फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Two accused acquitted in five-year-old mobile snatching case

Panchkula News: पांच साल पुराने मोबाइल स्नैचिंग केस में दो आरोपी बरी

Sat, 05 Sep 2026 01:26 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2026 01:26 AM IST
विज्ञापन
Two accused acquitted in five-year-old mobile snatching case
सरकारी कॉलेज के पास हुई वारदात में मुख्य गवाह ने कोर्ट में आरोपियों को पहचानने से किया इन्कार
विज्ञापन

पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर मिला संदेह का लाभ
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल बरामद करने का किया था दावा, जांच में स्वतंत्र गवाह भी नहीं किया गया शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-1 स्थित सरकारी कॉलेज के पास हुई मोबाइल स्नैचिंग के करीब पांच साल पुराने मामले में अदालत ने दो आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। मुख्य गवाह और शिकायतकर्ता मुकेश कुमार ने अदालत में दोनों आरोपियों को पहचानने से इनकार कर दिया। अभियोजन पक्ष आरोपियों की पहचान और वारदात में उनकी संलिप्तता को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। बरी किए गए आरोपियों की पहचान राजपुरा निवासी संजय कुमार उर्फ लाडी और नरेश कुमार उर्फ नैसी के रूप में हुई है।
साइकिल से जा रहे युवक से छीना था मोबाइल
मामले के अनुसार, 29 अप्रैल 2021 को मुकेश कुमार साइकिल से सेक्टर-1 स्थित सरकारी कॉलेज के पास से जा रहा था। इसी दौरान बाइक सवार दो युवकों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और फरार हो गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। बाद में पुलिस ने संजय कुमार और नरेश कुमार को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मोबाइल फोन बरामद करने का दावा किया था।
विज्ञापन

अंधेरा होने के कारण चेहरे नहीं देख पाया
मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता मुकेश कुमार अदालत में पेश हुआ। उसने स्पष्ट किया कि वह कोर्ट में मौजूद दोनों आरोपियों को पहचान नहीं सकता। उसने बताया कि वारदात के समय अंधेरा था और वह बाइक सवार युवकों के चेहरे ठीक से नहीं देख पाया था। इसलिए वह यह पुष्टि नहीं कर सका कि वारदात को अंजाम देने वाले युवक यही दोनों आरोपी थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

जांच में स्वतंत्र गवाह भी नहीं जोड़ा
अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि पुलिस की जांच में कोई स्वतंत्र गवाह शामिल नहीं किया गया था। वहीं, पुलिस हिरासत के दौरान आरोपियों की ओर से दिए गए कथित इकबालिया बयानों को अकेले दोषसिद्धि का आधार नहीं बनाया जा सकता।

अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपियों की पहचान और वारदात में उनकी संलिप्तता को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में अदालत ने संजय कुमार और नरेश कुमार को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed