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हत्या का वांछित ईनामी व पति की हत्या की आरोपी व उसका प्रेमी गिरफ्तार
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हत्या का वांछित इनामी और पति की हत्या की आरोपी व उसका प्रेमी गिरफ्तार
पानीपत। पुलिस ने 23 साले पुराने हत्या के मामले में वांछित इनामी बदमाश को काबू करने के साथ-साथ गत दिसंबर माह में प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या करने की आरोपी पत्नी व उसके प्रेमी को भी गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने पत्रकार वार्ता में पत्रकारों को बताया कि दोनों ही मामलों के आरोपियों को बुधवार को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लेकर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि वर्ष 1995 में एनएफएल के पास एक जिम के बाहर कहासुनी में शहर के साथ लगते गांव सिवाह वासी कृष्ण पुत्र वेदपाल की गोली मारकर तीन भाइयों ने हत्या कर दी थी। जिसमें आरोपी जोगिन्द्र वासी गांव पलहेड़ी जिला करनाल व नरेंद्र तथा उसका भाई वीरेन्द्र मूल वासी मोदी नगर उत्तर प्रदेश शामिल थे। कृष्ण की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक के पिता वेदपाल के बयान पर आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जोगिन्द्र को गिरफ्तार कर लिया गया था। जिसे अदालत द्वारा उम्र कैद की सजा भी सुनाई जा चुकी है। जबकि आरोपी नरेन्द्र व वीरेन्द्र फरार थे। पुलिस के काफी तलाशी के बाद भी नहीं मिलने पर आईजी रोहतक रेंज ने दोनों पर पांच हजार का इनाम घोषित किया था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हाल ही में पुलिस को सूचना मिली कि कृष्ण की हत्या का 1 आरोपी वीरेंद्र गाजियाबाद में रह रहा है। जिस पर सीआईए 2 की टीम ने आरोपी वीरेंद्र को गिरफ्तार किया है। इससे पहले आरोपी महाराष्ट्र व उत्तर प्रदेश के विभिन्न जगहों पर ठिकाने बदल-बदल कर रह रहा था। प्राथमिक पूछताछ में आरोपी वीरेन्द्र ने अपने भाई नरेंद्र की उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा मुठभेड़ में हत्या होने की बात कही है। जिसकी जांच कराई जा रही है तथा आरोपी वीरेंद्र को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लेकर गहनता से पूछताछ की जाएगी।
प्रेमी-प्रेमिका को एक दूसरे से मिलने में होती थी परेशानी, इसलिए पति की हत्या की
पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि गत दिसंबर में समालखा की करुणा कालोनी में किराए के मकान में रह रहे खाद्य आपूर्ति विभाग में डीसी रेट पर चौकीदार की नौकरी कर रहे दलबीर की हाथ-पैर बांधकर रात को हत्या कर दी गई थी। जिसका आरोप मृतक के परिजनों ने मृतक की पत्नी अमिता व उसके प्रेमी पर लगाया था। जिसकी जांच सीआईए को सौंपी गई थी। सीआईए वन उसी रात से फरार हुई मृतक की पत्नी व उसके प्रेमी की तलाश कर रही थी। मंगलवार को दोनों आरोपियों को रोहतक से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस पूछताछ में मृतक चौकीदार की पत्नी अमिता व उसके प्रेम अमित ने हत्या की बात कबूल कर ली है। आरोपी मृतक दलबीर की पत्नी अमिता ने बताया कि दलबीर मूल रूप से जींद जिला के गांव मोहनगढ़ का रहने वाला था। वह रोहतक जिला के गांव बलहंभा की है। उसका पहले पति से तलाक हुआ है जिसके बाद 4 साल पहले उसकी शादी दलबीर के साथ हुई थी। यहां पर ट्यूशन पढ़ाती थी। इसी दौरान उसके प्रेम संबंध गांव के ही मकान के साथ रहने वाले 19 वर्षीय अमित से हो गए थे। अमिता ने बताया कि दलबीर समालखा में नौकरी करता था तथा छुट्टी वाले दिन ही घर पर आता था इसलिए अमित व उसके संबंध घनिष्ट हो गए। जिसका पता दलबीर को चल गया था। इसलिए वह 16 दिसंबर को उसे व बच्ची को लेकर समालखा आ गया था। यहां कृष्णा कालोनी में नरेश के मकान में किराए पर रहने लगे थे। यहां पर उसके व अमित के मिलने में परेशानी के चलते उन्होंने दलबीर को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। अमित 18 दिसंबर को समालखा पहुंच गया दोनों ने दलबीर को शाम को खाने में नींद की गोलियां मिलाकर दी ताकि उसे बाहर ले जाकर ठिकाने लगाया जा सके। अपने प्लान के अनुसार जब उन्होंने दलबीर को उठाने का प्रयास किया तो वह पूरी तरह से नींद में नहीं होने के चलते विरोध करने लगा। इसलिए उन्होंने उसके हाथ व पैरों को रस्सी व चुन्नी से बांध दिया तथा सिर पर लड़की से वार कर उसकी हत्या कर फरार हो गए थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी फरारी के दौरान राजस्थान के अजमेर, जोधपुर व पंजाब में कई जगहों पर होटलों में रहे हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
