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Panchkula News: युवा कवियों ने पढ़ी कविताएं, जमकर बजीं तालियां
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पंचकूला। सेक्टर-8 में सोमवार को द सोलटॉक संस्था की ओर से कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें कवियों ने एक से एक बढ़िया रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को झूमने को मजबूर कर दिया।
कवि आशीष द्विवेदी ने कविता सुनाई ''''एक लड़की जो ख्वाब में मेरे आती है असल में उसके जैसे परियां होती हैं''''। इस पर लोगों ने खूब तालियां बजाईं। कवि मुसव्वीर फिरोजपुरी ने सुनाया ''''ये क्या हुआ कि दिल की जमीं ही पलट गई, रखे थे हमने पांव तो सब देखभाल के'''' सुनाई। इसके बाद रमन शुक्ला, वृष्टी नैन, राजा, दिव्य, वंशिका, सुधांशु आदि कवियों ने भी अपनी रचनाएं पेश कीं। सम्मेलन में सीमा गुप्ता और पुन्नू मंगला ने भी शिरकत की।
सम्मेलन में फिल्म निर्देशक सुनील बब्बर, रोक गार्डन के निर्माता नेक चंद के बेटे अनुज सैनी, केंद्रीय विद्यालय की हिंदी शिक्षक डॉ. सुनीता और समाजसेवी आरपी मल्होत्रा ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। संचालन आशीष द्विवेदी और डॉ. मंजू ने किया।
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द सोलटॉक के संस्थापक आशीष द्विवेदी ने बताया कि यह संस्था पिछले छह सालों से साहित्यिक गतिविधियों का आयोजन कर रही है और युवाओं को साहित्य और कला से जोड़ रही है। देश के 70 से ज्यादा शहरों में 300 से अधिक कार्यक्रम कर चुकी है।
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कवि आशीष द्विवेदी ने कविता सुनाई ''''एक लड़की जो ख्वाब में मेरे आती है असल में उसके जैसे परियां होती हैं''''। इस पर लोगों ने खूब तालियां बजाईं। कवि मुसव्वीर फिरोजपुरी ने सुनाया ''''ये क्या हुआ कि दिल की जमीं ही पलट गई, रखे थे हमने पांव तो सब देखभाल के'''' सुनाई। इसके बाद रमन शुक्ला, वृष्टी नैन, राजा, दिव्य, वंशिका, सुधांशु आदि कवियों ने भी अपनी रचनाएं पेश कीं। सम्मेलन में सीमा गुप्ता और पुन्नू मंगला ने भी शिरकत की।
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सम्मेलन में फिल्म निर्देशक सुनील बब्बर, रोक गार्डन के निर्माता नेक चंद के बेटे अनुज सैनी, केंद्रीय विद्यालय की हिंदी शिक्षक डॉ. सुनीता और समाजसेवी आरपी मल्होत्रा ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। संचालन आशीष द्विवेदी और डॉ. मंजू ने किया।
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द सोलटॉक के संस्थापक आशीष द्विवेदी ने बताया कि यह संस्था पिछले छह सालों से साहित्यिक गतिविधियों का आयोजन कर रही है और युवाओं को साहित्य और कला से जोड़ रही है। देश के 70 से ज्यादा शहरों में 300 से अधिक कार्यक्रम कर चुकी है।