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ग्रामीण विधायक की बयानबाजी पर मची सियासी हलचल, लोगों ने प्रदर्शन कर की नारेबाजी
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पानीपत। पानीपत ग्रामीण विधायक महिपाल ढ़ाडा के ग्रामीण क्षेत्र में 400 करोड़ से विकास कार्य करवाने और 80 में से 79 कॉलोनियों को वैध करवाने के बयान पर ग्रामीण क्षेत्र में सियासी हलचल शुरू हो चुकी हैं। जहां भाजपा विधायक अपने विकास कार्यों का गुणगान कर रहे हैं, वहीं ग्रामीण जजपा प्रभारी ने उनके विकास कार्यों को निराधार बताया है। उनके इस बयान के खिलाफ जजपा प्रभारी देवेंद्र कादयान ने विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
जजपा प्रभारी रविवार को जब नूरवाला गए तो वहां के लोगों ने उनसे अपनी समस्याओं के बारे में अवगत करवाया। लोगों ने बताया कि वहां पर कोई विकास ही नहीं हुआ है। गली में निकासी का गंदा पानी खड़ा था। बिजली से लेकर सड़कें भी खस्ता हालात में थी। उनके सामने लोगों ने विधायक के खिलाफ नारेबाजी कर उनकी करोड़ों रुपये के विकास कार्य और वैध कॉलोनी करने वाली बयानबाजी का विरोध किया।
पानीपत हलका ग्रामीण जजपा प्रभारी ने कहा कि विधायक महिपाल ढांडा एक टीवी इंटरव्यू में बयान दिया है कि उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में 400 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए हैं। जबकि उनकी बयानबाजी के बिल्कुल विपरीत काम हुआ है। अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी पीने तक पानी नहीं है। इसके लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। सड़कें टूटी पड़ी हैं। उन्होंने बताया कि नूरवाला मेयर अवनीत कौर का गांव भी है। इसके साथ यहां के मौजूदा पार्षद भाजपाई हैं। उनके घर के पास वाली गली में भी गंदा पानी भरा है, तो विकास कहां गया। विधायक द्वारा चुनाव में वोट बटोरने की यह ट्रिक फेल साबित हो रही है। वे लोगों को गलत बयानबाजी दे रहे हैं। उन्हें नहीं लगता कि 400 करोड़ में से मात्र 40 करोड़ रुपये भी खर्च किए गए होेंगे। उन्होंने कहा कि अगर विधायक ने सही में इतने विकास कार्य करवाए हैं, तो उनकी रिपोर्ट जनता के सामने पेश करें।
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सिर्फ 40 कॉलोनी ही हो पाई वैध : जजपा प्रभारी का कहना है कि विधायक इंटरव्यू में 80 में से 79 कॉलोनियों को वैध बता रहे हैं। जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। अब तक केवल 40 से 42 कॉलोनियां ही वैध हुई हैं। उन्होंने इस प्रकरण को साफ तौर से ग्रामीण विधायक द्वारा आगामी विस चुनाव में वोट बैंक तैयार करना बताया है।
लोग गंदे पानी के बीच से आवागमन को मजबूर : देवेंद्र कादयान ने बताया कि नूरवाला में एक सरकारी स्कूल हैं। कल से यहां बच्चे भी आने जाने लगेंगे। अब भी यहां से रोजाना सैकड़ों लोग आते जाते हैं। उन्हें इस गंदे पानी के बीच से होकर गुुजरना पड़ता है। अब तक यहां किसी प्रकार का कोई सीवरेज, सड़क या पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई।
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जजपा प्रभारी रविवार को जब नूरवाला गए तो वहां के लोगों ने उनसे अपनी समस्याओं के बारे में अवगत करवाया। लोगों ने बताया कि वहां पर कोई विकास ही नहीं हुआ है। गली में निकासी का गंदा पानी खड़ा था। बिजली से लेकर सड़कें भी खस्ता हालात में थी। उनके सामने लोगों ने विधायक के खिलाफ नारेबाजी कर उनकी करोड़ों रुपये के विकास कार्य और वैध कॉलोनी करने वाली बयानबाजी का विरोध किया।
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पानीपत हलका ग्रामीण जजपा प्रभारी ने कहा कि विधायक महिपाल ढांडा एक टीवी इंटरव्यू में बयान दिया है कि उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में 400 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए हैं। जबकि उनकी बयानबाजी के बिल्कुल विपरीत काम हुआ है। अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी पीने तक पानी नहीं है। इसके लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। सड़कें टूटी पड़ी हैं। उन्होंने बताया कि नूरवाला मेयर अवनीत कौर का गांव भी है। इसके साथ यहां के मौजूदा पार्षद भाजपाई हैं। उनके घर के पास वाली गली में भी गंदा पानी भरा है, तो विकास कहां गया। विधायक द्वारा चुनाव में वोट बटोरने की यह ट्रिक फेल साबित हो रही है। वे लोगों को गलत बयानबाजी दे रहे हैं। उन्हें नहीं लगता कि 400 करोड़ में से मात्र 40 करोड़ रुपये भी खर्च किए गए होेंगे। उन्होंने कहा कि अगर विधायक ने सही में इतने विकास कार्य करवाए हैं, तो उनकी रिपोर्ट जनता के सामने पेश करें।
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सिर्फ 40 कॉलोनी ही हो पाई वैध : जजपा प्रभारी का कहना है कि विधायक इंटरव्यू में 80 में से 79 कॉलोनियों को वैध बता रहे हैं। जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। अब तक केवल 40 से 42 कॉलोनियां ही वैध हुई हैं। उन्होंने इस प्रकरण को साफ तौर से ग्रामीण विधायक द्वारा आगामी विस चुनाव में वोट बैंक तैयार करना बताया है।
लोग गंदे पानी के बीच से आवागमन को मजबूर : देवेंद्र कादयान ने बताया कि नूरवाला में एक सरकारी स्कूल हैं। कल से यहां बच्चे भी आने जाने लगेंगे। अब भी यहां से रोजाना सैकड़ों लोग आते जाते हैं। उन्हें इस गंदे पानी के बीच से होकर गुुजरना पड़ता है। अब तक यहां किसी प्रकार का कोई सीवरेज, सड़क या पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई।