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यमुना नदी उफान पर, हजारों एकड़ फसल डूबी
Updated Fri, 27 Jul 2018 12:36 AM IST
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यमुना नदी उफान पर, हजारों एकड़ फसल डूबी
चेतावनी स्तर पर बह रही नदी, सटे गांव में ठीकरी पहरा शुरू
सनौली। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के चलते हथनी कुंड बैराज से यमुना नदी में पानी छोड़े जाने से नदी के अंदर खड़ी हजारों एकड़ फसल डूब गई है। यमुना नदी में दोपहर बाद पानी का जलस्तर चेतावनी लेवल 230.00 को पार कर 230 ़ 05 पर बह रही हैं। केंद्रीय जल आयोग की मानें तो देर रात तक जलस्तर खतरे के निशान तक आ सकता है। इससे यमुना नदी के अंदर खड़ी करीब 15 हजार एकड़ में से 8 हजार एकड़ फसल डूब चुकी है।
उल्लेखनीय है कि पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश व हथनीकुंड बैराज से शनिवार शाम सात बजे के लगभग एक लाख 38 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा गया। पानीपत जिले के सनौली यमुना पुल पर यह पानी सुबह से ही बढ़ोतरी होनी शुरू हो गई थी जोकि देर शाम तक बढ़ती रही और पानी चेतावनी स्तर 230.00 को पार कर 230 ़10 पर बह रहा है। लगातार यमुना नदी में बढ़ते जलस्तर को लेकर किसानों की यमुना नदी के अंदर खड़ी घीया, पेटा, मिर्च, ईंख, ज्वार आदि फसलें पानी से जलमग्न हो गई है। किसान रोहतास, सुभाष, मांगा, कृझाचंद, राजेश्वर, जगबीर आदि का कहना है कि यमुना नदी में फिलहाल पानी उफान पर चल रहा है।
बीडीपीओ अशोक कुमार, पंचायत अफसर रामरत्तन, ग्राम सचिव विरेंद्र सहित टीम ने यमुना से सटे गांवों में जायजा लिया। इस पर उन्होंने बताया कि यमुना नदी में पानी का स्तर बढ़ने से नदी से सटे गांवों में सचिव व पंचायतों को बाढ़ प्रबंधों के पुख्ता इंतजाम करवा दिए हैं और गांव में ठीकरी पहरा लगवाया जा रहे हैं। वहीं सिंचाई विभाग के एसडीओ कर्मबीर का कहना है कि इस बार बाढ़ बचाव पर पानीपत जिले में यमुना तटबंधों पर कटाव को मिट्टी से भरवाए जा रहे हैं।
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अभी तक नदी का पानी नियंत्रण में है। बाढ़ से निपटने का पूरा इंतजाम जा रहे हैं। बाढ़ बचाव के लिए समय से पूर्व मिट्टी के कट्टो से कटावों को भरवाया जा रहा है।
कर्मबीर सिंह, सिंचाई विभाग के एसडीओ
हांसी ब्रांच नहर में छोड़ा 4 हजार क्यूसिक पानी, स्थिति हुई सामान्य
मतलौडा। कवी गांव के पास हांसी ब्रांच नहर के टूटे तटबंध को ठीक करने का काम पूरा कर लिया गया है। कार्य पूरा होने के बाद दोबारा से नहर 4 हजार क्यूसिक पानी छोड़ दिया गया है।ौरतलब है कि ढाई हजार क्यूसेक पानी ज्यादा छोड़ देने के कारण नहर का बांध टूटकर पानी गांव में भर गया था। इससे कई एकड़ फसल व गांवों में पानी भर गया था। नहर विभाग के एक्सईएन केएस माहला ने बताया कि नहर के दोनों किनारों पर दो जेसीबी मशीनें गड्ढों को भरने व बांध के किनारों पर मिट्टी लगाने के लिए लगा दी गई है। नहर पर गश्त भी तेज कर दी है।
कवी गांव में नहर टूटने के बाद खेतों से बाढ़ के पानी को दोबारा ड्रेन में डालने के लिए प्रशासन द्वारा पांच इंजन लगाए गए थे। जब ग्रामीणों ने इन्हें लगाकर चालू करने की कोशिश की तो सभी इंजन खराब निकले।
फोटो 57
सिविल अस्पताल की नई बिल्डिंग में आई सीलन
पानीपत। सिविल अस्पताल की 35 करोड़ की लागत से बनी नई बिल्डिंग में उद्घाटन से पहले ही बारिश के कारण सीलन आ गई है। पांच मंजिला इस इमारत में की लगभग सभी दीवारों में सीलन आई हुई है। सभी डॉक्टरों के केबिन में भी सीलन साफ तौर पर देखी जा सकती है। अस्पताल के स्टाफ ने इसकी शिकायत सिविल सर्जन को की। सिविल सर्जन डॉ. संतलाल वर्मा ने डिप्टी सिविल डॉ. नवीन सुनेजा के साथ पूरी बिल्डिंग का निरीक्षण किया और इस पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसके बारे में बीएंडआर के अधिकारियों को सूचित कर जल्द इसकी जांच करने के निर्देश दिए हैं। बीएंडआर अब इसकी जांच कर रहा है। सिविल सर्जन डॉ. संतलाल वर्मा ने कहा कि बिल्डिंग में उद्घाटन से पहले ही सीलन आना चिंता का विषय है। पूरी बिल्डिंग का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। इस बारे में बीएंडआर को सूचित कर दिया गया है।
