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Panchkula News: पुस्तक विमोचन के बाद साहित्यकारों ने की चर्चा
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के महाराजा दाहिर सेन सभागार में रविवार को डॉ. अलका शर्मा बोस और डॉ. अश्वनी शांडिल्य के संपादन में प्रकाशित संयुक्त काव्य संग्रह ‘बिन तुम्हारे’ का विमोचन हुआ। समीक्षक डॉ. अरविंद द्विवेदी ने पुस्तक पर चर्चा की। इसके साथ ही डॉ. अश्वनी शांडिल्य द्वारा लिखित पुस्तक ‘राष्ट्रीय चेतना के उन्नायक कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर’ का विमोचन भी किया।
डॉ. अलका शर्मा बोस ने भी पुस्तक का विश्लेषण किया। इस अवसर पर अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने दोनों पुस्तकों के लिए लेखकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कविता कवि के हृदय से निसृत होती है। उन्होंने राष्ट्रीयता के महत्व पर भी बल दिया और संस्कृति को बढ़ावा देने की बात कही। प्रसिद्ध साहित्यकार व इतिहासकार डॉ. एमएम जुनेजा ने कहा कि विद्वानों का संग ही सबसे बड़ा सत्संग है।
भारतभूषण कौशिक संयुक्त निदेशक खाद्य एवं आपूर्ति ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने बाल साहित्य की महती आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के दूसरे चरण में बिन तुम्हारे पुस्तक के रचनाकार अनु निमल, दीपिका बहुगुणा, डॉ. दीपशिखा शर्मा, डॉ. हरविंदर कौर गुल और डॉ. अलका शर्मा बोस ने काव्य-पाठ किया।
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पंचकूला। हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के महाराजा दाहिर सेन सभागार में रविवार को डॉ. अलका शर्मा बोस और डॉ. अश्वनी शांडिल्य के संपादन में प्रकाशित संयुक्त काव्य संग्रह ‘बिन तुम्हारे’ का विमोचन हुआ। समीक्षक डॉ. अरविंद द्विवेदी ने पुस्तक पर चर्चा की। इसके साथ ही डॉ. अश्वनी शांडिल्य द्वारा लिखित पुस्तक ‘राष्ट्रीय चेतना के उन्नायक कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर’ का विमोचन भी किया।
डॉ. अलका शर्मा बोस ने भी पुस्तक का विश्लेषण किया। इस अवसर पर अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने दोनों पुस्तकों के लिए लेखकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कविता कवि के हृदय से निसृत होती है। उन्होंने राष्ट्रीयता के महत्व पर भी बल दिया और संस्कृति को बढ़ावा देने की बात कही। प्रसिद्ध साहित्यकार व इतिहासकार डॉ. एमएम जुनेजा ने कहा कि विद्वानों का संग ही सबसे बड़ा सत्संग है।
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भारतभूषण कौशिक संयुक्त निदेशक खाद्य एवं आपूर्ति ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने बाल साहित्य की महती आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के दूसरे चरण में बिन तुम्हारे पुस्तक के रचनाकार अनु निमल, दीपिका बहुगुणा, डॉ. दीपशिखा शर्मा, डॉ. हरविंदर कौर गुल और डॉ. अलका शर्मा बोस ने काव्य-पाठ किया।
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