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दस महीने में सड़क हादसे ने छिनीं 119 जिंदगियां
कैथ्ाल
Updated Tue, 15 Oct 2013 12:00 AM IST
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हरियाणा के जिले कैथल में जिले में इस साल लगातार सड़क हादसों में बढ़ोत्तरी हो रही है। यही कारण है कि इस साल अब तक जिले में 259 सड़क हादसों में 119 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
इधर सैकड़ों लोग अपंग हो चुके हैं। इसका मुख्य कारण यातायात नियमों के पालन में उल्लंघन और राष्ट्रीय राजमार्ग की कैथल से अंबाला तक कम चौड़ाई है। हालांकि इस मार्ग को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से चौड़ा किए जाने के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी जा चुकी है।
जिले में कई सड़कें खूनी सड़क के नाम से विख्यात हो चुकी हैं। अब तक इन सड़कों पर हादसों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बीते वर्ष विभिन्न सड़क हादसों में 130 लोगों की मौत हुई थी। जबकि इस वर्ष अक्तूबर तक 119 लोगों की मौत हो चुकी है।
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अधिकतर हादसे राष्ट्रीय राजमार्ग पर
जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 65 पर सर्वाधिक हादसे हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण इस मार्ग का कम चोड़ा होना है। इसके अलावा कैथल से कलायत होते हुए जींद एरिया तक सड़क की अच्छी हालत भी एक तरह से हादसों का कारण है।
यहां बेइंतहा स्पीड और यातायात नियमों के पालन में लापरवाही बरतने के कारण हर रोज एक या दो व्यक्ति अपनी जान गंवा रहे हैं। इस बारे में अखिल भारतीय मानव सेवा समिति के अध्यक्ष सतपाल गुप्ता का कहना है कि लोगों में सड़क पर चलते हुए नियमों के पालन की आदतें नहीं हैं।
अधिकतर बाइक सवार हेलमेट नहीं पहनते। हादसों पर नियंत्रण के लिए जरूरी है कि नियमों के प्रति जागरूकता लाए जाने के साथ-साथ सड़कों पर स्पीड पर नियंत्रण किया जाए।
वहीं बड़ी सड़कों को चौड़ा किया जाए। ट्रैफिक एसएचओ महाबीर सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या के पीछे तेजी से बढ़ रही वाहनों की संख्या, भीड़ वाली सड़कें, नियमों की अनदेखी कर तेजगति व लापरवाही समेत शराब पीकर वाहनों को चलाना मुख्य कारण हैं।
पुलिस की ओर से लोगाें को जानकारी देने के साथ-साथ अधिक स्पीड और नियमों के पालन के उल्लंघन पर चालान भी किए जा रहे हैं।
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इधर सैकड़ों लोग अपंग हो चुके हैं। इसका मुख्य कारण यातायात नियमों के पालन में उल्लंघन और राष्ट्रीय राजमार्ग की कैथल से अंबाला तक कम चौड़ाई है। हालांकि इस मार्ग को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से चौड़ा किए जाने के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी जा चुकी है।
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जिले में कई सड़कें खूनी सड़क के नाम से विख्यात हो चुकी हैं। अब तक इन सड़कों पर हादसों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बीते वर्ष विभिन्न सड़क हादसों में 130 लोगों की मौत हुई थी। जबकि इस वर्ष अक्तूबर तक 119 लोगों की मौत हो चुकी है।
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अधिकतर हादसे राष्ट्रीय राजमार्ग पर
जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 65 पर सर्वाधिक हादसे हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण इस मार्ग का कम चोड़ा होना है। इसके अलावा कैथल से कलायत होते हुए जींद एरिया तक सड़क की अच्छी हालत भी एक तरह से हादसों का कारण है।
यहां बेइंतहा स्पीड और यातायात नियमों के पालन में लापरवाही बरतने के कारण हर रोज एक या दो व्यक्ति अपनी जान गंवा रहे हैं। इस बारे में अखिल भारतीय मानव सेवा समिति के अध्यक्ष सतपाल गुप्ता का कहना है कि लोगों में सड़क पर चलते हुए नियमों के पालन की आदतें नहीं हैं।
अधिकतर बाइक सवार हेलमेट नहीं पहनते। हादसों पर नियंत्रण के लिए जरूरी है कि नियमों के प्रति जागरूकता लाए जाने के साथ-साथ सड़कों पर स्पीड पर नियंत्रण किया जाए।
वहीं बड़ी सड़कों को चौड़ा किया जाए। ट्रैफिक एसएचओ महाबीर सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या के पीछे तेजी से बढ़ रही वाहनों की संख्या, भीड़ वाली सड़कें, नियमों की अनदेखी कर तेजगति व लापरवाही समेत शराब पीकर वाहनों को चलाना मुख्य कारण हैं।
पुलिस की ओर से लोगाें को जानकारी देने के साथ-साथ अधिक स्पीड और नियमों के पालन के उल्लंघन पर चालान भी किए जा रहे हैं।