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नदी से मशीन के जरिए गाद निकालने पर क्यों न लगा दी जाए रोक
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चंडीगढ़। रोपड़ में नदी से मशीनों से गाद निकालने और गाद निकलने का काम पुराने ठेकेदारों को देने को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न इस पर रोक लगा दी जाए।
सुदेश कुमारी व अन्य स्थानीय निवासियों ने सीनियर एडवोकेट वीके जिंदल के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब सरकार ने मई 2019 में खनन के ठेके दिए थे। जुलाई-अगस्त 2019 में बाढ़ आ गई थी और नदियों में गाद इकट्ठी हो गई थी। गाद निकालने का काम सरकार ने पुराने ठेकेदारों को ही दे दिया जो मशीनों से गाद निकाल रहे हैं। याची ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश है कि गाद मशीनों से नहीं निकाली जा सकती।
पंजाब के एडवोकेट जनरल ने पहले क़ानूनी राय में कहा था कि टेंडर पुराने ठेकेदारों को नहीं दिए जा सकते जबकि बाद में उन्होंने अपनी राय बदल दी थी। जिंदल ने बताया कि इस तरह पुराने ठेकेदारों को ही गाद निकालने का काम दे दिया गया। अगर सरकार नए सिरे से ठेके देती तो सरकार को करोड़ों की आय हो सकती थी। साथ ही मशीनों से गाद निकालने से पर्यावरण का संकट खड़ा हो गया है। लोगों के घरों में पानी आने लगा है और कृषि भूमि ख़राब हो रही है।
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सुदेश कुमारी व अन्य स्थानीय निवासियों ने सीनियर एडवोकेट वीके जिंदल के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब सरकार ने मई 2019 में खनन के ठेके दिए थे। जुलाई-अगस्त 2019 में बाढ़ आ गई थी और नदियों में गाद इकट्ठी हो गई थी। गाद निकालने का काम सरकार ने पुराने ठेकेदारों को ही दे दिया जो मशीनों से गाद निकाल रहे हैं। याची ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश है कि गाद मशीनों से नहीं निकाली जा सकती।
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पंजाब के एडवोकेट जनरल ने पहले क़ानूनी राय में कहा था कि टेंडर पुराने ठेकेदारों को नहीं दिए जा सकते जबकि बाद में उन्होंने अपनी राय बदल दी थी। जिंदल ने बताया कि इस तरह पुराने ठेकेदारों को ही गाद निकालने का काम दे दिया गया। अगर सरकार नए सिरे से ठेके देती तो सरकार को करोड़ों की आय हो सकती थी। साथ ही मशीनों से गाद निकालने से पर्यावरण का संकट खड़ा हो गया है। लोगों के घरों में पानी आने लगा है और कृषि भूमि ख़राब हो रही है।
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