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Panchkula News: नाव घर तक नहीं पहुंच पाई तो महिलाओं को सेना चारपाई पर ही उठा लाई
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब में बाढ़ का कहर लोगों पर भारी पड़ रहा है। घरों में फंसे लोगों को अपनी जान बचानी मुश्किल हो रही है। ऐसे लोगों को सकुशल निकालने और उन तक राहत व बचाव सामग्री पहुंचाने के लिए सेना, वायुसेना और बीएसएफ को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।
एक महिला मरीज अपने पति और बेटी के साथ अजनाला के गांव सम्मोवाल में फंस गए। महिला हृदय रोगी थी और बाढ़ के मौजूदा हालात देखकर उसकी तबीयत बिगड़ने लगी थी। घबराहट की वजह से उसे सांस लेने में भी काफी दिक्कत हो रही थी जबकि घर का सामान भी डूब चुका था। बचाव कार्याें में जुटी सेना को इस बारे में सूचना मिली जिसके बाद वेस्टर्न कमांड के अधीनस्थ खड़ग कोर के जवानों को रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए भेजा गया।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना के सामने उस वक्त दिक्कत आई जब किन्ही कारणों से उनकी नाव मरीज महिला के घर तक नहीं पहुंच पाई। इसके बाद सेना के जवान नाव को 300 मीटर दूर छोड़ पानी से निकलकर घर तक पहुंचे।
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सेना के एक अधिकारी ने बताया कि जवानों ने पहले तो महिला मरीज और उनके परिजनों को सुरक्षित निकालने का ढांढस बांधा। जब महिला मरीज की हालत थोड़ी सामान्य हुई तो जवानों ने उसे व उसकी बेटी को चारपाई पर बैठाकर कंधों पर उठा लिया और उन्हें जरूरी सामान समेत अपनी नाव तक लेकर आए। उसके बाद महिला को इलाज के लिए अमृतसर तक पहुंचाया गया।
बीएसएफ ने 50 लोगों को बचाया
बचाव अभियान के दौरान बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) ने भी पंजाब के विभिन्न गांवों से करीब 50 लोगों को बचाया। कई इलाकों में फंसे लोगों तक बीएसएफ जवानों ने पानी व अन्य राहत सामग्री भी पहुंचाई। सूचना मिलने के बाद बीएसएफ के जवानों ने फिरोजपुर के निहाला लावेरा गांव, धीरा घारा व ताली गुलाम गांव से लोगों को नावों के जरिये सकुशल बचाया। इस दौरान बीएसएफ के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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चंडीगढ़। पंजाब में बाढ़ का कहर लोगों पर भारी पड़ रहा है। घरों में फंसे लोगों को अपनी जान बचानी मुश्किल हो रही है। ऐसे लोगों को सकुशल निकालने और उन तक राहत व बचाव सामग्री पहुंचाने के लिए सेना, वायुसेना और बीएसएफ को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।
एक महिला मरीज अपने पति और बेटी के साथ अजनाला के गांव सम्मोवाल में फंस गए। महिला हृदय रोगी थी और बाढ़ के मौजूदा हालात देखकर उसकी तबीयत बिगड़ने लगी थी। घबराहट की वजह से उसे सांस लेने में भी काफी दिक्कत हो रही थी जबकि घर का सामान भी डूब चुका था। बचाव कार्याें में जुटी सेना को इस बारे में सूचना मिली जिसके बाद वेस्टर्न कमांड के अधीनस्थ खड़ग कोर के जवानों को रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए भेजा गया।
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इस रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना के सामने उस वक्त दिक्कत आई जब किन्ही कारणों से उनकी नाव मरीज महिला के घर तक नहीं पहुंच पाई। इसके बाद सेना के जवान नाव को 300 मीटर दूर छोड़ पानी से निकलकर घर तक पहुंचे।
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सेना के एक अधिकारी ने बताया कि जवानों ने पहले तो महिला मरीज और उनके परिजनों को सुरक्षित निकालने का ढांढस बांधा। जब महिला मरीज की हालत थोड़ी सामान्य हुई तो जवानों ने उसे व उसकी बेटी को चारपाई पर बैठाकर कंधों पर उठा लिया और उन्हें जरूरी सामान समेत अपनी नाव तक लेकर आए। उसके बाद महिला को इलाज के लिए अमृतसर तक पहुंचाया गया।
बीएसएफ ने 50 लोगों को बचाया
बचाव अभियान के दौरान बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) ने भी पंजाब के विभिन्न गांवों से करीब 50 लोगों को बचाया। कई इलाकों में फंसे लोगों तक बीएसएफ जवानों ने पानी व अन्य राहत सामग्री भी पहुंचाई। सूचना मिलने के बाद बीएसएफ के जवानों ने फिरोजपुर के निहाला लावेरा गांव, धीरा घारा व ताली गुलाम गांव से लोगों को नावों के जरिये सकुशल बचाया। इस दौरान बीएसएफ के अधिकारी भी मौजूद रहे।