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Panchkula News: कालका में हड़ताल का रहा आंशिक असर
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कालका। सीधे एसएमओ की भर्ती करने के विरोध में कालका अस्पताल में दूसरे दिन हड़ताल का आंशिक असर देखने को मिला। अस्पताल में मंगलवार को ईएनटी, बालरोग विशेषज्ञ और स्त्री रोग विशेषज्ञों के न होने से लोगों को कुछ परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं मेडिसिन, होमयोपैथिक और आयुर्वेदिक ओपीडी सामन्य रूप से चलती रही। अस्पताल की ओर से बताया गया कि स्त्री रोग के डॉक्टर रात की शिफ्ट में इमरजेंसी में सेवा देंगे। मंगलवार को दोपहर 3 बजे तक ओपीडी में करीब 378 मरीज पहुंचे थे।
पिंजाैर से दो डाॅक्टर आने पर मोरनी में मरीजों को नहीं हुई परेशानी
मोरनी/रायपुररानी। मोरनी स्वास्थ्य केंद्र में भी स्थायी मेडिकल अफसर सहित एक अन्य डॉक्टर हड़ताल पर रहे। इसके बावजूद मरीजों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल की स्थिति से निपटने के लिए पिंजौर ब्लॉक से दो अस्थायी डॉक्टर मोरनी भेजे। दोनों डॉक्टरों ने मंगलवार को निर्धारित समय के अनुसार सुबह और शाम की ओपीडी में मरीजों की जांच की। ओपीडी पूर्व की तरह सामान्य रूप से चलती रही और स्वास्थ्य सेवाएं जारी रहीं। रायपुररानी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और आसपास के पीएचसी में पहले दिन कुछ सेवाएं बाधित रहीं, लेकिन एनएचएम, कंसलटेंट और आयुर्वेदिक डॉक्टरों ने तुरंत मोर्चा संभाला और मरीजों की देखभाल चालू रखीं। प्रवर चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव गोयल ने बताया कि एसएमओ की सीधी भर्ती से उत्पन्न समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना जरूरी है।
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पिंजाैर से दो डाॅक्टर आने पर मोरनी में मरीजों को नहीं हुई परेशानी
मोरनी/रायपुररानी। मोरनी स्वास्थ्य केंद्र में भी स्थायी मेडिकल अफसर सहित एक अन्य डॉक्टर हड़ताल पर रहे। इसके बावजूद मरीजों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल की स्थिति से निपटने के लिए पिंजौर ब्लॉक से दो अस्थायी डॉक्टर मोरनी भेजे। दोनों डॉक्टरों ने मंगलवार को निर्धारित समय के अनुसार सुबह और शाम की ओपीडी में मरीजों की जांच की। ओपीडी पूर्व की तरह सामान्य रूप से चलती रही और स्वास्थ्य सेवाएं जारी रहीं। रायपुररानी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और आसपास के पीएचसी में पहले दिन कुछ सेवाएं बाधित रहीं, लेकिन एनएचएम, कंसलटेंट और आयुर्वेदिक डॉक्टरों ने तुरंत मोर्चा संभाला और मरीजों की देखभाल चालू रखीं। प्रवर चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव गोयल ने बताया कि एसएमओ की सीधी भर्ती से उत्पन्न समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना जरूरी है।
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