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काली माता मंदिर में वाहनों की पूजा की अब चुकानी होगी कीमत
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कालका। प्राचीन श्री काली माता मंदिर में श्रद्धालुओं को अब अपने नए खरीदे गए वाहनों की पूजा करवाने के लिए जेब ढीली करनी पड़ेगी। अब दोपहिया वाहन की पूजा के 500 और चौपहिया वाहन के लिए 1100 रुपये चुकाने हाेंगे। वहीं, जागरण और हवन के रेट भी दोगुना कर दिए गए हैं। बुधवार से माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड की ओर से वाहनों की पूजा के ऊपर शुल्क निर्धारित कर दिया गया है।
प्राचीन श्री काली माता मंदिर के प्रवेश द्वार, हवन घर, सहित अन्य जगहों पर बोर्ड की ओर से जारी की गई आदेश की कॉपी भी चस्पा दी गई है। इतना ही नहीं अब काली माता मंदिर में चोला बुकिंग के भी पैसे चुकाने होंगे। वहीं, स्थानीय लोगों ने इस पर विरोध दर्ज करवाया है और बोर्ड से इस फैसले को जल्द वापस लेने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि मंदिर ही एक ऐसी जगह है जहां व्यक्ति अपनी श्रद्धा के अनुसार दान-पुण्य करता है। इस पर किसी भी प्रकार के कोई रेट निर्धारित नहीं किए जाने चाहिए। शहरवासियों का कहना है कि यदि बोर्ड अपना फैसला वापस नहीं लेता तो जल्द इस फैसले के विरोध में आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसका जिम्मेवार श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड होगा।
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मंदिर के लिए जारी किए रिवाइज रेट
काली माता मंदिर में नए दोपहिया वाहन की पूजा के लिए 500 रुपये व चौपहिया वाहन की पूजा के लिए 1100 रुपये चुकाने पड़ेंगे। वहीं, अब मंदिर में चोला बुकिंग के लिए 500 रुपये देने होंगे। उधर, नए आदेशों के अनुसार मंदिर में जागरण के लिए पहले जहां 5,100 रुपये लगते थे अब उसकी जगह 11,000 रुपये चुकाने होंगे, हवन जो पहले 500 रुपये में होता था उसके लिए अब से श्रद्धालु को 1,100 रुपये देने होंगे।
बेवजह थोपे जा रहे नियम
पैसे से संबंधित यह नए नियम बिना वजह श्रद्धालुओं पर थोपे जा रहे हैं। यदि बोर्ड को पैसे एकत्रित करने हैं तो मंदिर में इससे संबंधित दान पात्र लगा देने चाहिए, ऐसे में जिस श्रद्धालु की जो इच्छा होगी वह उसमें डाल सकता है। यदि बोर्ड अपना व्यापारी करण वाला यह फैसला वापस नहीं लेता तो जल्द आंदोलन किया जाएगा।
-नरेश धीमान, समाज सेवी
लोगों की आस्था से खिलवाड़
यह जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ है। इस फैसले की जितनी निंदा की जाए कम है। ऐसे में तो जो श्रद्धालु नया वाहन खरीदेगा वह मंदिर में पूजा करवाने से भी कतराएगा। उन्होंने माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के अधिकारियों को हिदायत दी की मंदिर को दुकानदारी न बनाकर नए रेटों के इस फैसले को वापस लिया जाए।
- सतीश भट्ट, पूर्व पार्षद
बोर्ड तुरंत वापस ले फैसला
इस प्रकार के फैसले सही नहीं हैं। वाहनों की पूजा राशि वाले फैसले को बोर्ड को तुरंत प्रभाव से वापस लेना चाहिए। इस फैसले के चलते अब जरूरतमंद आदमी माता के मंदिर में चोला भी नहीं चढ़ा सकेगा। इससे उसकी आस्था को ठेस पहुंचेगी। यह फैसला गलत है इसलिए इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
-विजय बंसल, स्थानीय निवासी
कोट्स...
