{"_id":"673274adef2f993a710741c4","slug":"young-man-found-guilty-in-check-bounce-case-sentenced-to-one-year-imprisonment-pkl-office-news-c-87-1-pan1004-116963-2024-11-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: चेक बाउंस मामले में दोषी युवक को एक साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: चेक बाउंस मामले में दोषी युवक को एक साल की सजा
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। चेक बाउंस मामले में जिला अदालत ने एक युवक को दोषी करार देकर उसे एक साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने चेक की रकम लौटाने का आदेश दिया है। दोषी की पहचान विनय कश्यप निवासी कालका के रूप में हुई है। बिटना रोड पिंजौर स्थित गर्ग स्टील के व्यापारी कपिल गर्ग ने बिटना रोड स्थित एयर पैक टेक्निकल सोल्यूशन के व्यापारी विनय कश्यप के खिलाफ जिला अदालत में चेक बाउंस का केस फाइल किया था।
कपिल गर्ग ने अदालत में दायर की शिकायत में बताया था कि वह गर्ग स्टील के नाम से होलसेल का व्यापार करता है। दोषी ने उससे संपर्क करके एमएस पाइप सप्लाई करने के लिए कहा था। शिकायतकर्ता ने उसे पाइप डिलीवर कर दी थी। 6 अगस्त 2017 से लेकर 5 अक्तूबर 2017 तक का 9,27,900 रुपये का बिल हुआ था। इसके 2.20 लाख रुपये बकाया रहता था। दोषी ने दावा किया कि वह चेक की रकम लौटा देगा। इसके लिए उसने शिकायतकर्ता को बकाया राशि का चेक जारी किया था। शिकायतकर्ता ने जब चेक बैंक में लगाया तो वह बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता ने दोषी को लीगल नोटिस भेजने के बाद जिला अदालत में चेक बाउंस का केस फाइल किया था।
विज्ञापन
पंचकूला। चेक बाउंस मामले में जिला अदालत ने एक युवक को दोषी करार देकर उसे एक साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने चेक की रकम लौटाने का आदेश दिया है। दोषी की पहचान विनय कश्यप निवासी कालका के रूप में हुई है। बिटना रोड पिंजौर स्थित गर्ग स्टील के व्यापारी कपिल गर्ग ने बिटना रोड स्थित एयर पैक टेक्निकल सोल्यूशन के व्यापारी विनय कश्यप के खिलाफ जिला अदालत में चेक बाउंस का केस फाइल किया था।
कपिल गर्ग ने अदालत में दायर की शिकायत में बताया था कि वह गर्ग स्टील के नाम से होलसेल का व्यापार करता है। दोषी ने उससे संपर्क करके एमएस पाइप सप्लाई करने के लिए कहा था। शिकायतकर्ता ने उसे पाइप डिलीवर कर दी थी। 6 अगस्त 2017 से लेकर 5 अक्तूबर 2017 तक का 9,27,900 रुपये का बिल हुआ था। इसके 2.20 लाख रुपये बकाया रहता था। दोषी ने दावा किया कि वह चेक की रकम लौटा देगा। इसके लिए उसने शिकायतकर्ता को बकाया राशि का चेक जारी किया था। शिकायतकर्ता ने जब चेक बैंक में लगाया तो वह बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता ने दोषी को लीगल नोटिस भेजने के बाद जिला अदालत में चेक बाउंस का केस फाइल किया था।
विज्ञापन