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-डीसी के मार्फत मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
Updated Tue, 10 Oct 2017 12:35 AM IST
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एसकेएस बर्खास्त जेबीटी के समर्थन में उतरा
फोटो-3
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सर्व कर्मचारी संघ बर्खास्त 1259 नवनियुक्त जेबीटी के समर्थन में उतर आया है और शहर में प्रदर्शन कर डीसी के मार्फत मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। संघ ने बर्खास्त जेबीटी के समायोजन की मांग की। यूनियन ने सरकार पर कर्मचारी विरोधी नीतियों को लगातार लागू करने के भी आरोप लगाए।
सर्व कर्मचारी संघ ने सोमवार को लघु सचिवालय पहुंचकर डीसी के मार्फत मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले संघ के बैनर तले विभिन्न विभागों के कर्मचारी नेता पालिका बाजार से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। जिसकी अध्यक्षता जिला प्रधान कश्मीरी व संचालन जिला सचिव तेजपाल ने किया। सरकार ने 14 अगस्त को 9455 जेबीटी अध्यापकों की पहली सूची जारी की गई। जिनमें से 1259 को बर्खास्त कर दिया गया। नियमानुसार चयनित होने के बाद भी पिछले 19 दिनों से करनाल में आमरण अनशन पर बैठे हैं। सर्व कर्मचारी संघ जेबीटी अध्यापकों का समर्थन करता है। संघ टीचरों को बहाल करने की मांग करता है। जिला सचिव तेजपाल ने कहा कि सरकार सरकारी कार्यालयों का निजीकरण करना चाहती है। सरकार ने सत्ता में आने से पहले दो लाख रोजगार देने का वायदा किया था, लेकिन अब तक 16 हजार की भर्ती की गई हैं। वहीं 20 हजार को हटा भी दिया है। इस मौके पर राजपाल सिंह, बलवान सिंह, मंगल सिंह, सीताराम, विष्णु, सुभाष, वेदप्रकाश व सुलतान मलिक मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सर्व कर्मचारी संघ बर्खास्त 1259 नवनियुक्त जेबीटी के समर्थन में उतर आया है और शहर में प्रदर्शन कर डीसी के मार्फत मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। संघ ने बर्खास्त जेबीटी के समायोजन की मांग की। यूनियन ने सरकार पर कर्मचारी विरोधी नीतियों को लगातार लागू करने के भी आरोप लगाए।
सर्व कर्मचारी संघ ने सोमवार को लघु सचिवालय पहुंचकर डीसी के मार्फत मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले संघ के बैनर तले विभिन्न विभागों के कर्मचारी नेता पालिका बाजार से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। जिसकी अध्यक्षता जिला प्रधान कश्मीरी व संचालन जिला सचिव तेजपाल ने किया। सरकार ने 14 अगस्त को 9455 जेबीटी अध्यापकों की पहली सूची जारी की गई। जिनमें से 1259 को बर्खास्त कर दिया गया। नियमानुसार चयनित होने के बाद भी पिछले 19 दिनों से करनाल में आमरण अनशन पर बैठे हैं। सर्व कर्मचारी संघ जेबीटी अध्यापकों का समर्थन करता है। संघ टीचरों को बहाल करने की मांग करता है। जिला सचिव तेजपाल ने कहा कि सरकार सरकारी कार्यालयों का निजीकरण करना चाहती है। सरकार ने सत्ता में आने से पहले दो लाख रोजगार देने का वायदा किया था, लेकिन अब तक 16 हजार की भर्ती की गई हैं। वहीं 20 हजार को हटा भी दिया है। इस मौके पर राजपाल सिंह, बलवान सिंह, मंगल सिंह, सीताराम, विष्णु, सुभाष, वेदप्रकाश व सुलतान मलिक मौजूद रहे।
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