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आज से आधी कीमत पर मरीज करा सकेंगे डायलिसिस
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पानीपत। मरीजों को मंगलवार से सिविल अस्पताल में आधी कीमत पर डायलिसिस की सुविधा मिलेगी। सरकारी अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा नहीं होने की वजह से जिले के लोगों को निजी अस्पताल में महंगी कीमत पर डायलिसिस करानी पड़ती थी, लेकिन अब मरीजों को राहत मिलेगी। सोमवार को डायलिसिस के लिए 38 मरीजों ने पंजीकरण भी करा लिया है। इनका उपचार मंगलवार को होगा।
खत्म हुआ विवाद, जमा कराई गई 10 लाख रुपये की सिक्योरिटी : पीपीपी मोड़ पर सिविल अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा देने वाले दीप चंद डायलिसिस सेंटर व सिविल अस्पताल का विवाद खत्म हो गया है। सोमवार को सेंटर ने सिविल अस्पताल में 10 लाख रुपये की सिक्योरिटी राशि जमा करवा दी है। सिविल सर्जन की ओर भी डायलिसिस शुरू करने की अनुमति मिल गई है। अब मंगलवार से अस्पताल में डायलिसिस शुरू हो जाएंगे। मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों की अपेक्षा 50 प्रतिशत तक कम दर में डायलिसिस की सुविधा मिलेगी।
ढाई वर्ष पहले डायलिसिस यूनिट शुरू करने के लिए हुआ अनुबंध : पीपीपी मोड पर दीप चंद डायलिसिस सेंटर ने लगभग ढाई साल पहले सिविल अस्पताल में केंद्र के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों से अनुबंध किया था। वर्ष 2017 में बिल्डिंग के प्रथम तल पर कंपनी को जगह अलॉट कर दी गई। करीब छह माह पहले से दीप चंद डायलिसिस सेंटर ने उपकरण इंस्टॉल करने शुरू कर दिए, लेकिन सिक्योरिटी राशि जमा नहीं कराने की वजह से यूनिट शुरू नहीं हो पा रही थी। हर रोज हो सकता है औसतन आठ मरीजों का डायलिसिस : डायलिसिस सेंटर की मैनेजर मंजू ने बताया कि उनके पास कुल 8 का स्टाफ है। इसमें एक डॉक्टर, एक मैनेजर, एक सीनियर टेक्निशियन व दो जूनियर टेक्निशियन है। आठ मशीनें डायलिसिस के लिए लगाई गई है। रोजाना औसतन आठ मरीजों का डायलिसिस हो सकता है।
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कंपनी की ओर से अस्पताल में सिक्योरिटी राशि जमा करवा दी गई है। सिविल सर्जन की ओर से डायलिसिस शुरू करने को लेकर हरी झंडी मिल चुकी है। जिन मरीजों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। उनका डायलिसिस मंगलवार से शुरू किया जाएगा।
डॉ. आलोक जैन, एमएस सिविल अस्पताल
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खत्म हुआ विवाद, जमा कराई गई 10 लाख रुपये की सिक्योरिटी : पीपीपी मोड़ पर सिविल अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा देने वाले दीप चंद डायलिसिस सेंटर व सिविल अस्पताल का विवाद खत्म हो गया है। सोमवार को सेंटर ने सिविल अस्पताल में 10 लाख रुपये की सिक्योरिटी राशि जमा करवा दी है। सिविल सर्जन की ओर भी डायलिसिस शुरू करने की अनुमति मिल गई है। अब मंगलवार से अस्पताल में डायलिसिस शुरू हो जाएंगे। मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों की अपेक्षा 50 प्रतिशत तक कम दर में डायलिसिस की सुविधा मिलेगी।
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ढाई वर्ष पहले डायलिसिस यूनिट शुरू करने के लिए हुआ अनुबंध : पीपीपी मोड पर दीप चंद डायलिसिस सेंटर ने लगभग ढाई साल पहले सिविल अस्पताल में केंद्र के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों से अनुबंध किया था। वर्ष 2017 में बिल्डिंग के प्रथम तल पर कंपनी को जगह अलॉट कर दी गई। करीब छह माह पहले से दीप चंद डायलिसिस सेंटर ने उपकरण इंस्टॉल करने शुरू कर दिए, लेकिन सिक्योरिटी राशि जमा नहीं कराने की वजह से यूनिट शुरू नहीं हो पा रही थी। हर रोज हो सकता है औसतन आठ मरीजों का डायलिसिस : डायलिसिस सेंटर की मैनेजर मंजू ने बताया कि उनके पास कुल 8 का स्टाफ है। इसमें एक डॉक्टर, एक मैनेजर, एक सीनियर टेक्निशियन व दो जूनियर टेक्निशियन है। आठ मशीनें डायलिसिस के लिए लगाई गई है। रोजाना औसतन आठ मरीजों का डायलिसिस हो सकता है।
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कंपनी की ओर से अस्पताल में सिक्योरिटी राशि जमा करवा दी गई है। सिविल सर्जन की ओर से डायलिसिस शुरू करने को लेकर हरी झंडी मिल चुकी है। जिन मरीजों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। उनका डायलिसिस मंगलवार से शुरू किया जाएगा।
डॉ. आलोक जैन, एमएस सिविल अस्पताल