फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Two nominated senators of PU Dr. Gaurav and Dr. Priyatosh Puta lost in the election

पीयू के दो मनोनीत सीनेट पुटा चुनाव में हारे

Fri, 29 Oct 2021 12:57 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 29 Oct 2021 12:57 AM IST
विज्ञापन
Two nominated senators of PU Dr. Gaurav and Dr. Priyatosh Puta lost in the election
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) के चुनाव इस बार खास थे। क्योंकि सीनेट में दबदबा कायम करने के लिए एक-एक सीट की आवश्यकता थी। पुटा का अध्यक्ष सीनेट में पदेन सदस्य होता है, इसलिए भाजपा से लेकर कांग्रेस खेमे की पूरी नजर इस पर थी, लेकिन कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी जीत की ओर बढ़े और गोयल ग्रुप का जादू फिर चल गया। वहीं, भाजपा खेमे से हाल ही में मनोनीत हुए सीनेटर बने डॉ. गौरव गौड़ व डॉ. प्रियतोष शर्मा को हार का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन

डॉ. सुमन मोर ने लाज बचाई
डॉ. गौरव गौड़ को 275 मत मिले, जबकि डॉ. प्रियतोष 198 मतों पर सिमट गए। इसी तरह डीन रहीं अंग्रेजी विभाग की दीप्ति गुप्ता को 254 मत मिले। उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, मनु-कश्मीर ग्रुप की कुछ इज्जत बचाने में डॉ. सुमन मोर व डॉ. बलराम सूदन कामयाब रहे। दूसरे व तीसरे ग्रुप में खड़े कुछ उम्मीदवारों के वोट समान होने के कारण उनके कार्यकाल को समयानुसार बांट दिया गया। कुल मिलाकर मनु-कश्मीर ग्रुप को हार का सामना करना पड़ा। मुद्दों को इस ग्रुप ने उठाया, लेकिन व कैश नहीं कर सके।
विज्ञापन

मनु ग्रुप की हार के कारण
मनु-कश्मीर ग्रुप की हार का एक कारण यह माना जा रहा है कि इस ग्रुप पर वीसी ग्रुप का होने का टैग लग गया था। इसे बखूबी मृत्युंजय ग्रुप ने शिक्षकों तक पहुंचाया। इसके अलावा भाजपा खेमे का भी इस ग्रुप को माना जा रहा था। हालांकि, जानकारों का कहना है कि भाजपा के वोट एक जगह पड़ते तो कुछ जीत के करीब सदस्य पहुंचते लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले चुनाव में भी यही कारण हार का रहा था। यह भी बताया जा रहा है कि सीनेट की मनोनीत सदस्यों की सूची से भाजपा के ही कुछ बड़े शिक्षक नाराज चल रहे थे। वह नाराजगी भी कहीं न कहीं हार का कारण बनी है। इसके अलावा दो साल बाद चुनावी मैदान में आए डेंटल कॉलेज के शिक्षकों के वोट भी एक जगह नहीं पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन

मृत्युंजय-नौरा ग्रुप की जीत का आधार (फोटो-प्रो. केशव मल्होत्रा, प्रो. नवदीप गोयल व प्रो. अशोक गोयल)
मृत्युंजय-नौरा ग्रुप की जीत के पीछे तीन बड़े चेहरे हैं। जिसमें प्रो. केशव मल्होत्रा, प्रो. नवदीप गोयल व प्रो. अशोक गोयल। तीनों ही सीनेटर हैं। पीयू की नस-नस से वाकिफ हैं। इनको पता है कि कितने वोट उनके पड़ेंगे। हालांकि, इस बार असमंजस की स्थिति तक यह भी पहुंचे। खुद इन्होंने ही टक्कर कांटे की बताई और उनका यह अनुमान सटीक भी निकला। इस ग्रुप के पास अपने वोटर हैं, जो दूसरी जगह नहीं जाते। इन वोटरों का काम भी यह ग्रुप बखूबी करता है और सीनेट में उनका दबदबा भी रहता है। एक सदस्य ने बताया कि पीयू के अफसरों ने वोटों का बांटने की कोशिश की, कुछ शिक्षकों पर दबाव भी बनाया गया, लेकिन यह काम नहीं आया। हालांकि, पीयू प्रशासन ने इस बात से इनकार किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed