पंजाब और हरियाणा में फिर बढ़ा कोरोना संक्रमण, दोनों प्रदेशों में 45 मरीजों की मौत
हरियाणा में कई दिन बाद फिर से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा एकदम से बढ़कर 2 हजार से पार हो गया है। पिछले चौबीस घंटे में 2064 नए संक्रमित मरीज सामने आए हैं, जबकि 1570 मरीज ठीक हुए हैं। 23 मरीजों ने दम तोड़ दिया है। 260 मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। गुरुग्राम में तीन, फरीदाबाद में दो, हिसार में एक, अंबाला में दो, रोहतक में दो, पंचकूला में एक, कुरुक्षेत्र में एक, सिरसा में एक, भिवानी में तीन, फतेहाबाद में चार और जींद में तीन मरीजों ने दम तोड़ दिया है। 200695 लोगों को एहतियातन मेडिकल सर्विलांस के दायरे में रखा गया है।
हरियाणा में पिछले चौबीस घंटे में गुरुग्राम में 555, फरीदाबाद में 372, सोनीपत में 129, हिसार में 192, अंबाला में 22, करनाल में 28, पानीपत में 43, रोहतक में 79, रेवाड़ी में 108, पंचकूला में 50, कुरुक्षेत्र में 65, यमुनानगर में 23, सिरसा में 61, महेंद्रगढ़ में 63, भिवानी में 33, झज्जर में 49, पलवल में 38, फतेहाबाद में 80, कैथल में 17, जींद में 45, नूहं में 12 नए मरीज सामने आए हैं।
24.64 लाख मरीजों के स्वास्थ्य की हो चुकी है जांच : विज
हरियाणा के स्वास्थ्य एवं गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि कोरोना काल के दौरान प्रदेश में लोगों की जांच के लिए 532 मोबाइल स्वास्थ्य टीमों का गठन किया गया था। इससे करीब 24.64 लाख मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई। सदन में एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर विज ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान जब रोगी इलाज के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में असमर्थ हो रहे थे तो विभाग ने पूरे प्रदेश में रोगियों, बुजुर्गों, बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं तक मोबाइल हेल्थ टीम की सहायता पहुंचाई तथा जरूरतमंद लोगों को दवाएं व अन्य आवश्यक सुविधाओं की आपूर्ति करवाई गई, परंतु स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा वर्तमान में सभी सेवाएं, ओपीडी, आईपीडी, सर्जरी इत्यादि की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा ओपीडी सेवाओं को रोकने या बंद करने के कोई आदेश नहीं जारी किए। हालांकि कोविड महामारी की शुरुआत से ही सभी चिकित्सा संस्थाओं द्वारा मेडिकल लीगल सेवाओं के साथ-साथ आपातकालीन सेवाएं तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं लगातार दी जा रही हैं।
विज ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा ऐतिहात के तौर पर उठाए गए कदमों के फलस्वरूप आज प्रदेश में कोरोना की रिकवरी दर 90.84 प्रतिशत है, जबकि इसके दोगुना होने की दर 54 दिन तथा मृत्यु दर मात्र 1.05 प्रतिशत है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता के चलते इस दौरान संस्थागत डिलीवरी भी 95 प्रतिशत रही है तथा वर्ष 2013-14 में जो मातृ मृत्यु दर 127 थी वह अब मात्र 91 तक पहुंच गई है। इसी प्रकार वर्ष 2013-14 में एनएमआर 26 से घटकर अब 22 रह गई है व आईएमआर 41 से घटकर 30 हो गई है।
पंजाब में कोरोना से 22 की मौत, 541 नए मामले आए
पंजाब में कोरोना से मौतों का सिलसिला जारी है। गुरुवार को राज्य में कोरोना से 22 और लोगों की जान चली गई। इसके साथ ही सूबे में वायरस से मरने वालों की संख्या 4281 पहुंच गई है। इसके अलावा 541 नए मामले भी सामने आए हैं। राज्य में अब तक 1,35,834 लोग कोविड-19 की चपेट में आ चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक पंजाब में संदिग्ध मामलों की संख्या 26,87, 429 पहुंच गई है। जिनमें पॉजिटिव मरीजों की संख्या 1, 35, 834 दर्ज की गई है। 1,26, 932 लोग ठीक हो चुके हैं। सांस लेने में परेशानी होने पर 125 संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट और 14 लोगों की हालत गंभीर होने पर वेंटिलेटर पर रखा गया है।
संक्रमण से मौतों के मामले में लुधियाना नंबर वन बना हुआ है। वहां अब तक 845 लोग संक्रमण से मौत का शिकार हो चुके हैं। जालंधर में 477 और पटियाला में 382 लोग कोरोना से दम तोड़ चुके हैं। गुरुवार को एसएएस नगर में 6, फरीदकोट और जालंधर में 4-4, लुधियाना में 2 और अमृतसर, फिरोजपुर, गुरदासपुर, होशियारपुर, कपूरथला और रोपड़ में 1-1 व्यक्ति की मौत हुई है।