{"_id":"6a84ba38a3f63490d307140d","slug":"the-road-on-the-banks-of-alipur-khatauli-bridge-was-cut-off-due-to-the-strong-flow-of-water-panchkula-news-c-290-1-pkl1067-24567-2026-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: पानी के तेज बहाव से अलीपुर खटौली पुल के किनारे सड़क कटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: पानी के तेज बहाव से अलीपुर खटौली पुल के किनारे सड़क कटी
विज्ञापन
बरसात में पुल का सड़क किनारा बहने से हादसे का खतरा, पुलिस ने यातायात रोका
संवाद न्यूज एजेंसी
बरवाला। भारी बारिश के बाद अलीपुर खटौली नदी में तेज बहाव से पुल को जोड़ने वाला सड़क का किनारा बहने से मार्ग दोफाड़ हो गया। ग्रामीणों ने यातायात रोककर संभावित हादसा टाल दिया। सूचना मिलते ही बरवाला पुलिस चौकी प्रभारी गुरपाल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर आवाजाही बंद करवाई। पीडब्ल्यूडी विभाग को भी सूचना दी गई।
गांव खटोली के पूर्व सरपंच नाथूराम, ब्रह्मपाल राणा, दर्शन सिंह, शिवराम, गोपाल राणा और पदम सिंह ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी बारिश में पुल का किनारा बह गया था। उस समय मिट्टी भरकर अस्थायी मरम्मत कर दी गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि किनारे को पत्थरों से मजबूत करने और पानी की टक्कर वाले हिस्से को सुरक्षित करने के लिए स्थायी उपाय नहीं किए गए। उनका कहना है कि बरसात से पहले उचित इंतजाम नहीं होने के कारण इस बार भी पुल का किनारा बह गया। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए जांच और स्थायी समाधान की मांग की। पीडब्ल्यूडी के जिला कार्यकारी अभियंता आशीष चौहान ने बताया कि नदी में तेज बहाव के कारण पुल की अप्रोचमेंट की मिट्टी बह गई है। इसे जल्द ठीक करवा दिया जाएगा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरवाला। भारी बारिश के बाद अलीपुर खटौली नदी में तेज बहाव से पुल को जोड़ने वाला सड़क का किनारा बहने से मार्ग दोफाड़ हो गया। ग्रामीणों ने यातायात रोककर संभावित हादसा टाल दिया। सूचना मिलते ही बरवाला पुलिस चौकी प्रभारी गुरपाल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर आवाजाही बंद करवाई। पीडब्ल्यूडी विभाग को भी सूचना दी गई।
गांव खटोली के पूर्व सरपंच नाथूराम, ब्रह्मपाल राणा, दर्शन सिंह, शिवराम, गोपाल राणा और पदम सिंह ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी बारिश में पुल का किनारा बह गया था। उस समय मिट्टी भरकर अस्थायी मरम्मत कर दी गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि किनारे को पत्थरों से मजबूत करने और पानी की टक्कर वाले हिस्से को सुरक्षित करने के लिए स्थायी उपाय नहीं किए गए। उनका कहना है कि बरसात से पहले उचित इंतजाम नहीं होने के कारण इस बार भी पुल का किनारा बह गया। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए जांच और स्थायी समाधान की मांग की। पीडब्ल्यूडी के जिला कार्यकारी अभियंता आशीष चौहान ने बताया कि नदी में तेज बहाव के कारण पुल की अप्रोचमेंट की मिट्टी बह गई है। इसे जल्द ठीक करवा दिया जाएगा।
विज्ञापन