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सरकार दिवाली के मौके पर व्यापारियों व टैक्स प्रोफेशनल की कर रही है नींद हराम : सीए मुकेश मितल
Updated Wed, 18 Oct 2017 12:07 AM IST
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जीएसटी की 3-बी रिटर्न में पेनल्टी लगाने पर सीए ने जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया की उत्तरी भारतीय क्षेत्रीय परिषद की पानीपत शाखा द्वारा आईसीएआई भवन के सभागार में प्रधान सीए मुकेश मित्तल की अध्यक्षता में एक मीटिंग का आयोजन किया गया।
प्रधान सीए मुकेश मित्तल ने कहा कि सरकार द्वारा व्यापारियों व टैक्स प्रोफेशनल की दिवाली के मौके पर नींद हराम की जा रही है। सरकार ने अगस्त माह की जीएसटी की 3-बी रिटर्न लेट भरने वालों या पूर्ण रूप से फाइल न करने पर कम से कम पांच हजार व 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पेनल्टी लेना शुरू कर दिया है। जबकि यह जीएसटी लागू होने के बाद की दूसरी मासिक रिटर्न है और सरकार ने आश्वासन दिया था कि प्रारंभ के कुछ महीनों तक कोई पेनल्टी नहीं ली जाएगी।
कभी जीएसटी की वेबसाइट धीमी चलती है तो कभी काई टैक्नीकल एरर होने के कारण रिटर्न समय पर जमा नहीं हो पा रही है। सरकार 200 रुपये प्रतिदिन पेनल्टी लेने की जगह इकट्ठी पांच हजार से सात हजार की पेनल्टी लगा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे में व्यापारियों व टैक्स प्रोफेशनल में भय का माहौल बना हुआ है और आपस के संबंधों में दरारें पड़नी शुरू हो गई है।
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इस मौके पर पानीपत शाखा के चेयरमैन सीए मुकेश मित्तल, वॉइस चेयरमैन सीए अतुल चोपड़ा, सचिव सीए आदित्य नंदवानी, कोषाध्यक्ष सीए मितेश मल्होत्रा, सीए अंकुश गोयल, सीए राधेश्याम शर्मा, सीए कपिल दूरेजा, सीए गोविंद सैनी, सीए रिंकी गोयल, सीए सोनू गोयल, सीए संदीप गुप्ता, सीए राकेश अरोड़ा, सीए संदीप शर्मा, सीए सुमन गुप्ता, सीए योगेश गोयल, सीए मनोज गोयल व सीए गुरविंदर सिंह मौजूद रहे।
ओटीपी लेट होने पर भी पेनल्टी
मुकेश मित्तल ने कहा कि जीएसटी की रिटर्न सबमिट तो हो चुकी थी, लेकिन ओटीपी टाइम पर ना आने या अन्य किसी कारण से भी यदि रिटर्न फाइल नहीं हुई तो भी पांच हजार की पेनल्टी सरकार द्वारा वसूली जा रही है। टैक्स प्रोफेशनल की एक मीटिंग में आज ऐसा माहौल नजर आ रहा था कि जीएसटी सिस्टम की नाकामियों की वजह से उनके काम बहुत प्रभावित हो रहे है। जिससे कि टैक्स ऑडिट फाइल करने में भी परेशानियां हो रही है।
जीएसटी नंबर कैंसिल कराने की भी सुविधा नहीं
प्रधान सीए ने कहा कि जो व्यापारी जीएसटी नंबर कैंसिल करवाना चाहते है। उनके लिए भी यह सुविधा अभी तक उपलब्ध नहीं है और उनसे भी मनमाने तरीके से पेनल्टी वसूली जा रही है। इसके संदर्भ में जीएसटी विभाग के पानीपत ऑफिस के अधिकारियों से बातचीत की गई। लेकिन एक ही जवाब मिलता है कि यह सिस्टम से संबंधित समस्या है। हमारे पास इस बारे में कोई समाधान नहीं है।
सितंबर की रिटर्न भरने में होगी दिवाली की रात काली
