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Panchkula News: पांच साल पुराने मोबाइल स्नैचिंग केस में दो आरोपी बरी
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सरकारी कॉलेज के पास हुई वारदात में मुख्य गवाह ने कोर्ट में आरोपियों को पहचानने से किया इन्कार
पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर मिला संदेह का लाभ
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल बरामद करने का किया था दावा, जांच में स्वतंत्र गवाह भी नहीं किया गया शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-1 स्थित सरकारी कॉलेज के पास हुई मोबाइल स्नैचिंग के करीब पांच साल पुराने मामले में अदालत ने दो आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। मुख्य गवाह और शिकायतकर्ता मुकेश कुमार ने अदालत में दोनों आरोपियों को पहचानने से इनकार कर दिया। अभियोजन पक्ष आरोपियों की पहचान और वारदात में उनकी संलिप्तता को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। बरी किए गए आरोपियों की पहचान राजपुरा निवासी संजय कुमार उर्फ लाडी और नरेश कुमार उर्फ नैसी के रूप में हुई है।
साइकिल से जा रहे युवक से छीना था मोबाइल
मामले के अनुसार, 29 अप्रैल 2021 को मुकेश कुमार साइकिल से सेक्टर-1 स्थित सरकारी कॉलेज के पास से जा रहा था। इसी दौरान बाइक सवार दो युवकों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और फरार हो गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। बाद में पुलिस ने संजय कुमार और नरेश कुमार को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मोबाइल फोन बरामद करने का दावा किया था।
अंधेरा होने के कारण चेहरे नहीं देख पाया
मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता मुकेश कुमार अदालत में पेश हुआ। उसने स्पष्ट किया कि वह कोर्ट में मौजूद दोनों आरोपियों को पहचान नहीं सकता। उसने बताया कि वारदात के समय अंधेरा था और वह बाइक सवार युवकों के चेहरे ठीक से नहीं देख पाया था। इसलिए वह यह पुष्टि नहीं कर सका कि वारदात को अंजाम देने वाले युवक यही दोनों आरोपी थे।
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जांच में स्वतंत्र गवाह भी नहीं जोड़ा
अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि पुलिस की जांच में कोई स्वतंत्र गवाह शामिल नहीं किया गया था। वहीं, पुलिस हिरासत के दौरान आरोपियों की ओर से दिए गए कथित इकबालिया बयानों को अकेले दोषसिद्धि का आधार नहीं बनाया जा सकता।
अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपियों की पहचान और वारदात में उनकी संलिप्तता को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अदालत ने संजय कुमार और नरेश कुमार को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
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पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर मिला संदेह का लाभ
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल बरामद करने का किया था दावा, जांच में स्वतंत्र गवाह भी नहीं किया गया शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-1 स्थित सरकारी कॉलेज के पास हुई मोबाइल स्नैचिंग के करीब पांच साल पुराने मामले में अदालत ने दो आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। मुख्य गवाह और शिकायतकर्ता मुकेश कुमार ने अदालत में दोनों आरोपियों को पहचानने से इनकार कर दिया। अभियोजन पक्ष आरोपियों की पहचान और वारदात में उनकी संलिप्तता को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। बरी किए गए आरोपियों की पहचान राजपुरा निवासी संजय कुमार उर्फ लाडी और नरेश कुमार उर्फ नैसी के रूप में हुई है।
साइकिल से जा रहे युवक से छीना था मोबाइल
मामले के अनुसार, 29 अप्रैल 2021 को मुकेश कुमार साइकिल से सेक्टर-1 स्थित सरकारी कॉलेज के पास से जा रहा था। इसी दौरान बाइक सवार दो युवकों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और फरार हो गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। बाद में पुलिस ने संजय कुमार और नरेश कुमार को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मोबाइल फोन बरामद करने का दावा किया था।
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अंधेरा होने के कारण चेहरे नहीं देख पाया
मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता मुकेश कुमार अदालत में पेश हुआ। उसने स्पष्ट किया कि वह कोर्ट में मौजूद दोनों आरोपियों को पहचान नहीं सकता। उसने बताया कि वारदात के समय अंधेरा था और वह बाइक सवार युवकों के चेहरे ठीक से नहीं देख पाया था। इसलिए वह यह पुष्टि नहीं कर सका कि वारदात को अंजाम देने वाले युवक यही दोनों आरोपी थे।
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जांच में स्वतंत्र गवाह भी नहीं जोड़ा
अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि पुलिस की जांच में कोई स्वतंत्र गवाह शामिल नहीं किया गया था। वहीं, पुलिस हिरासत के दौरान आरोपियों की ओर से दिए गए कथित इकबालिया बयानों को अकेले दोषसिद्धि का आधार नहीं बनाया जा सकता।
अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपियों की पहचान और वारदात में उनकी संलिप्तता को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अदालत ने संजय कुमार और नरेश कुमार को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।