पंचकूला। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि राज्य में ऑक्सीवन स्थापित करने की अवधारणा के तहत पंचकूला राज्य का पहला जिला है, जहां इसे 100 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जा रहा है। प्रदेश के हर जिले में ऑक्सीवन स्थापित किए जाने हैं, ताकि प्राकृतिक ऑक्सीजन की कमी ना रहे। विस अध्यक्ष रविवार को एचएमटी पिंजौर में स्थित संत विवेकानंद मिलेनियम स्कूल में 72वें जिला स्तरीय वन महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 72वें वन महोत्सव पर चंडीगढ़ से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने वन महोत्सव पर जिले और प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने अपील की कि वह अधिक से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण को स्वच्छ रखने में योगदान दें। इससे पूर्व ज्ञानचंद गुप्ता ने स्कूल परिसर में पौधरोपण किया और स्कूल की विकासात्मक गतिविधियों के लिए 2.50 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ऑक्सीवन के कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कोरोना कम हुआ है पर अभी समाप्त नहीं हुआ है। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए ऑक्सीजन की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने अपील की है कि वे कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं। गुप्ता ने स्कूल द्वारा वन महोत्सव पर आधारित चित्रकला व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इससे पूर्व जिला वन अधिकारी, पिंजौर वन मंडल बीएस राघव ने बताया कि जिले में इस वर्ष 20 लाख पौधे वन क्षेत्र में लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा सरपंच और गांववासियों की सहायता से पांच लाख पौधे पंचायती जमीन पर लगाए जाएंगे। सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के माध्यम से 55 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 2.50 लाख पौधे वितरित किए जाएंगे। इस अवसर पर एसडीएम कालका राकेश संधु, जिला उपाध्यक्ष उमेश सूद, सीआरपीएफ के कमांडेंट जितेंद्र मोहन, संत विवेकानंद मिलेनियम स्कूल के प्रिंसिपल पीयूष पूंज सहित स्कूल के अध्यापक व विद्यार्थी उपस्थित थे।