{"_id":"56ed93744f1c1b0f678b4a48","slug":"180-panipat-cases-panipat-samalkha-panipat","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानीपत में 180 और समालखा में 91 केसों का निपटारा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानीपत में 180 और समालखा में 91 केसों का निपटारा
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Sat, 19 Mar 2016 11:33 PM IST
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा स्थानीय कोर्ट में शनिवार को तिमाही लोक अदालत लगाई गई। जिसमें पानीपत में 425 तथा समालखा में 155 केस लगाए गए। इनमें से पानीपत में 180 तथा समालखा में 91 केसों का निपटारा किया गया।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव परमिंदर कौर ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इनमें मोटर व्हीकल एक्ट, वैवाहिक और पारिवारिक, आपराधिका केसों के अलावा अन्य केसों का निपटारा आपसी सहमति से किया गया। उन्होंने बताया कि पानीपत में लोक अदालत के लिए 14 बैंच और समालखा में एक बैंच लगाई गई थी। उन्होंने बताया कि यह एक ऐसी अदालत है जिसमें सामाजिक व्यवस्था कअ ध्यान में रखकर दोनों पक्षों की आपसी सहमति से समझौते किए जाते हैं। जिनकी फैसले के बाद कहीं भी कोई अपील नहीं की जाती। क्योंकि यह फैसला दोनों पक्षों की रजामंदी से होता है। लोक अदालत में हुए फैसले में कोर्ट फीस वापिस हो जाती है और समय व धन की बचत होती है। लोगों को इस तरह के न्याय में विश्वास करना चाहिए।
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मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव परमिंदर कौर ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इनमें मोटर व्हीकल एक्ट, वैवाहिक और पारिवारिक, आपराधिका केसों के अलावा अन्य केसों का निपटारा आपसी सहमति से किया गया। उन्होंने बताया कि पानीपत में लोक अदालत के लिए 14 बैंच और समालखा में एक बैंच लगाई गई थी। उन्होंने बताया कि यह एक ऐसी अदालत है जिसमें सामाजिक व्यवस्था कअ ध्यान में रखकर दोनों पक्षों की आपसी सहमति से समझौते किए जाते हैं। जिनकी फैसले के बाद कहीं भी कोई अपील नहीं की जाती। क्योंकि यह फैसला दोनों पक्षों की रजामंदी से होता है। लोक अदालत में हुए फैसले में कोर्ट फीस वापिस हो जाती है और समय व धन की बचत होती है। लोगों को इस तरह के न्याय में विश्वास करना चाहिए।
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