श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड की 21 जुलाई को बैठक हुई थी। इसमें मंदिर के विस्तार कार्य के बारे में विमर्श किया गया। इस दौरान मनसा देवी मंदिर व काली माता मंदिर में बुकिंग की चीजों के रेट रिवाइज करने कि चर्चा हुई थी। इसमें हवन, जागरण, चोला बुकिंग इत्यादि के रिवाइज रेट निर्धारित हुए थे। मंगलवार को उनको यह आदेश भेजे गए थे, जिन्हें बुधवार से काली माता मंदिर में लागू कर दिया गया है। श्रद्धालु कंप्यूटर दान केंद्र पर जाकर वाहनों व चोला बुकिंग की रसीद कटवा सकते हैं। -पृथ्वीराज मित्तल, सचिव प्राचीन श्री काली माता मंदिर
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प्राचीन श्री काली माता मंदिर के प्रवेश द्वार, हवन घर, सहित अन्य जगहों पर बोर्ड की ओर से जारी की गई आदेश की कॉपी भी चस्पा दी गई है। इतना ही नहीं अब काली माता मंदिर में चोला बुकिंग के भी पैसे चुकाने होंगे। वहीं, स्थानीय लोगों ने इस पर विरोध दर्ज करवाया है और बोर्ड से इस फैसले को जल्द वापस लेने की मांग की है।
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लोगों का कहना है कि मंदिर ही एक ऐसी जगह है जहां व्यक्ति अपनी श्रद्धा के अनुसार दान-पुण्य करता है। इस पर किसी भी प्रकार के कोई रेट निर्धारित नहीं किए जाने चाहिए। शहरवासियों का कहना है कि यदि बोर्ड अपना फैसला वापस नहीं लेता तो जल्द इस फैसले के विरोध में आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसका जिम्मेवार श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड होगा।
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मंदिर के लिए जारी किए रिवाइज रेट
काली माता मंदिर में नए दोपहिया वाहन की पूजा के लिए 500 रुपये व चौपहिया वाहन की पूजा के लिए 1100 रुपये चुकाने पड़ेंगे। वहीं, अब मंदिर में चोला बुकिंग के लिए 500 रुपये देने होंगे। उधर, नए आदेशों के अनुसार मंदिर में जागरण के लिए पहले जहां 5,100 रुपये लगते थे अब उसकी जगह 11,000 रुपये चुकाने होंगे, हवन जो पहले 500 रुपये में होता था उसके लिए अब से श्रद्धालु को 1,100 रुपये देने होंगे।
बेवजह थोपे जा रहे नियम
पैसे से संबंधित यह नए नियम बिना वजह श्रद्धालुओं पर थोपे जा रहे हैं। यदि बोर्ड को पैसे एकत्रित करने हैं तो मंदिर में इससे संबंधित दान पात्र लगा देने चाहिए, ऐसे में जिस श्रद्धालु की जो इच्छा होगी वह उसमें डाल सकता है। यदि बोर्ड अपना व्यापारी करण वाला यह फैसला वापस नहीं लेता तो जल्द आंदोलन किया जाएगा।
-नरेश धीमान, समाज सेवी
लोगों की आस्था से खिलवाड़
यह जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ है। इस फैसले की जितनी निंदा की जाए कम है। ऐसे में तो जो श्रद्धालु नया वाहन खरीदेगा वह मंदिर में पूजा करवाने से भी कतराएगा। उन्होंने माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के अधिकारियों को हिदायत दी की मंदिर को दुकानदारी न बनाकर नए रेटों के इस फैसले को वापस लिया जाए।
- सतीश भट्ट, पूर्व पार्षद
बोर्ड तुरंत वापस ले फैसला
इस प्रकार के फैसले सही नहीं हैं। वाहनों की पूजा राशि वाले फैसले को बोर्ड को तुरंत प्रभाव से वापस लेना चाहिए। इस फैसले के चलते अब जरूरतमंद आदमी माता के मंदिर में चोला भी नहीं चढ़ा सकेगा। इससे उसकी आस्था को ठेस पहुंचेगी। यह फैसला गलत है इसलिए इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
-विजय बंसल, स्थानीय निवासी
कोट्स...
श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड की 21 जुलाई को बैठक हुई थी। इसमें मंदिर के विस्तार कार्य के बारे में विमर्श किया गया। इस दौरान मनसा देवी मंदिर व काली माता मंदिर में बुकिंग की चीजों के रेट रिवाइज करने कि चर्चा हुई थी। इसमें हवन, जागरण, चोला बुकिंग इत्यादि के रिवाइज रेट निर्धारित हुए थे। मंगलवार को उनको यह आदेश भेजे गए थे, जिन्हें बुधवार से काली माता मंदिर में लागू कर दिया गया है। श्रद्धालु कंप्यूटर दान केंद्र पर जाकर वाहनों व चोला बुकिंग की रसीद कटवा सकते हैं। -पृथ्वीराज मित्तल, सचिव प्राचीन श्री काली माता मंदिर