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पंचकूला में शिवालिक की तलहटी में अत्याधुनिक ड्रोन एप्लीकेशन एंड रिसर्च सेंटर (डीएआरसी) का उद्घाटन किया

Mon, 29 Jun 2020 12:39 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2020 12:39 AM IST
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Training will be provided for drone maneuvers and maneuvers
पंचकूला। शिवालिक की तलहटी में सीआईडी कर्मियों को ड्रोन पैंतरेबाजी, युद्धाभ्यास, एंटी ड्रोन रणनीति के अलावा अनुसंधान में ड्रोन की भूमिका का प्रशिक्षण दिया जाएगा। डीएआरसी (ड्रोन एप्लीकेशन एंड रिसर्च सेंटर) समूची हरियाणा पुलिस द्वार चलाए जा रहे ड्रोन सिस्टम का हेड ऑफिस भी होगा। यह सेंटर ड्रोन सिम्युलेटर मशीन से भी लैस है। हरियाणा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी), सीआईडी, अनिल कुमार राव ने रविवार को इस अत्याधुनिक ड्रोन एप्लीकेशन एंड रिसर्च सेंटर (डीएआरसी) का उद्घाटन किया।
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अनिल राव ने कहा कि ड्रोन के क्षेत्र में डीएआरसी को अनुसंधान और प्रशिक्षण के एक अग्रदूत के रूप में माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि खुफिया संग्रह और निगरानी के लिए ड्रोन के अनुप्रयोग और अनुसंधान में यह एक महत्वपूर्ण आयोजन है। ड्रोन के विभिन्न उपयोगों की पुष्टि कर राव ने कहा कि ड्रोन का उपयोग बड़ी घटनाओं या सभाओं, कानून प्रवर्तन, सीमाओं पर आवाजाही की निगरानी के लिए सटीक हवाई फोटोग्राफी के लिए किया जा सकता है। किसी भी मानव रहित क्षेत्र की निगरानी के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह सुविधा सीआईडी में कर्मियों को मास्टर पैंतरेबाजी/युद्धाभ्यास ड्रोन, एंटी ड्रोन रणनीति और क्षेत्र में आगे अनुसंधान में सहयोग करने के लिए एक प्रशिक्षण सुविधा होगी। राव ने कहा कि डीएआरसी ड्रोन सिम्युलेटर मशीन से भी लैस है। उन्होंने कहा कि ड्रोन दो दशक से अधिक समय से हैं और व्यक्तियों, वाणिज्यिक संस्थाओं और सरकारों को पता चला है कि ड्रोन का विभिन्न प्रकार से उपयोग किया जा सकता है।
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डीएआरसी की देखरेख एसपी पंकज नैन करेंगे
पुलिस महानिरीक्षक (सुरक्षा) सौरभ सिंह ने कहा कि वर्तमान में ड्रोन प्रौद्योगिकी का भविष्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी के ड्रोन या स्मार्ट ड्रोन इन-बिल्ट सेफगार्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से एकीकृत हैं जो क्षेत्र का मानचित्र बनाते हैं, वस्तुओं को ट्रैक करते हैं और विश्लेषणात्मक प्रतिक्रिया प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग इस प्रौद्योगिकी के उपयोग के माध्यम से पुलिस को विशिष्ट समाधान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि डीएआरसी की देखरेख पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा) पंकज नैन करेंगे। इस आयोजन में वर्ष 2010 के एशियाई खेलों में दो रजत पदक जीतने वाले ऐस इंडियन डबल ट्रैप शूटर रोंजन सोढ़ी भी उपस्थित थे। रोंजन सोढ़ी को अर्जुन पुरस्कार और राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से भी नवाजा गया है। इस अवसर पर ट्रैप शूटिंग और ड्रोन युद्धाभ्यास की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक (सुरक्षा) सौरभ सिंह, पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यमंत्री उड़दस्ता) राजेंद्र कुमार, डीआईजी (सुरक्षा) मनीष चौधरी, पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा) पंकज नैन और हामिद अख्तर, पुलिस अधीक्षक (इंटेलिजेंस) राजेश कालिया और पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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