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जीएसटी का विरोध - एक दिन में एक हजार करोड़ का व्यापार प्रभावित
Updated Fri, 16 Jun 2017 12:05 AM IST
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जीएसटी का विरोध : एक दिन में एक हजार करोड़ का व्यापार प्रभावित
25 हजार छोटी-बड़ी फैक्ट्री और 15 सौ दुकानें बंद, 40 एसोसिएशनों का समर्थन
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। औद्योगिक नगरी का उद्योगपति और व्यापारी जीएसटी के विरोध में उतर आया और सरकार को 25 जून तक का समय दिया है। छोटे उद्यमियों ने इसका सरलीकरण न होने पर 25 के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी। पानीपत बंद के आह्वान पर शहर की टेक्सटाइल उद्योग व बाजार पूरी तरह से बंद रहा। व्यापारी यूनियनों ने करीब 40 व्यापारी व औद्योगिक एसोसिएशन के साथ करीब 30 हजार फैक्ट्री व करीब 15 सौ दुकानें बंद होने का दावा किया। एक दिन ही हड़ताल के चलते करीब एक हजार करोड़ का व्यापार प्रभावित होने की बात कही है। व्यापारियों ने लघु सचिवालय पहुंचकर सीटीएम के मार्फत मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
शहर की लघु उद्योगों से संबंधित चैंबर ऑफ टेक्सटाइल मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन की 10 एसोसिएशनों और करीब 30 अन्य मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशनों के हजारों व्यापारियों ने वीरवार को जीएसटी के विरोध में पानीपत बंद रखा। उद्यमी व व्यापारियों सुबह अमर भवन चौक से लेकर लघु सचिवालय तक जीएसटी का विरोध करते हुए पैदल रोष मार्च निकाला और लघु सचिवालय में प्रदर्शन करते हुए डीसी की अनुपस्थिति में सीटीएम संदीप अग्रवाल को अपनी मांगों को लेकर पीएम मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। सीटीएम ने जल्द ही ज्ञापन को पीएम तक भिजवाने का आश्वासन दिया।
सीटीएमए के प्रधान एवं हरियाणा व्यापार मंडल के युवा प्रदेशाध्यक्ष राकेश चुघ, कंबल मार्केट एसोसिएशन के प्रधान एवं पार्षद अशोक नांरग, शाल मार्केट के प्रधान ठाकरदास शर्मा, बरसत रोड एसोसिएशन के प्रधान भीम सचदेवा, टेक्सटाइल मशीनरी एसोसिएशन के प्रधान सुखबीर मलिक, सीनियर डिप्टी मेयर काजल बठला के पति सुभाष बठला, सुरेश गुंबर, अमर भवन चौक के मदन बरेजा, कचहरी मार्केट के हरमेंद्र सिंह दुआ, यार्न एसोसिएशन के संजय कालरा, भीम राणा, एसडी कालेज रोड के तरूण नागपाल, बलदेव राज रेवड़ी, तिलक राज, राजेश खुराना, विक्की कत्याल, सीटीएमए से अजीत मुलतानी, अनिल बरेजा, मिंटू चुघ, गुलशन अरोड़ा, त्रिलोचन खुराना, आरबी गुप्ता, दर्शन मक्कड़, चिमन सेठी, अनिल खुराना, विरेंद्र रावल, लक्ष्मी नरायण व राजेश मौजूद रहे। इस मौके पर सभी व्यापारियों ने कहा कि जीएसटी छोटी फैक्ट्री संचालकों के लिए एक काले कानून के समान है। कोई भी छोटा व्यापारी एक माह में तीन बार रिटर्न नहीं भर सकता। वहीं गलती कोई और करें और सजा किसी व्यापारी को मिलने का प्रावधान भी काले कानून के समान है।
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जीएसटी की शर्तों पर खरा नहीं उतरा जा सकता
राकेश चुघ व अन्य एसोसिएशनों के प्रधानों ने कहा कि केंद्र सरकार ने जीएसटी में ऐसे जटिल प्रावधान किए हैं कि उन्हें पूरा करना किसी छोटे व्यापारी के वश में नहीं है। किसी व्यापारी द्वारा दूसरे राज्य में अपना माल बेचने के लिए वहां का भी जीएसटी नंबर लेना न्यायसंगत नहीं है। व्यापारियों ने कहा कि वे तो जीएसटी के प्रावधानों को ही पूरा करने में लगे रहेंगे और उनका व्यापार बंद हो जाएगा। यदि सरकार को लघु उद्योग से संबंधी शहर की करीब 30 हजार छोटी फैक्ट्रियों को चालू रहने देना है तो जीएसटी के प्रावधानों का सरलीकरण करना पड़ेगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो इन फैक्ट्री मालिकों और उनमें काम करने वाले करीब तीन लाख श्रमिकों के लिए रोजी-रोटी के लाले पड़ जाएंगे।
टेक्सटाइल बाजार में आने वाले लोगों को जाना पड़ा खाली हाथ
टेक्सटाइल उद्योग व बाजार के पूरी तरह से हड़ताल पर जाने के चलते पूरा दिन दुकान व फैक्ट्री बंद रही। इसराना निवासी कृष्ण व राजवंति सामान खरीदने आए थे, लेकिन उनको बाजार में कुछ नहीं मिला। उनको अब दोबारा आना पड़ेगा।
इंसार बाजार समेत दूसरे बाजारों पर नहीं दिखा असर
पानीपत बंद के दौरान इंसार बाजार समेत कई दूसरे बाजार खुले रहे। जबकि हड़ताल में सबसे ज्यादा टेक्सटाइल उद्योग व व्यापारियों ने भाग लिया। शहर में अमर भवन चौक, रेलवे रोड, कंबल, पचरंगा, बरसत रोड, देवपुरी रोड व शॉल मार्केट समेत कई मार्केट समर्थन में बंद रही।
चाइना का माल सस्ता तो अपना होगा महंगा
व्यापारियों की माने तो जीएसटी लागू होने के बाद चाइना व दूसरे देशों से आने वाला माल पहले की अपेक्षा सस्ता हो जाएगा। जबकि यहां का माल महंगा हो जाएगा। ऐसे में व्यापारी व उद्योगपति अपने ही देश में हार जाएंगे। व्यापारियों के अनुसार चाइना का कोई भी एक हजार रुपये में आने वाला माल आठ सौ रुपये में मिलेगा, जबकि यहां का पहले एक हजार रुपये में आना वाला माल 1250 रुपये हो जाएगा।
सरकार ने मेक इन इंडिया का नारा दिया था और उद्यमियों को सरकार से बहुत उम्मीद थी। अब जीएसटी लागू होते ही व्यापार ठप हो जाएगा। उद्यमियों को अपने उद्योग धंधे बंद ही रखने पड़ेंगे। सरकार को विदेशी व्यापार को बढ़ावा देने की बजाय अपने व्यापार को बढ़ाना चाहिए।
राकेश चुघ, प्रधान, सीटीएमए पानीपत।
जीएसटी लागू होने के बाद एक माह में तीन बार रिटर्न भरनी होगी। ऐसे में अधिकतर समय रिटर्न भरने में लग जाएगा। वह अपने उद्योग को समय नहीं दे पाएगा। ऐसे में उद्योग ठप हो जाएगा।
विनोद ग्रोवर, प्रधान ओल्ड इंडस्ट्रीयल एरिया पानीपत।
व्यापारी जीएसटी लागू होते ही सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। वह दिनभर अपने प्रतिष्ठान पर बैठकर मुश्किल से अपने व्यापार को चला पाता है। ऐसे में उस पर भी जीएसटी लगाना न्याय संगत नहीं है। वह व्यापार के साथ लेखा-जोखा नहीं संभाल पाएगा।
ललीत गोयल, जिला प्रधान, हरियाणा व्यापार मंडल।
जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारी पर अतिरिक्त बोझ पड़ जाएगा। सरकार उसके उत्पादन पर जीएसटी लगा सकती है, लेकिन एक सामान का हर स्थान पर जीएसटी लगाना ठीक नहीं है। व्यापारी इसका विरोध करते हैं।
