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स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत बस स्टैंड पर गंदगी की रिपोर्ट
Updated Mon, 25 Dec 2017 12:03 AM IST
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बस स्टैंड पर गंदगी के लगे ढेर, अधिकारी बेखबर
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
सरकार को हर रोज 12 लाख रुपये का राजस्व कमाकर देनेवाले हरियाणा रोडवेज के पानीपत बस स्टैंड में 14 सफाईकर्मी होने के बावजूद भी परिसर की सफाई ठीक ढंग से नहीं हो पा रही है। जिससे परिसर में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। इस तरफ न तो रोडवेज अधिकारियों का ध्यान है और नही प्रशासन कुछ कदम उठा रहा। ऐसे में यात्रियों को बस स्टैंड पर आने-जाने व बसों का इंतजार करते समय परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पानीपत बस स्टैंड प्रदेश का जीटी रोड स्थित इकलौता बस स्टैंड है। यह डिपो अंतरराज्यीय बसों का टर्मिनल भी है। अमर उजाला ने स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत पानीपत बस स्टैंड में स्वच्छता को जांचा। यहां पर गेटों से इंट्री से लेकर आगे तक कहीं पर भी सफाई नहीं मिली। हर तरफ गंदगी के ढेर मिले। स्थानीय दुकानदार भी गंदगी को उठाने या उठवाने में किसी तरह से गंभीर नहीं हैं। सफाई कर्मी भी सफाई करने के लिए आदेशों के इंतजार में रहते हैं। अधिकारी दौरा करते हैं तो कुछ सफाई हो जाती है। उसके बाद बस स्टैंड पर सफाई नही होती।
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परिवहन अधिकारी यात्रियों को नहीं दे पा रहे स्वच्छ माहौल
परिवहन अधिकारी पानीपत बस स्टैंड पर आने वाले हजारों यात्रियों को स्वच्छ माहौल नहीं दे पा रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि रोडवेज डिपो में पर्याप्त डस्टबिन नहीं होने के कारण उन्हें खाद्य पदार्थ व खाली पैकेट मजबूरन बाहर ही डालने पड़ते हैं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि बस स्टैंड में 50 डस्टबिन रखवाए थे। कुछ डस्टबिन चोरी हो गए हैं। कुछ बसों के नीचे आने से टूट गए हैं। अब सिर्फ 15 या 17 डस्टबिन बचे हुए हैं। अब उन्हें भी चेन से बांधकर रखा गया है। जिस कारण ही वे अभी तक बचे हुए हैं।
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कूड़ा उठाने के लिए दो दिन में एकबार आती है ट्राली
सफाई कर्मचारियों ने बताया कि प्रतिदिन वे समय पर सफाई करते हैं। लेकिन दो दिन में एक बार ही ट्राली आती है। वहीं कई बार तो ट्राली वाले कई-कई दिनों कूड़ा उठाने नहीं आते हैं। जिससे सफाई व्यवस्था बिगड़ जाती है। वहीं वर्कशॉप से निकलने वाला कूड़ा वर्कशॉप में ही रहता है। उसे उठाने की कोई व्यवस्था नहीं है।
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बारिश के समय में बीमारियों का बना रहता है खतरा
रोडवेज डिपो पानीपत की वर्कशॉप में हर रोज कूड़ा निकलता है। लेकिन उसे वहीं एकत्रित कर दिया जाता है। जिस कारण बारिश के समय मेंअधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। वेस्ट में पड़े हुए टॉयर बारिश के पानी भरे रहने से बीमारी फैलती है। जिससे रोडवेजकर्मियों में बीमारी फैलने का भय रहता है।
वर्जन