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पानीपत। पुलिस ने 23 साले पुराने हत्या के मामले में वांछित इनामी बदमाश को काबू करने के साथ-साथ गत दिसंबर माह में प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या करने की आरोपी पत्नी व उसके प्रेमी को भी गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने पत्रकार वार्ता में पत्रकारों को बताया कि दोनों ही मामलों के आरोपियों को बुधवार को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लेकर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि वर्ष 1995 में एनएफएल के पास एक जिम के बाहर कहासुनी में शहर के साथ लगते गांव सिवाह वासी कृष्ण पुत्र वेदपाल की गोली मारकर तीन भाइयों ने हत्या कर दी थी। जिसमें आरोपी जोगिन्द्र वासी गांव पलहेड़ी जिला करनाल व नरेंद्र तथा उसका भाई वीरेन्द्र मूल वासी मोदी नगर उत्तर प्रदेश शामिल थे। कृष्ण की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक के पिता वेदपाल के बयान पर आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जोगिन्द्र को गिरफ्तार कर लिया गया था। जिसे अदालत द्वारा उम्र कैद की सजा भी सुनाई जा चुकी है। जबकि आरोपी नरेन्द्र व वीरेन्द्र फरार थे। पुलिस के काफी तलाशी के बाद भी नहीं मिलने पर आईजी रोहतक रेंज ने दोनों पर पांच हजार का इनाम घोषित किया था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हाल ही में पुलिस को सूचना मिली कि कृष्ण की हत्या का 1 आरोपी वीरेंद्र गाजियाबाद में रह रहा है। जिस पर सीआईए 2 की टीम ने आरोपी वीरेंद्र को गिरफ्तार किया है। इससे पहले आरोपी महाराष्ट्र व उत्तर प्रदेश के विभिन्न जगहों पर ठिकाने बदल-बदल कर रह रहा था। प्राथमिक पूछताछ में आरोपी वीरेन्द्र ने अपने भाई नरेंद्र की उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा मुठभेड़ में हत्या होने की बात कही है। जिसकी जांच कराई जा रही है तथा आरोपी वीरेंद्र को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लेकर गहनता से पूछताछ की जाएगी।
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प्रेमी-प्रेमिका को एक दूसरे से मिलने में होती थी परेशानी, इसलिए पति की हत्या की
पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि गत दिसंबर में समालखा की करुणा कालोनी में किराए के मकान में रह रहे खाद्य आपूर्ति विभाग में डीसी रेट पर चौकीदार की नौकरी कर रहे दलबीर की हाथ-पैर बांधकर रात को हत्या कर दी गई थी। जिसका आरोप मृतक के परिजनों ने मृतक की पत्नी अमिता व उसके प्रेमी पर लगाया था। जिसकी जांच सीआईए को सौंपी गई थी। सीआईए वन उसी रात से फरार हुई मृतक की पत्नी व उसके प्रेमी की तलाश कर रही थी। मंगलवार को दोनों आरोपियों को रोहतक से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस पूछताछ में मृतक चौकीदार की पत्नी अमिता व उसके प्रेम अमित ने हत्या की बात कबूल कर ली है। आरोपी मृतक दलबीर की पत्नी अमिता ने बताया कि दलबीर मूल रूप से जींद जिला के गांव मोहनगढ़ का रहने वाला था। वह रोहतक जिला के गांव बलहंभा की है। उसका पहले पति से तलाक हुआ है जिसके बाद 4 साल पहले उसकी शादी दलबीर के साथ हुई थी। यहां पर ट्यूशन पढ़ाती थी। इसी दौरान उसके प्रेम संबंध गांव के ही मकान के साथ रहने वाले 19 वर्षीय अमित से हो गए थे। अमिता ने बताया कि दलबीर समालखा में नौकरी करता था तथा छुट्टी वाले दिन ही घर पर आता था इसलिए अमित व उसके संबंध घनिष्ट हो गए। जिसका पता दलबीर को चल गया था। इसलिए वह 16 दिसंबर को उसे व बच्ची को लेकर समालखा आ गया था। यहां कृष्णा कालोनी में नरेश के मकान में किराए पर रहने लगे थे। यहां पर उसके व अमित के मिलने में परेशानी के चलते उन्होंने दलबीर को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। अमित 18 दिसंबर को समालखा पहुंच गया दोनों ने दलबीर को शाम को खाने में नींद की गोलियां मिलाकर दी ताकि उसे बाहर ले जाकर ठिकाने लगाया जा सके। अपने प्लान के अनुसार जब उन्होंने दलबीर को उठाने का प्रयास किया तो वह पूरी तरह से नींद में नहीं होने के चलते विरोध करने लगा। इसलिए उन्होंने उसके हाथ व पैरों को रस्सी व चुन्नी से बांध दिया तथा सिर पर लड़की से वार कर उसकी हत्या कर फरार हो गए थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी फरारी के दौरान राजस्थान के अजमेर, जोधपुर व पंजाब में कई जगहों पर होटलों में रहे हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
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