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यमुना नदी उफान पर, हजारों एकड़ फसल डूबी
चेतावनी स्तर पर बह रही नदी, सटे गांव में ठीकरी पहरा शुरू
सनौली। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के चलते हथनी कुंड बैराज से यमुना नदी में पानी छोड़े जाने से नदी के अंदर खड़ी हजारों एकड़ फसल डूब गई है। यमुना नदी में दोपहर बाद पानी का जलस्तर चेतावनी लेवल 230.00 को पार कर 230 ़ 05 पर बह रही हैं। केंद्रीय जल आयोग की मानें तो देर रात तक जलस्तर खतरे के निशान तक आ सकता है। इससे यमुना नदी के अंदर खड़ी करीब 15 हजार एकड़ में से 8 हजार एकड़ फसल डूब चुकी है।
उल्लेखनीय है कि पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश व हथनीकुंड बैराज से शनिवार शाम सात बजे के लगभग एक लाख 38 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा गया। पानीपत जिले के सनौली यमुना पुल पर यह पानी सुबह से ही बढ़ोतरी होनी शुरू हो गई थी जोकि देर शाम तक बढ़ती रही और पानी चेतावनी स्तर 230.00 को पार कर 230 ़10 पर बह रहा है। लगातार यमुना नदी में बढ़ते जलस्तर को लेकर किसानों की यमुना नदी के अंदर खड़ी घीया, पेटा, मिर्च, ईंख, ज्वार आदि फसलें पानी से जलमग्न हो गई है। किसान रोहतास, सुभाष, मांगा, कृझाचंद, राजेश्वर, जगबीर आदि का कहना है कि यमुना नदी में फिलहाल पानी उफान पर चल रहा है।
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बीडीपीओ अशोक कुमार, पंचायत अफसर रामरत्तन, ग्राम सचिव विरेंद्र सहित टीम ने यमुना से सटे गांवों में जायजा लिया। इस पर उन्होंने बताया कि यमुना नदी में पानी का स्तर बढ़ने से नदी से सटे गांवों में सचिव व पंचायतों को बाढ़ प्रबंधों के पुख्ता इंतजाम करवा दिए हैं और गांव में ठीकरी पहरा लगवाया जा रहे हैं। वहीं सिंचाई विभाग के एसडीओ कर्मबीर का कहना है कि इस बार बाढ़ बचाव पर पानीपत जिले में यमुना तटबंधों पर कटाव को मिट्टी से भरवाए जा रहे हैं।
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अभी तक नदी का पानी नियंत्रण में है। बाढ़ से निपटने का पूरा इंतजाम जा रहे हैं। बाढ़ बचाव के लिए समय से पूर्व मिट्टी के कट्टो से कटावों को भरवाया जा रहा है।
कर्मबीर सिंह, सिंचाई विभाग के एसडीओ
हांसी ब्रांच नहर में छोड़ा 4 हजार क्यूसिक पानी, स्थिति हुई सामान्य
मतलौडा। कवी गांव के पास हांसी ब्रांच नहर के टूटे तटबंध को ठीक करने का काम पूरा कर लिया गया है। कार्य पूरा होने के बाद दोबारा से नहर 4 हजार क्यूसिक पानी छोड़ दिया गया है।ौरतलब है कि ढाई हजार क्यूसेक पानी ज्यादा छोड़ देने के कारण नहर का बांध टूटकर पानी गांव में भर गया था। इससे कई एकड़ फसल व गांवों में पानी भर गया था। नहर विभाग के एक्सईएन केएस माहला ने बताया कि नहर के दोनों किनारों पर दो जेसीबी मशीनें गड्ढों को भरने व बांध के किनारों पर मिट्टी लगाने के लिए लगा दी गई है। नहर पर गश्त भी तेज कर दी है।
कवी गांव में नहर टूटने के बाद खेतों से बाढ़ के पानी को दोबारा ड्रेन में डालने के लिए प्रशासन द्वारा पांच इंजन लगाए गए थे। जब ग्रामीणों ने इन्हें लगाकर चालू करने की कोशिश की तो सभी इंजन खराब निकले।
फोटो 57
सिविल अस्पताल की नई बिल्डिंग में आई सीलन
पानीपत। सिविल अस्पताल की 35 करोड़ की लागत से बनी नई बिल्डिंग में उद्घाटन से पहले ही बारिश के कारण सीलन आ गई है। पांच मंजिला इस इमारत में की लगभग सभी दीवारों में सीलन आई हुई है। सभी डॉक्टरों के केबिन में भी सीलन साफ तौर पर देखी जा सकती है। अस्पताल के स्टाफ ने इसकी शिकायत सिविल सर्जन को की। सिविल सर्जन डॉ. संतलाल वर्मा ने डिप्टी सिविल डॉ. नवीन सुनेजा के साथ पूरी बिल्डिंग का निरीक्षण किया और इस पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसके बारे में बीएंडआर के अधिकारियों को सूचित कर जल्द इसकी जांच करने के निर्देश दिए हैं। बीएंडआर अब इसकी जांच कर रहा है। सिविल सर्जन डॉ. संतलाल वर्मा ने कहा कि बिल्डिंग में उद्घाटन से पहले ही सीलन आना चिंता का विषय है। पूरी बिल्डिंग का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। इस बारे में बीएंडआर को सूचित कर दिया गया है।