शाम सचदेवा, प्रधान, एसडी कॉलेज रोड हैंडलूम मार्केट।
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25 हजार छोटी-बड़ी फैक्ट्री और 15 सौ दुकानें बंद, 40 एसोसिएशनों का समर्थन
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। औद्योगिक नगरी का उद्योगपति और व्यापारी जीएसटी के विरोध में उतर आया और सरकार को 25 जून तक का समय दिया है। छोटे उद्यमियों ने इसका सरलीकरण न होने पर 25 के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी। पानीपत बंद के आह्वान पर शहर की टेक्सटाइल उद्योग व बाजार पूरी तरह से बंद रहा। व्यापारी यूनियनों ने करीब 40 व्यापारी व औद्योगिक एसोसिएशन के साथ करीब 30 हजार फैक्ट्री व करीब 15 सौ दुकानें बंद होने का दावा किया। एक दिन ही हड़ताल के चलते करीब एक हजार करोड़ का व्यापार प्रभावित होने की बात कही है। व्यापारियों ने लघु सचिवालय पहुंचकर सीटीएम के मार्फत मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
शहर की लघु उद्योगों से संबंधित चैंबर ऑफ टेक्सटाइल मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन की 10 एसोसिएशनों और करीब 30 अन्य मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशनों के हजारों व्यापारियों ने वीरवार को जीएसटी के विरोध में पानीपत बंद रखा। उद्यमी व व्यापारियों सुबह अमर भवन चौक से लेकर लघु सचिवालय तक जीएसटी का विरोध करते हुए पैदल रोष मार्च निकाला और लघु सचिवालय में प्रदर्शन करते हुए डीसी की अनुपस्थिति में सीटीएम संदीप अग्रवाल को अपनी मांगों को लेकर पीएम मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। सीटीएम ने जल्द ही ज्ञापन को पीएम तक भिजवाने का आश्वासन दिया।
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सीटीएमए के प्रधान एवं हरियाणा व्यापार मंडल के युवा प्रदेशाध्यक्ष राकेश चुघ, कंबल मार्केट एसोसिएशन के प्रधान एवं पार्षद अशोक नांरग, शाल मार्केट के प्रधान ठाकरदास शर्मा, बरसत रोड एसोसिएशन के प्रधान भीम सचदेवा, टेक्सटाइल मशीनरी एसोसिएशन के प्रधान सुखबीर मलिक, सीनियर डिप्टी मेयर काजल बठला के पति सुभाष बठला, सुरेश गुंबर, अमर भवन चौक के मदन बरेजा, कचहरी मार्केट के हरमेंद्र सिंह दुआ, यार्न एसोसिएशन के संजय कालरा, भीम राणा, एसडी कालेज रोड के तरूण नागपाल, बलदेव राज रेवड़ी, तिलक राज, राजेश खुराना, विक्की कत्याल, सीटीएमए से अजीत मुलतानी, अनिल बरेजा, मिंटू चुघ, गुलशन अरोड़ा, त्रिलोचन खुराना, आरबी गुप्ता, दर्शन मक्कड़, चिमन सेठी, अनिल खुराना, विरेंद्र रावल, लक्ष्मी नरायण व राजेश मौजूद रहे। इस मौके पर सभी व्यापारियों ने कहा कि जीएसटी छोटी फैक्ट्री संचालकों के लिए एक काले कानून के समान है। कोई भी छोटा व्यापारी एक माह में तीन बार रिटर्न नहीं भर सकता। वहीं गलती कोई और करें और सजा किसी व्यापारी को मिलने का प्रावधान भी काले कानून के समान है।
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जीएसटी की शर्तों पर खरा नहीं उतरा जा सकता
