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सरकारी दावे महज कागजों ही सीमित, सड़कों पर घुम रहे गौवंश
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:40 AM IST
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आधारशिला तो रख दी, नहीं बन सका शेड
थर्मल। गांव सिठाना में दो माह पहले पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर और चेयरमैन भानीराम मंगला ने गायों के लिए एक शेड की आधारशिला रखी थी। उस समय कहा गया था कि पानीपत जिले की सभी गायों की टैगिंग हो गई है। कई गांवों में गोअभ्यारण बनाए जा रहे है। एक महीने मेें जिले की सड़कों पर आवारा पशु नहीं दिखाई देंगे। दो माह में एक भी आवारा पशु नहीं पकड़ा जा सका है। इस कारण ग्रामीणों में रोष है। जिले में सबसे खराब हालत दिल्ली पैरलल नहर से लेकर थर्मल बाईपास तक की है। यहां हर समय तीन दर्जन अधिक गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं। ग्रामीण सुभाष वर्मा, कर्मबीर, जीवनदास, हरिओम, बलविंद्र सिंह, राजकुमार, नंदलाल, प्रवीन ने बताया कि सरकार सिर्फ कागजों में घोषण कर देती है। अधिकारी इतने सुस्त है कि वो प्रदेश सरकार की छवि खराब करने में लगे हैं। सरकार को चाहिए कि काम न करने वाले अधिकारियों से सख्ती से निपटे नहीं तो वो दिन नहीं जब जनता का सरकार से मोह भंग हो जाएगा।
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थर्मल। गांव सिठाना में दो माह पहले पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर और चेयरमैन भानीराम मंगला ने गायों के लिए एक शेड की आधारशिला रखी थी। उस समय कहा गया था कि पानीपत जिले की सभी गायों की टैगिंग हो गई है। कई गांवों में गोअभ्यारण बनाए जा रहे है। एक महीने मेें जिले की सड़कों पर आवारा पशु नहीं दिखाई देंगे। दो माह में एक भी आवारा पशु नहीं पकड़ा जा सका है। इस कारण ग्रामीणों में रोष है। जिले में सबसे खराब हालत दिल्ली पैरलल नहर से लेकर थर्मल बाईपास तक की है। यहां हर समय तीन दर्जन अधिक गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं। ग्रामीण सुभाष वर्मा, कर्मबीर, जीवनदास, हरिओम, बलविंद्र सिंह, राजकुमार, नंदलाल, प्रवीन ने बताया कि सरकार सिर्फ कागजों में घोषण कर देती है। अधिकारी इतने सुस्त है कि वो प्रदेश सरकार की छवि खराब करने में लगे हैं। सरकार को चाहिए कि काम न करने वाले अधिकारियों से सख्ती से निपटे नहीं तो वो दिन नहीं जब जनता का सरकार से मोह भंग हो जाएगा।