उन्होंने कहा कि आज स्थिति ये हो चुकी है कि सितंबर महा की रिटर्न भरने के लिए व्यापारियों व टैक्स प्रोफेशनल को अपनी दिवाली की जगमगाती रातों को भी काला करना पड़ेगा और सबकी जेब पर अगस्त माह की पेनल्टी जमा करने का भार अलग से पड़ रहा है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो एक दिन सभी टैक्स प्रोफेशनल जीएसटी का काम छोड़ देंगे और व्यापारियों की समस्याएं बढ़ती नजर आएंगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया की उत्तरी भारतीय क्षेत्रीय परिषद की पानीपत शाखा द्वारा आईसीएआई भवन के सभागार में प्रधान सीए मुकेश मित्तल की अध्यक्षता में एक मीटिंग का आयोजन किया गया।
प्रधान सीए मुकेश मित्तल ने कहा कि सरकार द्वारा व्यापारियों व टैक्स प्रोफेशनल की दिवाली के मौके पर नींद हराम की जा रही है। सरकार ने अगस्त माह की जीएसटी की 3-बी रिटर्न लेट भरने वालों या पूर्ण रूप से फाइल न करने पर कम से कम पांच हजार व 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पेनल्टी लेना शुरू कर दिया है। जबकि यह जीएसटी लागू होने के बाद की दूसरी मासिक रिटर्न है और सरकार ने आश्वासन दिया था कि प्रारंभ के कुछ महीनों तक कोई पेनल्टी नहीं ली जाएगी।
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कभी जीएसटी की वेबसाइट धीमी चलती है तो कभी काई टैक्नीकल एरर होने के कारण रिटर्न समय पर जमा नहीं हो पा रही है। सरकार 200 रुपये प्रतिदिन पेनल्टी लेने की जगह इकट्ठी पांच हजार से सात हजार की पेनल्टी लगा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे में व्यापारियों व टैक्स प्रोफेशनल में भय का माहौल बना हुआ है और आपस के संबंधों में दरारें पड़नी शुरू हो गई है।
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इस मौके पर पानीपत शाखा के चेयरमैन सीए मुकेश मित्तल, वॉइस चेयरमैन सीए अतुल चोपड़ा, सचिव सीए आदित्य नंदवानी, कोषाध्यक्ष सीए मितेश मल्होत्रा, सीए अंकुश गोयल, सीए राधेश्याम शर्मा, सीए कपिल दूरेजा, सीए गोविंद सैनी, सीए रिंकी गोयल, सीए सोनू गोयल, सीए संदीप गुप्ता, सीए राकेश अरोड़ा, सीए संदीप शर्मा, सीए सुमन गुप्ता, सीए योगेश गोयल, सीए मनोज गोयल व सीए गुरविंदर सिंह मौजूद रहे।
ओटीपी लेट होने पर भी पेनल्टी
मुकेश मित्तल ने कहा कि जीएसटी की रिटर्न सबमिट तो हो चुकी थी, लेकिन ओटीपी टाइम पर ना आने या अन्य किसी कारण से भी यदि रिटर्न फाइल नहीं हुई तो भी पांच हजार की पेनल्टी सरकार द्वारा वसूली जा रही है। टैक्स प्रोफेशनल की एक मीटिंग में आज ऐसा माहौल नजर आ रहा था कि जीएसटी सिस्टम की नाकामियों की वजह से उनके काम बहुत प्रभावित हो रहे है। जिससे कि टैक्स ऑडिट फाइल करने में भी परेशानियां हो रही है।
जीएसटी नंबर कैंसिल कराने की भी सुविधा नहीं
प्रधान सीए ने कहा कि जो व्यापारी जीएसटी नंबर कैंसिल करवाना चाहते है। उनके लिए भी यह सुविधा अभी तक उपलब्ध नहीं है और उनसे भी मनमाने तरीके से पेनल्टी वसूली जा रही है। इसके संदर्भ में जीएसटी विभाग के पानीपत ऑफिस के अधिकारियों से बातचीत की गई। लेकिन एक ही जवाब मिलता है कि यह सिस्टम से संबंधित समस्या है। हमारे पास इस बारे में कोई समाधान नहीं है।
सितंबर की रिटर्न भरने में होगी दिवाली की रात काली
उन्होंने कहा कि आज स्थिति ये हो चुकी है कि सितंबर महा की रिटर्न भरने के लिए व्यापारियों व टैक्स प्रोफेशनल को अपनी दिवाली की जगमगाती रातों को भी काला करना पड़ेगा और सबकी जेब पर अगस्त माह की पेनल्टी जमा करने का भार अलग से पड़ रहा है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो एक दिन सभी टैक्स प्रोफेशनल जीएसटी का काम छोड़ देंगे और व्यापारियों की समस्याएं बढ़ती नजर आएंगी।