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Panchkula News: एचपीएससी की 35% नीति के खिलाफ युवाओं का प्रदर्शन, कई पद खाली होने पर उठे सवाल
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एपीएससी की 35% नीति के खिलाफ युवाओं का प्रदर्शन, सरकारी पदों में भारी रिक्तता पर उठे सवाल
युवाओं ने न्यूनतम अंक नीति हटाने और भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी बनाने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-5, यवनिका पार्क में प्रदेशभर से आए युवाओं ने 19 दिसंबर से हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) की 35% न्यूनतम अंक नीति के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। धरने में करीब 15 युवा शामिल हैं, जो हरियाणा के विभिन्न जिलों से आए हैं। युवाओं का कहना है कि यह नीति योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्यायपूर्ण है और इसके कारण हजारों सरकारी पद खाली रह गए हैं।
अभ्यर्थियों के अनुसार परीक्षाओं में आवेदन वही उम्मीदवार कर पाते हैं, जो पहले से सभी शैक्षणिक और पात्रता शर्तें पूरी करते हैं। इसके बावजूद 35% न्यूनतम अंक की शर्त के कारण बड़ी संख्या में उम्मीदवार फेल हो रहे हैं। कई विषयों में आधे से भी कम उम्मीदवार ही चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ पाए। उदाहरण के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर इंग्लिश के 613 पदों में से केवल 151 उम्मीदवार पास हुए, जबकि 462 पद रिक्त रह गए। इसी तरह पोस्ट ग्रेजुएट टीचर के 410 पदों में केवल 100 उम्मीदवार सफल हुए और 310 पद खाली रह गए।
युवाओं ने मांग की है कि सब्जेक्टिव और एसकेटी परीक्षाओं में 35% की बाध्यता को तुरंत हटाया जाए, हर भर्ती में पदों के कम से कम दोगुने उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाए और मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनाई जाए।
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युवाओं ने न्यूनतम अंक नीति हटाने और भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी बनाने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-5, यवनिका पार्क में प्रदेशभर से आए युवाओं ने 19 दिसंबर से हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) की 35% न्यूनतम अंक नीति के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। धरने में करीब 15 युवा शामिल हैं, जो हरियाणा के विभिन्न जिलों से आए हैं। युवाओं का कहना है कि यह नीति योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्यायपूर्ण है और इसके कारण हजारों सरकारी पद खाली रह गए हैं।
अभ्यर्थियों के अनुसार परीक्षाओं में आवेदन वही उम्मीदवार कर पाते हैं, जो पहले से सभी शैक्षणिक और पात्रता शर्तें पूरी करते हैं। इसके बावजूद 35% न्यूनतम अंक की शर्त के कारण बड़ी संख्या में उम्मीदवार फेल हो रहे हैं। कई विषयों में आधे से भी कम उम्मीदवार ही चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ पाए। उदाहरण के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर इंग्लिश के 613 पदों में से केवल 151 उम्मीदवार पास हुए, जबकि 462 पद रिक्त रह गए। इसी तरह पोस्ट ग्रेजुएट टीचर के 410 पदों में केवल 100 उम्मीदवार सफल हुए और 310 पद खाली रह गए।
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युवाओं ने मांग की है कि सब्जेक्टिव और एसकेटी परीक्षाओं में 35% की बाध्यता को तुरंत हटाया जाए, हर भर्ती में पदों के कम से कम दोगुने उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाए और मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनाई जाए।
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