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हरियाणा : बिजली उपभोक्ताओं पर डेढ़ फीसदी अतिरिक्त बोझ डालना चाह रहे पेटीएम पर गाज, यूएचबीवीएन ने सेवाएं की समाप्त
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चंडीगढ़। हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं से बिल भुगतान पर डेढ़ फीसदी अधिक राशि वसूलना चाह रहे पेटीएम पर गाज गिर गई है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएवबीवीएन) ने पेटीएम वॉलेट सर्विसेज की सेवाएं पहली सितंबर से समाप्त कर दी हैं। तकनीकी निदेशक मंडल की बैठक में सहमति बनने के बाद यह निर्णय लिया गया है।
ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने कहा कि पेटीएम की सेवाएं समाप्त होने के बावजूद बिजली उपभोक्ताओं को कोई दिक्कत नहीं आएगी। बिल डेस्क के जरिये वे पहले ही तरह बिल भरते रहें। अब पेटीएम से भरे जाने वाले बिल मान्य नहीं होंगे। निगम की संग्रहण एवं बैंकिंग शाखा ने सभी एसडीओ को ताजा फैसले से अवगत करा दिया है। बीते 10 सितंबर को सभी को पत्र जारी किया गया है। एसडीओ को भेजे पत्र में शाखा ने कहा है कि फर्म ने संशोधित रेट पहले से डेढ़ फीसदी बढ़ा दिए हैं, इसलिए अब उसकी सेवाएं नहीं लेंगे। इससे पांच हजार बिजली बिल जमा कराने वाले उपभोक्ता पर 75 रुपये अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा था।
इसके बारे में अपने-अपने क्षेत्र के सभी उपभोक्ताओं को जागरूक करें। उनके संज्ञान में इसे तुरंत लाया जाए। कैश काउंटर पर बैनर लगाएं, व्हाट्सएप ग्रुप पर संदेश भेजें ताकि ऊहापोह की स्थिति न बने। सभी अधीक्षण, अधिशासी अभियंता सर्किल, डिवीजन को इसकी सूचना दे दी गई है। अधिशासी अभियंता आईटी को निर्देश दिए गए हैं कि वे निगम पोर्टल पर पॉप अप के जरिये उपभोक्ताओं को निर्णय की जानकारी दें।
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पीके दास ने कहा अभी दो तरीके से उपभोक्ता अपने बिजली बिलों को भर रहा था। इसमें बिल डेस्क व पेटीएम वॉलेट सर्विसेज शामिल थीं। संशोधित रेट अधिक भरने पर पेटीएम से नाता तोड़ लिया है। अभी पेटीएम 2 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन बिजली वितरण निगम से ले रहा था। बिल जमा करने पर उपभोक्ताओं से कोई राशि नहीं ली जा रही थी। अब फर्म ने कुल बिल पर उपभोक्ताओं से डेढ़ प्रतिशत लेने का प्रस्ताव दिया, जो सरकार को मंजूर नहीं था। अगर फर्म पुराने रेट व शर्तों पर काम करना चाहेगी और नए सिरे से प्रस्ताव देगी तो विचार किया जाएगी। 10 सितंबर तक पेटीएम से जमा बिल मान्य होंगे।
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ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने कहा कि पेटीएम की सेवाएं समाप्त होने के बावजूद बिजली उपभोक्ताओं को कोई दिक्कत नहीं आएगी। बिल डेस्क के जरिये वे पहले ही तरह बिल भरते रहें। अब पेटीएम से भरे जाने वाले बिल मान्य नहीं होंगे। निगम की संग्रहण एवं बैंकिंग शाखा ने सभी एसडीओ को ताजा फैसले से अवगत करा दिया है। बीते 10 सितंबर को सभी को पत्र जारी किया गया है। एसडीओ को भेजे पत्र में शाखा ने कहा है कि फर्म ने संशोधित रेट पहले से डेढ़ फीसदी बढ़ा दिए हैं, इसलिए अब उसकी सेवाएं नहीं लेंगे। इससे पांच हजार बिजली बिल जमा कराने वाले उपभोक्ता पर 75 रुपये अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा था।
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इसके बारे में अपने-अपने क्षेत्र के सभी उपभोक्ताओं को जागरूक करें। उनके संज्ञान में इसे तुरंत लाया जाए। कैश काउंटर पर बैनर लगाएं, व्हाट्सएप ग्रुप पर संदेश भेजें ताकि ऊहापोह की स्थिति न बने। सभी अधीक्षण, अधिशासी अभियंता सर्किल, डिवीजन को इसकी सूचना दे दी गई है। अधिशासी अभियंता आईटी को निर्देश दिए गए हैं कि वे निगम पोर्टल पर पॉप अप के जरिये उपभोक्ताओं को निर्णय की जानकारी दें।
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पीके दास ने कहा अभी दो तरीके से उपभोक्ता अपने बिजली बिलों को भर रहा था। इसमें बिल डेस्क व पेटीएम वॉलेट सर्विसेज शामिल थीं। संशोधित रेट अधिक भरने पर पेटीएम से नाता तोड़ लिया है। अभी पेटीएम 2 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन बिजली वितरण निगम से ले रहा था। बिल जमा करने पर उपभोक्ताओं से कोई राशि नहीं ली जा रही थी। अब फर्म ने कुल बिल पर उपभोक्ताओं से डेढ़ प्रतिशत लेने का प्रस्ताव दिया, जो सरकार को मंजूर नहीं था। अगर फर्म पुराने रेट व शर्तों पर काम करना चाहेगी और नए सिरे से प्रस्ताव देगी तो विचार किया जाएगी। 10 सितंबर तक पेटीएम से जमा बिल मान्य होंगे।