रोडवेज डिपो पानीपत में 50 डस्टबिन रखवाए गए थे। कुछ टूट गए, कुछ चोरी हो गए हैं। अभी 15 से17 डस्टबिन रखे हुए हैं। 14 सफाईकर्मी रोडवेज परिसर में सफाई करते हैं। रोडवेज परिसर में सफाई पूरी तरह से दुरुस्त है।
कपूरचंद, एसएस, रोडवेज पानीपत।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
सरकार को हर रोज 12 लाख रुपये का राजस्व कमाकर देनेवाले हरियाणा रोडवेज के पानीपत बस स्टैंड में 14 सफाईकर्मी होने के बावजूद भी परिसर की सफाई ठीक ढंग से नहीं हो पा रही है। जिससे परिसर में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। इस तरफ न तो रोडवेज अधिकारियों का ध्यान है और नही प्रशासन कुछ कदम उठा रहा। ऐसे में यात्रियों को बस स्टैंड पर आने-जाने व बसों का इंतजार करते समय परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पानीपत बस स्टैंड प्रदेश का जीटी रोड स्थित इकलौता बस स्टैंड है। यह डिपो अंतरराज्यीय बसों का टर्मिनल भी है। अमर उजाला ने स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत पानीपत बस स्टैंड में स्वच्छता को जांचा। यहां पर गेटों से इंट्री से लेकर आगे तक कहीं पर भी सफाई नहीं मिली। हर तरफ गंदगी के ढेर मिले। स्थानीय दुकानदार भी गंदगी को उठाने या उठवाने में किसी तरह से गंभीर नहीं हैं। सफाई कर्मी भी सफाई करने के लिए आदेशों के इंतजार में रहते हैं। अधिकारी दौरा करते हैं तो कुछ सफाई हो जाती है। उसके बाद बस स्टैंड पर सफाई नही होती।
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परिवहन अधिकारी यात्रियों को नहीं दे पा रहे स्वच्छ माहौल
परिवहन अधिकारी पानीपत बस स्टैंड पर आने वाले हजारों यात्रियों को स्वच्छ माहौल नहीं दे पा रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि रोडवेज डिपो में पर्याप्त डस्टबिन नहीं होने के कारण उन्हें खाद्य पदार्थ व खाली पैकेट मजबूरन बाहर ही डालने पड़ते हैं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि बस स्टैंड में 50 डस्टबिन रखवाए थे। कुछ डस्टबिन चोरी हो गए हैं। कुछ बसों के नीचे आने से टूट गए हैं। अब सिर्फ 15 या 17 डस्टबिन बचे हुए हैं। अब उन्हें भी चेन से बांधकर रखा गया है। जिस कारण ही वे अभी तक बचे हुए हैं।
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कूड़ा उठाने के लिए दो दिन में एकबार आती है ट्राली
सफाई कर्मचारियों ने बताया कि प्रतिदिन वे समय पर सफाई करते हैं। लेकिन दो दिन में एक बार ही ट्राली आती है। वहीं कई बार तो ट्राली वाले कई-कई दिनों कूड़ा उठाने नहीं आते हैं। जिससे सफाई व्यवस्था बिगड़ जाती है। वहीं वर्कशॉप से निकलने वाला कूड़ा वर्कशॉप में ही रहता है। उसे उठाने की कोई व्यवस्था नहीं है।
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बारिश के समय में बीमारियों का बना रहता है खतरा
रोडवेज डिपो पानीपत की वर्कशॉप में हर रोज कूड़ा निकलता है। लेकिन उसे वहीं एकत्रित कर दिया जाता है। जिस कारण बारिश के समय मेंअधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। वेस्ट में पड़े हुए टॉयर बारिश के पानी भरे रहने से बीमारी फैलती है। जिससे रोडवेजकर्मियों में बीमारी फैलने का भय रहता है।
वर्जन
रोडवेज डिपो पानीपत में 50 डस्टबिन रखवाए गए थे। कुछ टूट गए, कुछ चोरी हो गए हैं। अभी 15 से17 डस्टबिन रखे हुए हैं। 14 सफाईकर्मी रोडवेज परिसर में सफाई करते हैं। रोडवेज परिसर में सफाई पूरी तरह से दुरुस्त है।
कपूरचंद, एसएस, रोडवेज पानीपत।