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Panchkula News: गांव कोट निवासी बंदरों के आतंक से परेशान, अधिकारियों से लगाई कई बार गुहार पर नहीं हुआ समाधान
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रामगढ़। निकटवर्ती गांव कोट वार्ड नंबर-20 के लोग बंदरों के आतंक से दहशत में हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले काफी दिनों से गांव में बंदरों का धावा जारी है। इनकी बढ़ती संख्या से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है।
बंदर कई बार छोटे बच्चों और महिलाओं को अपना निशाना बना चुके हैं। बंदरों का झुंड घर की छत पर काम करते हुए लोगों पर अचानक हमला कर देता है। लोगों ने कई बार छत से भागकर बंदरों से अपनी जान बचाई है और कई बार लोगों को हल्की चोटें आई हैं।
स्थानीय पवन, मोहन लाल, मंगू सहित आदि ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी बंदर कई लोगों और बच्चों पर हमला कर चुके हैं। दिन के समय महिलाएं जब घरों में अपना काम रही होती हैं तो बंदरों के झुंड आते हैं और घर में रखा रसोई का सामान उठाकर ले जाते हैं। घरों की छतों पर सूख रहे कपड़ों को बंदर फाड़ देते हैं। छत पर लगे लोगों के कैमरे और एंटीना को तोड़ देते हैंं।
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ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि उन्हें बंदरों के आतंक से छुटकारा दिलवाया जाए। समाजसेवी संजीव कुमार सोनी बताया कि उन्होंने इस समस्या को नगर निगम के उच्च अधिकारियों कई बार अवगत करवाया गया है, लेकिन किसी ने लोगों की इस समस्या का समाधान नहीं किया।
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बंदर कई बार छोटे बच्चों और महिलाओं को अपना निशाना बना चुके हैं। बंदरों का झुंड घर की छत पर काम करते हुए लोगों पर अचानक हमला कर देता है। लोगों ने कई बार छत से भागकर बंदरों से अपनी जान बचाई है और कई बार लोगों को हल्की चोटें आई हैं।
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स्थानीय पवन, मोहन लाल, मंगू सहित आदि ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी बंदर कई लोगों और बच्चों पर हमला कर चुके हैं। दिन के समय महिलाएं जब घरों में अपना काम रही होती हैं तो बंदरों के झुंड आते हैं और घर में रखा रसोई का सामान उठाकर ले जाते हैं। घरों की छतों पर सूख रहे कपड़ों को बंदर फाड़ देते हैं। छत पर लगे लोगों के कैमरे और एंटीना को तोड़ देते हैंं।
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ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि उन्हें बंदरों के आतंक से छुटकारा दिलवाया जाए। समाजसेवी संजीव कुमार सोनी बताया कि उन्होंने इस समस्या को नगर निगम के उच्च अधिकारियों कई बार अवगत करवाया गया है, लेकिन किसी ने लोगों की इस समस्या का समाधान नहीं किया।