राकेश चुघ व अन्य एसोसिएशनों के प्रधानों ने कहा कि केंद्र सरकार ने जीएसटी में ऐसे जटिल प्रावधान किए हैं कि उन्हें पूरा करना किसी छोटे व्यापारी के वश में नहीं है। किसी व्यापारी द्वारा दूसरे राज्य में अपना माल बेचने के लिए वहां का भी जीएसटी नंबर लेना न्यायसंगत नहीं है। व्यापारियों ने कहा कि वे तो जीएसटी के प्रावधानों को ही पूरा करने में लगे रहेंगे और उनका व्यापार बंद हो जाएगा। यदि सरकार को लघु उद्योग से संबंधी शहर की करीब 30 हजार छोटी फैक्ट्रियों को चालू रहने देना है तो जीएसटी के प्रावधानों का सरलीकरण करना पड़ेगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो इन फैक्ट्री मालिकों और उनमें काम करने वाले करीब तीन लाख श्रमिकों के लिए रोजी-रोटी के लाले पड़ जाएंगे।
टेक्सटाइल बाजार में आने वाले लोगों को जाना पड़ा खाली हाथ
टेक्सटाइल उद्योग व बाजार के पूरी तरह से हड़ताल पर जाने के चलते पूरा दिन दुकान व फैक्ट्री बंद रही। इसराना निवासी कृष्ण व राजवंति सामान खरीदने आए थे, लेकिन उनको बाजार में कुछ नहीं मिला। उनको अब दोबारा आना पड़ेगा।
इंसार बाजार समेत दूसरे बाजारों पर नहीं दिखा असर
पानीपत बंद के दौरान इंसार बाजार समेत कई दूसरे बाजार खुले रहे। जबकि हड़ताल में सबसे ज्यादा टेक्सटाइल उद्योग व व्यापारियों ने भाग लिया। शहर में अमर भवन चौक, रेलवे रोड, कंबल, पचरंगा, बरसत रोड, देवपुरी रोड व शॉल मार्केट समेत कई मार्केट समर्थन में बंद रही।
चाइना का माल सस्ता तो अपना होगा महंगा
व्यापारियों की माने तो जीएसटी लागू होने के बाद चाइना व दूसरे देशों से आने वाला माल पहले की अपेक्षा सस्ता हो जाएगा। जबकि यहां का माल महंगा हो जाएगा। ऐसे में व्यापारी व उद्योगपति अपने ही देश में हार जाएंगे। व्यापारियों के अनुसार चाइना का कोई भी एक हजार रुपये में आने वाला माल आठ सौ रुपये में मिलेगा, जबकि यहां का पहले एक हजार रुपये में आना वाला माल 1250 रुपये हो जाएगा।
सरकार ने मेक इन इंडिया का नारा दिया था और उद्यमियों को सरकार से बहुत उम्मीद थी। अब जीएसटी लागू होते ही व्यापार ठप हो जाएगा। उद्यमियों को अपने उद्योग धंधे बंद ही रखने पड़ेंगे। सरकार को विदेशी व्यापार को बढ़ावा देने की बजाय अपने व्यापार को बढ़ाना चाहिए।
राकेश चुघ, प्रधान, सीटीएमए पानीपत।
जीएसटी लागू होने के बाद एक माह में तीन बार रिटर्न भरनी होगी। ऐसे में अधिकतर समय रिटर्न भरने में लग जाएगा। वह अपने उद्योग को समय नहीं दे पाएगा। ऐसे में उद्योग ठप हो जाएगा।
विनोद ग्रोवर, प्रधान ओल्ड इंडस्ट्रीयल एरिया पानीपत।
व्यापारी जीएसटी लागू होते ही सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। वह दिनभर अपने प्रतिष्ठान पर बैठकर मुश्किल से अपने व्यापार को चला पाता है। ऐसे में उस पर भी जीएसटी लगाना न्याय संगत नहीं है। वह व्यापार के साथ लेखा-जोखा नहीं संभाल पाएगा।
ललीत गोयल, जिला प्रधान, हरियाणा व्यापार मंडल।
जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारी पर अतिरिक्त बोझ पड़ जाएगा। सरकार उसके उत्पादन पर जीएसटी लगा सकती है, लेकिन एक सामान का हर स्थान पर जीएसटी लगाना ठीक नहीं है। व्यापारी इसका विरोध करते हैं।
शाम सचदेवा, प्रधान, एसडी कॉलेज रोड हैंडलूम मार्केट।