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एतिहासिक नगर के रूप में विकसित होगा गांव घड़ाम
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चंडीगढ़। हलका सनौर के गांव घड़ाम को पंजाब सरकार ऐतिहासिक नगरी के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। सोमवार को पंजाब विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा द्वारा सवाल उठाया गया कि घड़ाम में श्री रामचंद्र के ननिहाल से संबंधित प्राचीन मंदिर, पीर भीखम शाह जी की दरगाह और नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जीत के चरण छूह प्राप्त गुरुद्वारा श्री बौली साहिब हैं, इसलिए इस गांव को ऐतिहासिक नगरी के रूप में विकसित करने के बारे में क्या सरकार विचार करेगी? इसके जवाब में पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि घड़ाम को बतौर ऐतिहासिक नगरी विकसित करने पर विचार किया जाएगा। इस संबंध में पटियाला के डीसी और ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
ट्यूबवेल कनेक्शन ट्रांसफर की प्रक्रिया होगी सरल
विधायक नरिंदर कौर भराज ने सवाल पूछा कि क्या पंजाब सरकार की कोई ऐसी नीति है, क्या जिसके तहत किसी व्यक्ति की मौत के बाद कृषि ट्यूबवेल उसके वारिस के नाम ट्रांसफर कर दिया जाता है। यह भी पूछा कि 2017 से अब तक कितने लोगों ने अप्लाई किया और कितने नाम ट्रांसफर किए गए हैं। साथ ही, सरकार ने 2017 से अब तक ट्यूबवेल कनेक्शन फीस के रूप में कितना राजस्व एकत्र किया है। इसके जवाब में बिजली मंत्री हरभजन सिंह ने कहा कि अगर किसी कृषि ट्यूबवेल खपतकार की मौत हो जाती है तो उसका ट्यूबवेल कनेक्शन उसके वारिसों के नाम करने संबंधी सप्लाई कोड 2014 की धारा 11.6.3 के तहत निर्देश उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि 2017 से अब तक मौत के बाद कृषि ट्यूबवेल खपतकारों के नाम ट्रांसफर करने के 31801 आवेदन आए हैं और 31781 कनेक्शन ट्रांसफर किए जा चुके हैं। पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से 2017 से अब तक ट्यूबवेल कनेक्शन फीस के रूप में कुल राजस्व 272.25 करोड़ रुपये एकत्र किया गया है। खपतकार की मौत के बाद कृषि कनेक्शन उसके वारिसों ने नाम ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को और सरल बनाया जाएगा।
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ट्यूबवेल कनेक्शन ट्रांसफर की प्रक्रिया होगी सरल
विधायक नरिंदर कौर भराज ने सवाल पूछा कि क्या पंजाब सरकार की कोई ऐसी नीति है, क्या जिसके तहत किसी व्यक्ति की मौत के बाद कृषि ट्यूबवेल उसके वारिस के नाम ट्रांसफर कर दिया जाता है। यह भी पूछा कि 2017 से अब तक कितने लोगों ने अप्लाई किया और कितने नाम ट्रांसफर किए गए हैं। साथ ही, सरकार ने 2017 से अब तक ट्यूबवेल कनेक्शन फीस के रूप में कितना राजस्व एकत्र किया है। इसके जवाब में बिजली मंत्री हरभजन सिंह ने कहा कि अगर किसी कृषि ट्यूबवेल खपतकार की मौत हो जाती है तो उसका ट्यूबवेल कनेक्शन उसके वारिसों के नाम करने संबंधी सप्लाई कोड 2014 की धारा 11.6.3 के तहत निर्देश उपलब्ध हैं।
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उन्होंने बताया कि 2017 से अब तक मौत के बाद कृषि ट्यूबवेल खपतकारों के नाम ट्रांसफर करने के 31801 आवेदन आए हैं और 31781 कनेक्शन ट्रांसफर किए जा चुके हैं। पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से 2017 से अब तक ट्यूबवेल कनेक्शन फीस के रूप में कुल राजस्व 272.25 करोड़ रुपये एकत्र किया गया है। खपतकार की मौत के बाद कृषि कनेक्शन उसके वारिसों ने नाम ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को और सरल बनाया जाएगा।
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