियों व उद्योगपतियों के साथ मीटिंग करके सभी समस्याओं को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा।
- अवनीत कौर, मेयर पानीपत।
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जनवरी माह में नगर निगम की तरफ से स्ट्रीट लाइटों के लिए 80 लाख रुपये का टेंडर पास किया गया था। लेकिन नगर निगम कमिश्नर के तबादले के बाद उस टेंडर का काम भी रोक दिया गया। इसके कारण व्यापारियों में नगर निगम के खिलाफ रोष बना हुआ है। सेक्टर में लाइट खराब होने की वजह से आए दिन चोरी की वारदातें हो रही हैं, जिसके कारण व्यापारी वर्ग में डर का माहौल है। गौरतलब है कि नगर निगम की तरफ से सेक्टर 25 व 29 के पार्ट वन एवं टू में नगर निगम की तरफ से 80 लाख रुपये में स्ट्रीट लाइट लगाने का टेंडर पास किया गया। इससे व्यापारी काफी खुश थे। टेंडर में लगभग दो हजार स्ट्रीट लाइटें लगाने की फाइल पास हुई थी। इसमें एक स्ट्रीट लाइट लगाने की कीमत लगभग चार हजार रुपये थी। नगर निगम की ओर से सेक्टर 25 में 130 स्ट्रीट लाइटें लगाई थी और सेक्टर 29 में लगभग 100 स्ट्रीट लाइटें लगाई थी, लेकिन उसके बाद कोई स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई है।
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सीवरेज व्यवस्था भी बदहाल : इसके अलावा उद्योग नगरी में सीवरेज व खस्ताहाल सड़क की मेन समस्या बनी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि खस्ताहाल सड़क के कारण आए दिन कोई न कोई दुर्घटना हो रही है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। इसके अलावा उन्होंने सेक्टरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की है। शहर में सीसीटीवी कैमरे न होने के कारण बदमाश आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जाते हैं।
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सेक्टरों में स्ट्रीट लाइटें व कैमरे न होने की मुख्य समस्या : भीम राणा
डॉयर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा का कहना है कि उन्होंने सेक्टरों में स्ट्रीट लाइटें लगाने के लिए कई ज्ञापन वार्ड के पार्षद, नगर निगम कमिश्नर, डीसी व विधायक को सौंपे हैं। लेकिन सेक्टर में समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। इसके अलावा उनकी मांग है कि उनके सेक्टर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाए, जिससे सेक्टर में होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक वे हर साल सरकार को 10 हजार करोड़ रुपये टैक्स देते हैं।
सड़क व सीवरेज की भी समस्या : अग्रवाल
सेक्टर 29 पार्ट वन के प्रधान श्रीभगवान अग्रवाल का कहना है कि सेक्टर में सीसीटीवी कैमरे व स्ट्रीट लाइटों के अलावा सड़क व सीवरेज की मुख्य समस्या है। सेक्टर की सड़कों का पिछले कई सालों से निर्माण कार्य नहीं किया गया है, जिसके कारण सड़कें टूट चुकी हैं। सेक्टर में टूटी सड़क के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। इसके अलावा सेक्टर में सीवरेज की समस्या बनी हुई है। सेक्टर में सीवरेज व्यवस्था सही न होने के कारण प्लॉटों में प्रदूषित पानी जमा रहता है।
सेक्टर 29 पार्ट वन एवं टू में लगनी थी 80 लाख की स्ट्रीट लाइटें : नगर निगम द्वारा सेक्टर में 80 लाख रुपये की स्ट्रीट लाइटें लगाने का टेंडर पास किया गया था। इसके अंदर ठेकेदार को चार हजार की कीमत वाली दो हजार स्ट्रीट लाइटें लगानी थी, लेकिन नगर निगम कमिश्नर के तबादले के बाद उस टेंडर का काम भी रुक गया। वहीं ठेकेदार विजय गाबा का कहना है कि उनकी तरफ से अब तक 200 से 250 स्ट्रीट लाइटें लगाई जा चुकी हैं।
खराब स्ट्रीट के कारण हो रहे रोजाना हादसे : सेक्टर में स्ट्रीट लाइटें खराब है, जिसके कारण आरोपी अंधेरे का फायदा कर अब तक लगभग आठ से दस व्यापारियों के साथ लूटपाट कर चुके हैं। व्यापारियों में प्रशासन के खिलाफ रोष बना हुआ है। उनका कहना है कुछ व्यापारियों ने तो निजी स्ट्रीट लाइटें तक लगा ली हैं, लेकिन प्रशासन का उद्योगपतियों की तरफ कोई ध्यान नहीं है।
उद्योगपतियों की समस्याओं को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा। अब लोकसभा के चुनाव संपन्न हो चुके हैं। अब प्रशासनिक अधिकारियों व उद्योगपतियों के साथ मीटिंग करके सभी समस्याओं को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा।
- अवनीत कौर, मेयर पानीपत।